उत्तरभारत में मानसून हुआ आउट आफ कंट्रोल…पंजाब में बाढ़ का कहर…हेलिकॉप्टर से छत पर फंसे 25 लोग बचाए, जम्मू में 22 ट्रेन रद्द
पहाडों पर हो रही भारी बारिश से हालात लगातार बिगडते जा रही है। मूसलाधार बारिश की वज़ा से व्यास नदी उफान पर है। मनाली में बारिश के बाद लोगों की हालत बिगड गई। हाइवे पर सैलाब बह रहा है। वही ओल्ड मनाली से बुर्वा सडक संपर्क मार्ग भी बग गया है। व्यास नदी और मनाली के नाले का जलस्तर काफी ज्यादा बढ़ गया है। वही प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि नदी नालों के पास ना जाएं। क्योंकि पानी का तेज बहाव नदी पर नजर आ रहा है।
- हेलिकॉप्टर उतरा छत पर… फिर ढह गई बिल्डिंग
- पहाड़ से रेगिस्तान तक बारिश से त्राहिमाम त्राहिमाम
- जम्मू में 100 साल में पहली बार ऐसी तबाही
- बादल फटे..पहाड़ धंसे
- वॉटर बम…मैदान से पहाड़ तक मचा हड़कंप
कुल्लू की तस्वीरें हैरान कर रही है। ब्यास नदी का कहर इसकदर लोगों के पर भी मुसीबत बन कर टूट रहा है कि लोगों की जान तक पर बन आई है। प्रशासन लगातार अपील कर रहा है। नदी नालों से दूर रहे खासतोर पर से निचले इलाके में जितने भी फंले हुए लोगों है उन पर भी ये कहर ब्यास नदी का बरपा है। इनमें भी रैस्क्यू किया जा रहा है। प्रशासन की टीम की ओर से लगातार रेस्क्यू चलाया जा रहा है। हालांकि जल प्रवाह इतना ज्यादा तेज है कि कई जगहों पर सडक मार्ग भी बाधित हो गया।
उधर पंजाब में निरंतर बारिश से हालात ओर अधिक बेकाबू होते जा रहे हैं। बुधवार 27 अगस्त को माधोपुर हेडवर्क्स सेक्टर में सेना ने एक जर्जर भवन की छत पर फंसे CRPF के 22 जवानों और तीन स्थानीय नागरिकों को किसी तरह हेलिकॉप्टर से रेस्क्यू किया। जैसे ही सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। बिल्डिंग का अगला हिस्सा अचानक भरभराकर पानी में समा गया।
इस रोमांचक ऑपरेशन का वीडियो भारतीय सेना ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा किया, जिसे देखकर लोगों ने जवानों के साहस को सलाम किया।
ऑपरेशन जारी रखा…
राहत की बात यह रही कि बिल्डिंग ढहने के बाद भी सेना ने रेस्क्यू ऑपरेशन रोका नहीं और बचाव दल ने बेहद जोखिम उठाते हुए वहां फंसे सभी लोगों की जान बचा ली। यह ऑपरेशन साबित करता है कि प्राकृतिक आपदाओं में भी भारतीय सेना जनता के लिए ढाल बनकर खड़ी रहती है।
पंजाब में हालात गंभीर, स्कूल बंद
लगातार बारिश ने पंजाब के 7 जिलों को बुरी तरह प्रभावित किया है। कई जगह सड़कों पर नदी जैसी स्थिति है। प्रशासन ने 30 अगस्त तक सभी स्कूल बंद करने का आदेश जारी किया है।
बाढ़ प्रभावित इलाकों में सेना और NDRF की टीमें लगातार राहत व बचाव कार्य में लगी हैं।
रेलवे पर भी असर: 22 ट्रेन रद्द
बारिश और लैंडस्लाइड का असर रेलवे सेवाओं पर भी पड़ा है। जम्मू और कटरा रेलवे स्टेशनों से चलने वाली या वहां रुकने वाली कुल 22 ट्रेनें बुधवार को कैंसिल कर दी गईं।
इससे पहले मंगलवार को 27 ट्रेनों की यात्रा बीच रास्ते में ही रोक दी गई थी। यात्रियों को बड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
जम्मू-कश्मीर में भी आफत
पिछले चार दिनों से लगातार बारिश ने जम्मू-कश्मीर में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। मंगलवार को कई इलाकों में बादल फटने की घटनाएं हुईं। कटरा में वैष्णो देवी मंदिर जाने वाले मार्ग पर लैंडस्लाइड में 30 श्रद्धालुओं की मौत हो चुकी है। डोडा जिले में बादल फटने और भूस्खलन से 4 लोगों की जान चली गई। स्थिति गंभीर बनी हुई है और प्रशासन ने यात्रियों को सावधानी बरतने की अपील की है।
उत्तराखंड और हिमाचल में बाढ़ का कहर
बारिश का असर उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में भी साफ दिख रहा है। उत्तराखंड के उत्तरकाशी में यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने से दर्जनों घर और होटल पहले माले तक पानी में डूब गए। लोग सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं। हिमाचल प्रदेश में मंगलवार को कुल्लू, मनाली और मंडी जिले सबसे ज्यादा प्रभावित हुए। ब्यास नदी के तेज बहाव में 20 से ज्यादा घर और दुकानें बह गईं, जबकि कई रेस्टोरेंट नदी में समा गए।
देशभर में बाढ़-बारिश के हालात
हिमाचल के ओल्ड मनाली में – मंगलवार को पानी के तेज बहाव में एक मकान देखते ही देखते नदी में समा गया। आसपास मौजूद लोग घटना देखकर दहशत में आ गए। पंजाब के पठानकोट में – मंगलवार को भारी बारिश और बाढ़ में फंसे लोगों को सेना और NDRF ने सुरक्षित बाहर निकाला। इन तस्वीरों ने साफ कर दिया है कि मौसम की मार से उत्तर भारत के कई राज्य इस समय आपातकालीन स्थिति में हैं।
प्रशासन अलर्ट पर, लोगों से घरों में रहने की अपील
राज्य सरकारों ने प्रभावित जिलों में रेस्क्यू कैंप और राहत केंद्र बनाए हैं। साथ ही प्रशासन ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि लोग अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें और नदियों-झीलों के किनारे जाने से बचें। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और सेना की टीमें लगातार राहत कार्य में लगी हुई हैं।
उत्तर भारत पर भारी बारिश की मार
पंजाब, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड – चारों राज्यों में भारी बारिश और बाढ़ ने जनजीवन ठप कर दिया है। एक तरफ पंजाब में सेना ने हेलिकॉप्टर उतारकर 25 लोगों की जान बचाई, वहीं दूसरी ओर जम्मू में 22 ट्रेनों के रद्द होने और वैष्णो देवी हादसे ने चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन की वजह से इस तरह की घटनाओं की आवृत्ति बढ़ रही है। ऐसे में सरकारों और प्रशासन को आपदा प्रबंधन की योजनाओं को और मजबूत करना होगा, ताकि भविष्य में ऐसी आपदाओं में जान-माल का नुकसान कम से कम हो।





