मोमोज की चाह….लुट गया परिवार….बच्चे ने दुकानदारों को दे दिए परिवार के लाखों के गहने
मोमोज खिलाकर नाबालिग से सोना-चांदी हड़पने वाले दुकानदार गिरफ्तार
देवरिया जिले से सामने आया एक चौंकाने वाला मामला न सिर्फ हैरान करता है, बल्कि समाज, अभिभावकों और कानून व्यवस्था के लिए भी एक गंभीर चेतावनी बनकर उभरा है। रामपुर कारखाना थाना क्षेत्र के भगवानपुर तिवारी गांव में मोमोज की लत ने एक नाबालिग बच्चे को इस कदर जाल में फंसा दिया कि उसने अपने ही परिवार के लाखों रुपये के गहने धीरे-धीरे दुकानदारों को सौंप दिए।
मोमोज के लालच में लुट गया परिवार
मोमोज खिलाकर नाबालिग से ठगी
मासूम की कमजोरी बनी अपराध की वजह
मोमोज की चाह में लाखों गायब
दुकानदारों ने बच्चे को बनाया शिकार
नाबालिग से सोना-चांदी हड़पे
मोमोज की लत, गहनों की कीमत
खाने के लालच में बड़ी ठगी
मासूमियत का फायदा उठाकर लूट
मोमोज ने उजाड़ दी परिवार की पूंजी
मामला वाराणसी में पुजारी के रूप में कार्यरत विमलेश मिश्रा के परिवार से जुड़ा है। उनका बेटा कक्षा 7 में पढ़ता है और अक्सर गांव के डुमरी चौराहे पर मोमोज खाने जाया करता था। यही आदत धीरे-धीरे उसकी सबसे बड़ी कमजोरी बन गई, जिसे तीन शातिर मोमोज दुकानदारों ने पहचान लिया और सुनियोजित तरीके से उसका फायदा उठाया।
पुलिस को दी गई तहरीर के अनुसार, डुमरी चौराहे पर मोमोज की दुकान लगाने वाले तीन युवक पहले बच्चे को मुफ्त या उधार में मोमोज खिलाते थे। इसके बाद उन्होंने बच्चे से बातचीत बढ़ाई और धीरे-धीरे उसका भरोसा जीत लिया। आरोप है कि दुकानदारों ने बच्चे को लालच दिया कि अगर वह घर से सोना-चांदी लाकर देगा तो उसे रोजाना मनचाहा खाना मिलेगा।
नाबालिग बच्चा उनकी बातों में आ गया। पहले उसने घर की अलमारी से छोटे-छोटे आभूषण निकाले और दुकानदारों को दे दिए। जब यह सिलसिला चल निकला तो दुकानदारों का हौसला और बढ़ गया। आरोप है कि बच्चे ने अपने घर के साथ-साथ अपनी बुआ के कीमती जेवरात भी चुपचाप निकालकर उन्हें सौंप दिए।
इस ठगी का खुलासा उस वक्त हुआ जब बच्चे की बुआ ने अपने गहनों की मांग की। घर में रखी अलमारी खोली गई तो गहने गायब मिले। पहले तो परिवार को किसी चोरी का शक हुआ, लेकिन जब बच्चे से कड़ाई से पूछताछ की गई तो उसने पूरी सच्चाई बयां कर दी। बच्चे ने बताया कि मोमोज के बदले उसने सारे गहने दुकानदारों को दे दिए।
परिवार के होश उड़ गए। तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दी गई। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि गहनों की कुल कीमत करीब 85 लाख रुपये आंकी जा रही है। इसमें भारी मात्रा में सोने और चांदी के आभूषण शामिल हैं।
पीड़ित की तहरीर पर रामपुर कारखाना थाने में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत कार्रवाई की और दो आरोपियों को हिरासत में ले लिया। तीसरे आरोपी की तलाश जारी है। पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और गहनों की बरामदगी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह मामला बेहद संवेदनशील है क्योंकि इसमें एक नाबालिग को बहकाकर अपराध को अंजाम दिया गया। आरोपी दुकानदारों ने बच्चे की मासूमियत और उसकी खाने की आदत का फायदा उठाया। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि गहनों को कहीं बेच दिया गया है या अब भी आरोपियों के पास मौजूद हैं।
यह घटना अभिभावकों के लिए भी एक बड़ा सबक है। विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों की छोटी-सी आदत भी कब बड़ी मुसीबत बन जाए, इसका अंदाजा नहीं लगाया जा सकता। बच्चों की गतिविधियों, उनके खर्च और बाहरी संपर्कों पर नजर रखना आज के समय में बेहद जरूरी हो गया है।
साथ ही यह मामला स्थानीय निगरानी तंत्र और सामाजिक जिम्मेदारी पर भी सवाल खड़े करता है। गांव-कस्बों में लगने वाली दुकानों और बच्चों के संपर्क में आने वाले लोगों पर सतर्क नजर रखने की जरूरत है, ताकि इस तरह की घटनाओं को समय रहते रोका जा सके।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है। परिवार गहनों की बरामदगी का इंतजार कर रहा है, वहीं यह घटना पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है। मोमोज की एक मासूम चाह कैसे लाखों के नुकसान में बदल गई, यह कहानी हर किसी को सोचने पर मजबूर कर रही है।





