क्यों टूटा बाजार?
सोमवार (19 जनवरी) को कमजोर अंतरराष्ट्रीय संकेतों और मुनाफावसूली के दबाव के चलते भारतीय शेयर बाजार में चौतरफा बिकवाली देखने को मिली। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही करीब 0.80% की गिरावट के साथ बंद हुए। कारोबार के दौरान सेंसेक्स 700 अंक टूटकर 82,898.31 के स्तर तक पहुंच गया, जबकि निफ्टी 25,494.35 पर फिसल गया।
दिग्गज शेयरों ने बढ़ाई चिंता
तीसरी तिमाही के नतीजों के बाद रिलायंस, ICICI बैंक और HDFC बैंक जैसे बड़े शेयरों में जोरदार बिकवाली देखने को मिली। कमजोर नतीजों से निवेशकों की उम्मीदों को झटका लगा, जिसका सीधा असर बाजार पर पड़ा।
निवेशकों को 2 लाख करोड़ से ज्यादा का नुकसान
बीएसई मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स भी करीब 1% तक गिर गए। इस गिरावट के चलते निवेशकों को 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान झेलना पड़ा। बीएसई में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप पिछले सत्र के 468 लाख करोड़ रुपये से घटकर 466 लाख करोड़ रुपये से नीचे आ गया।
ट्रंप की धमकी बनी बड़ी वजह
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा 8 यूरोपीय देशों पर भारी टैरिफ लगाने की धमकी ने वैश्विक बाजारों में बेचैनी बढ़ा दी। इसके साथ ही FII की लगातार बिकवाली और बजट से पहले निवेशकों की सतर्कता ने भी बाजार पर दबाव बनाए रखा।
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