MP में एक बार फिर आएगा कड़ाके की सर्दी का दौर… जनवरी के अंत तक पड़ेगी हाड़ कपाने वाली ठंड..जानें अभी और कितने दिन रहेगा मौसम ठंडा

Madhya Pradesh for the past few days

भोपाल। मध्य प्रदेश में बीते कुछ दिनों से जारी कड़ाके की सर्दी के बीच अब लोगों को कुछ राहत महसूस हो रही है। प्रदेश में न्यूनतम तापमान में पिछले दो दिनों के दौरान लगभग 4 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सुबह और शाम की ठिठुरन में कमी आई है, वहीं दिन के समय धूप निकलने से लोगों को सर्दी से कुछ राहत मिली है। हालांकि, मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि यह राहत ज्यादा दिनों तक टिकने वाली नहीं है और जनवरी के अंतिम सप्ताह में ठंड एक बार फिर अपना असर दिखा सकती है।

– MP को कड़ाके की सर्दी से मिली राहत

– जनवरी के अंतिम सप्ताह में फिर लौटेगी ठंड

– एक बार फिर आएगा कड़ाके की सर्दी का दौर

– जनवरी के अंत तक पड़ेगी हाड़ कपाने वाली ठंड

मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में सक्रिय मौसम प्रणालियों के गुजरने के बाद उत्तर भारत से ठंडी हवाओं का प्रभाव एक बार फिर बढ़ेगा। इन ठंडी हवाओं का असर मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में देखने को मिल सकता है। फिलहाल प्रदेश में तापमान में बढ़ोतरी का कारण बादलों की आवाजाही और सक्रिय मौसम तंत्र माने जा रहे हैं।

प्रदेश के ऊपर सक्रिय हैं दो बड़े मौसम तंत्र

मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, इस समय मध्य प्रदेश के ऊपर दो प्रमुख मौसम प्रणालियां सक्रिय हैं। एक ओर पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टरबेंस) का असर बना हुआ है, वहीं दूसरी ओर साइक्लोनिक सर्कुलेशन भी सक्रिय है। इन दोनों मौसम तंत्रों के कारण प्रदेश के कई जिलों में बादल छाए हुए हैं, जिससे रात के तापमान में अत्यधिक गिरावट नहीं हो रही है।

इसी बीच 21 जनवरी को एक मजबूत पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत में प्रवेश करने की संभावना है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि यह सिस्टम 23 जनवरी के बाद ज्यादा प्रभावी हो सकता है, जिससे उत्तर भारत के कई राज्यों में मौसम बिगड़ सकता है।

उत्तर भारत में बिगड़ेगा मौसम, मप्र पर भी पड़ेगा असर

मौसम विभाग के अनुसार, 23 जनवरी के बाद जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। इन राज्यों में बारिश और पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी की संभावना जताई जा रही है। इस पश्चिमी विक्षोभ का असर मध्य प्रदेश के उत्तरी हिस्सों में भी दिखाई दे सकता है।

विशेषकर ग्वालियर-चंबल अंचल और आसपास के इलाकों में ठंडी हवाओं की रफ्तार बढ़ने से तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है। इसके चलते एक बार फिर ठंड बढ़ने के आसार हैं।

इन संभागों में बादल और हल्की बारिश के संकेत

मौसम विभाग ने ग्वालियर, चंबल, रीवा और सागर संभाग में बादल छाने के साथ हल्की बारिश की संभावना जताई है। हालांकि, अभी किसी तरह का चेतावनी अलर्ट जारी नहीं किया गया है।

सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन के अनुसार, फिलहाल अगले चार दिनों तक प्रदेश में किसी भी प्रकार का मौसम अलर्ट नहीं है। उन्होंने बताया कि आने वाला पश्चिमी विक्षोभ तीव्र हो सकता है, लेकिन इसकी सटीक स्थिति अगले दो-तीन दिनों में और स्पष्ट हो जाएगी। मौसम विभाग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

लोगों को सतर्क रहने की सलाह

मौसम वैज्ञानिकों ने लोगों को सलाह दी है कि भले ही फिलहाल सर्दी से राहत मिल रही हो, लेकिन आने वाले दिनों में तापमान में फिर गिरावट हो सकती है। ऐसे में बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।

कुल मिलाकर, मध्य प्रदेश में सर्दी से मिली राहत अस्थायी है। जनवरी के अंतिम सप्ताह में मौसम एक बार फिर करवट ले सकता है और ठंड अपने पुराने तेवर दिखा सकती है।

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