भारतीय टी20 टीम की कमान संभालने के बाद श्रेयस अय्यर के लिए शुरुआती सफर उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा है। आयरलैंड के खिलाफ दो मैचों की टी20 सीरीज में भारत को 0-2 से हार का सामना करना पड़ा था और अब इंग्लैंड दौरे पर भी टीम के प्रदर्शन ने सवाल खड़े कर दिए हैं। पांच मैचों की टी20 सीरीज का पहला मुकाबला बारिश के कारण पूरा नहीं हो सका, जबकि मैनचेस्टर में खेले गए अगले मैच में इंग्लैंड ने भारत को चार विकेट से शिकस्त दी। सूर्यकुमार यादव की जगह टी20 कप्तानी संभालने वाले अय्यर लगातार खराब नतीजों के कारण आलोचकों के निशाने पर हैं। इसी बीच पूर्व भारतीय ऑलराउंडर इरफान पठान ने टीम इंडिया के बल्लेबाजी संयोजन पर सवाल उठाते हुए रजत पाटीदार को टी20 टीम में मौका देने की मांग की है।
टीम इंडिया में बाएं हाथ के बल्लेबाजों की भरमार के बीच इरफान पठान ने रजत पाटीदार का नाम आगे बढ़ाया
इरफान पठान का मानना है कि मौजूदा भारतीय टी20 टीम में कई बाएं हाथ के बल्लेबाज मौजूद हैं, ऐसे में बल्लेबाजी क्रम को संतुलित करने के लिए दाएं हाथ के विस्फोटक बल्लेबाज रजत पाटीदार पर विचार किया जाना चाहिए। पठान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी राय रखते हुए कहा कि भारतीय टीम को भविष्य की योजनाओं में पाटीदार को जरूर देखना चाहिए। उनके मुताबिक अगले टी20 विश्व कप से पहले टीम इंडिया के पास प्रयोग करने के लिए पर्याप्त समय है और ऐसे में शानदार घरेलू रिकॉर्ड रखने वाले खिलाड़ियों को अवसर देना जरूरी है। पठान ने उम्मीद जताई कि पाटीदार को जल्द राष्ट्रीय टी20 टीम में अपनी क्षमता दिखाने का मौका मिल सकता है।
घरेलू टी20 क्रिकेट में रजत पाटीदार के आंकड़े बताते हैं क्यों मजबूत हो रही है उन्हें टीम में शामिल करने की मांग
रजत पाटीदार ने अभी तक भारत के लिए टी20 इंटरनेशनल मैच नहीं खेला है, लेकिन घरेलू क्रिकेट के सबसे छोटे प्रारूप में उनका रिकॉर्ड बेहद प्रभावशाली रहा है। पाटीदार ने 106 टी20 पारियों में 3,389 रन बनाए हैं और उनका स्ट्राइक रेट 160.08 का रहा है। ये आंकड़े उनकी आक्रामक बल्लेबाजी की ताकत को साफ दिखाते हैं। पाटीदार तेज गेंदबाजों के साथ स्पिन आक्रमण के खिलाफ भी बड़े शॉट खेलने की क्षमता रखते हैं। यही वजह है कि उन्हें भारतीय मध्यक्रम के संभावित विकल्प के रूप में देखा जा रहा है। लगातार बदलते टी20 क्रिकेट में तेज गति से रन बनाने वाले बल्लेबाजों की अहमियत बढ़ी है और पाटीदार का रिकॉर्ड उन्हें इस दौड़ में मजबूत दावेदार बनाता है।
बल्लेबाजी के साथ कप्तानी में भी रजत पाटीदार ने छोड़ी छाप, लगातार दो IPL खिताब ने बढ़ाया कद
रजत पाटीदार की चर्चा केवल उनकी बल्लेबाजी के कारण नहीं हो रही है। कप्तान के रूप में भी उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई है। उनकी अगुवाई में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने लगातार दो बार IPL खिताब अपने नाम किया और 2026 में भी टीम चैंपियन बनी। दबाव के मुकाबलों में फैसले लेने और खिलाड़ियों का बेहतर इस्तेमाल करने की उनकी क्षमता ने क्रिकेट विशेषज्ञों का ध्यान खींचा है। ऐसे समय में जब श्रेयस अय्यर की टी20 कप्तानी शुरुआती नतीजों के कारण सवालों के घेरे में है, पाटीदार का नाम चर्चा में आना बेहद अहम माना जा रहा है। हालांकि इरफान पठान ने उन्हें कप्तानी देने की बात नहीं कही, बल्कि भारतीय टी20 टीम में बल्लेबाज के तौर पर अवसर देने की वकालत की है।
191 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए इंग्लैंड ने भारतीय गेंदबाजों पर बनाया दबाव और चार विकेट से मुकाबला जीता
मैच की बात करें तो भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 190 रन पर सात विकेट गंवाए और इंग्लैंड के सामने 191 रन का लक्ष्य रखा। भारतीय तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह ने पहले ही ओवर में दो विकेट लेकर इंग्लैंड को बड़ा झटका दिया, लेकिन इसके बाद मेजबान बल्लेबाजों ने मुकाबले की दिशा बदल दी। हैरी ब्रूक ने केवल 15 गेंदों में 39 रन की तूफानी पारी खेलकर भारतीय गेंदबाजों पर जवाबी हमला किया। वहीं जैकब बेथेल ने एक छोर संभाले रखा और 46 गेंदों में नाबाद 76 रन बनाकर इंग्लैंड की जीत की नींव मजबूत की। टॉम बैंटन ने भी 39 रन की महत्वपूर्ण पारी खेली और लक्ष्य का पीछा आसान बनाने में अहम योगदान दिया।
रवि बिश्नोई का 29 रन वाला 17वां ओवर बना मैच का टर्निंग पॉइंट, भारत के हाथ से फिसला मुकाबला
मुकाबले का सबसे बड़ा मोड़ इंग्लैंड की पारी के 17वें ओवर में आया। रवि बिश्नोई के इस ओवर में 29 रन बने और दो नो-बॉल के कारण इंग्लैंड को दो फ्री हिट भी मिलीं। इस महंगे ओवर ने भारतीय टीम पर दबाव बढ़ा दिया और मेजबान टीम ने एक ओवर बाकी रहते लक्ष्य हासिल कर लिया। इंग्लैंड ने परिस्थितियों का बेहतर इस्तेमाल करते हुए चार विकेट से जीत दर्ज की। इस हार के बाद भारतीय टी20 टीम के संयोजन और कप्तानी को लेकर चर्चा और तेज हो गई है। अब सवाल यह है कि क्या टीम मैनेजमेंट आने वाले मुकाबलों में बदलाव करेगा और क्या शानदार टी20 रिकॉर्ड रखने वाले रजत पाटीदार के लिए भारतीय टीम के दरवाजे खुलेंगे।