पश्चिम बंगाल में SIR:लिस्ट से 58 लाख से अधिक वोटर्स हुए बाहर… EC ने जारी की मतदाता सूची…

SIR in West Bengal

पश्चिम बंगाल में SIR: आयोग ने जारी की मतदाता सूची…92.4 प्रतिशत डिजिटलीकरण पूरा

कोलकाता, भारत निर्वाचन आयोग द्वारा पश्चिम बंगाल में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) 2026 की प्रक्रिया के तहत प्रारूप मतदाता सूची जारी कर दी गई। इस सूची के प्रकाशन के साथ ही राज्य में मतदाता सूची के अद्यतन और शुद्धिकरण की एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया आगे बढ़ गई है। निर्वाचन आयोग के अनुसार, SIR के प्रथम चरण में पश्चिम बंगाल के कुल 7 करोड़ 66 लाख 37 हजार 529 मतदाताओं को शामिल किया गया है।

आयोग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, इन मतदाताओं में से 7 करोड़ 8 लाख 16 हजार 616 मतदाताओं के एन्यूमरेशन फॉर्म (गणना प्रपत्र) को सफलतापूर्वक डिजिटाइज कर लिया गया है। इस प्रकार, राज्य में कुल 92.4 प्रतिशत एन्यूमरेशन फॉर्म का डिजिटलीकरण पूरा हो चुका है, जिसे निर्वाचन प्रक्रिया की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। डिजिटलीकरण से न केवल डेटा की शुद्धता बढ़ेगी, बल्कि भविष्य में मतदाता सूची के प्रबंधन और अद्यतन में भी आसानी होगी।

SIR प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची की गहन समीक्षा की गई, जिसके परिणामस्वरूप 58 लाख से अधिक नामों को सूची से हटाया गया है। ये नाम मुख्य रूप से ऐसे मतदाताओं के थे, जो लंबे समय से अनुपस्थित पाए गए, अपना निवास स्थान बदल चुके थे, जिनकी मृत्यु हो चुकी थी या जिनके नाम दोहराव (डुप्लीकेट) के रूप में दर्ज थे। निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि यह कदम मतदाता सूची को अधिक पारदर्शी, सटीक और विश्वसनीय बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है।

इसके अतिरिक्त, 31 लाख 38 हजार 374 मतदाताओं के नाम वर्ष 2002 की मतदाता सूची से मैप नहीं हो पाए हैं। ऐसे मतदाताओं के लिए सुनवाई (हियरिंग) की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, जो आज से आरंभ होकर 7 फरवरी 2026 तक चलेगी। इस दौरान संबंधित मतदाताओं को अपना पक्ष रखने और आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने का अवसर दिया जाएगा, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई भी योग्य मतदाता सूची से वंचित न रहे।

निर्वाचन आयोग ने यह भी बताया है कि जिन नागरिकों के नाम प्रारूप मतदाता सूची में नहीं पाए गए हैं, वे फॉर्म-6 भरकर अपना नाम शामिल कराने के लिए आवेदन कर सकते हैं। यह फॉर्म संबंधित बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) के पास जमा किया जा सकता है। इसके अलावा, मतदाता voters.eci.gov.in वेबसाइट या ECINET मोबाइल ऐप के माध्यम से भी ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आयोग ने नागरिकों से अपील की है कि वे समय रहते अपनी जानकारी की जांच कर लें और यदि कोई त्रुटि हो तो निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार उसे ठीक कराएं।

प्रारूप मतदाता सूची को देखने और जांचने के लिए कई माध्यम उपलब्ध कराए गए हैं। मतदाता यह सूची voters.eci.gov.in वेबसाइट, ECINET ऐप, भारत निर्वाचन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट, मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) पश्चिम बंगाल की वेबसाइट, तथा स्थानीय प्रशासनिक कार्यालयों जैसे BDO (ब्लॉक विकास अधिकारी), SDO (उपखंड अधिकारी), DM (जिलाधिकारी) कार्यालय या अन्य स्थानीय सरकारी कार्यालयों में भी देख सकते हैं। इसके साथ ही संबंधित जिले की आधिकारिक वेबसाइट पर भी प्रारूप सूची उपलब्ध कराई गई है।

निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि प्रारूप सूची पर प्राप्त आपत्तियों, दावों और सुनवाई की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अंतिम मतदाता सूची 14 फरवरी 2026 को प्रकाशित की जाएगी। अंतिम सूची के प्रकाशन के बाद ही इसे आगामी चुनावों के लिए मान्य मतदाता सूची माना जाएगा। राज्य के चुनावी परिदृश्य को देखते हुए यह प्रक्रिया बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि SIR 2026 के तहत की जा रही यह व्यापक कवायद न केवल मतदाता सूची की गुणवत्ता में सुधार लाएगी, बल्कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया को और अधिक मजबूत भी करेगी। निर्वाचन आयोग ने सभी पात्र नागरिकों से अपील की है कि वे इस प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भाग लें और सुनिश्चित करें कि उनका नाम सही विवरण के साथ मतदाता सूची में दर्ज हो।

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