कुल्लू और कांगड़ा में बादल फटने से मचा हड़कंप
बुधवार को हिमाचल प्रदेश Himachal pradesh के कुल्लू और कांगड़ा जिलों में 5 स्थानों पर बादल फटने की घटनाएं हुईं, जिससे स्थानीय नदियों और नालों में अचानक बाढ़ आ गई। इससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया और भारी तबाही मची है। जीवा नाला (सैंज), शिलागढ़ घाटी, स्त्रो गैलरी (मनाली), होरनगढ़ (बंजार) और धर्मशाला के खनियारा क्षेत्र सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं।
मलबे में बह गए मजदूर और मशीनरी, तीन शव बरामद
खनियारा में मनूणी नाले के उफान पर आने से कई मजदूर और भारी मशीनें तेज बहाव में बह गईं। अब तक तीन शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि लापता लोगों की तलाश जारी है। एक मजदूर को आज सुबह सुरक्षित रेस्क्यू किया गया है।
कुल 7 लोग अब भी लापता, सर्च ऑपरेशन जारी
कुल्लू जिले के जीवा नाला के पास बिहाली गांव से 3 लोग लापता हैं, जिनमें नंद लाल, उनकी बेटी मूर्ति देवी और रैला गांव की यान दासी शामिल हैं। यान दासी अपनी बेटी के घर आई हुई थीं। वहीं धर्मशाला के खनियारा में भी 4 मजदूर अब भी लापता हैं। NDRF और SDRF की टीमें तलाशी अभियान में जुटी हैं।
टूरिज्म पर भी संकट, 2 हजार सैलानी फंसे
लगातार हो रही बारिश और बादल फटने की घटनाओं के कारण राज्य के कई क्षेत्रों में सड़क मार्ग बंद हो गया है। इससे लगभग 2 हजार टूरिस्ट अलग-अलग स्थानों पर फंस गए हैं। प्रशासन उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की कोशिश कर रहा है।
डैम से पानी छोड़े जाने का अलर्ट, लोगों को सतर्क रहने की अपील
प्रशासन ने पहाड़ी इलाकों में और बारिश की संभावना को देखते हुए बांधों से पानी छोड़े जाने की चेतावनी दी है। निचले क्षेत्रों के लोगों को सतर्क रहने को कहा गया है। नदी किनारे जाने से बचने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।