सावन की शिवरात्रि: सीएम योगी आदित्यनाथ ने किया रुद्राभिषेक, प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना
UP मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने सावन की शिवरात्रि के मौके पर गोरखपुर के मानसरोवर मंदिर में रुद्राभिषेक कर किया। इस दौरान सीएम योगी ने लोक कल्याण का संकल्प लिया। पावन श्रावण मास की कृष्ण पक्ष चतुर्दशी तिथि को मनाई जाने वाली श्रावण शिवरात्रि के शुभ अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को गोरखपुर स्थित प्राचीन मानसरोवर मंदिर में भगवान शंकर की विधिपूर्वक पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने भगवान भोलेनाथ का रुद्राभिषेक करते हुए प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, शांति और कल्याण की मंगलकामना की।
परंपरागत वैदिक रीति से हुआ पूजन
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, जो कि गोरक्षपीठाधीश्वर भी हैं, ने सुबह अंधियारी बाग स्थित मानसरोवर मंदिर में पहुंचकर भगवान शिव की आराधना की। उन्होंने मंदिर में पहुंचकर पहले भगवान महादेव को विल्व पत्र, कमल पुष्प, दुर्वा और अन्य पवित्र पूजन सामग्री अर्पित की। इसके उपरांत गंगा जल, गोदुग्ध और गन्ने के रस से रुद्राभिषेक किया गया। यह पूजन अत्यंत श्रद्धा और भक्ति भाव से किया गया, जिसमें वैदिक नियमों का विशेष ध्यान रखा गया।
रुद्राष्टाध्यायी मंत्रों से किया रुद्राभिषेक
पूजन कार्यक्रम का संचालन गोरखनाथ मंदिर के विद्वत पुरोहितगणों द्वारा किया गया। इस दौरान शुक्ल यजुर्वेद संहिता से लिए गए रुद्राष्टाध्यायी के महामंत्रों के माध्यम से रुद्राभिषेक संपन्न हुआ। मंत्रोच्चार और शंखनाद के बीच मंदिर परिसर में श्रद्धा और आस्था का अद्भुत संगम देखा गया।
हवन और आरती औऱ अनुष्ठान
रुद्राभिषेक के पश्चात मुख्यमंत्री ने वैदिक मंत्रोच्चार के मध्य हवन और महाआरती में भाग लिया। उन्होंने अग्नि में आहुतियां देते हुए प्रदेश और देश की जनता की उन्नति, स्वास्थ्य, सुरक्षा और समृद्धि की कामना की। हवन के दौरान मंदिर परिसर में मौजूद भक्तों ने ‘ॐ नमः शिवाय’ और ‘हर हर महादेव’ के गगनभेदी नारे लगाए।
जनकल्याण की भावना से ओतप्रोत रहा आयोजन
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस अवसर पर कहा कि श्रावण शिवरात्रि भगवान शिव का अत्यंत प्रिय पर्व है। यह आत्मिक शुद्धि, लोक कल्याण और आशीर्वाद प्राप्ति का विशेष दिन होता है। उन्होंने श्रद्धालुओं को सावन की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भगवान शिव से प्रार्थना है कि वह सबको आरोग्य, ऐश्वर्य और मंगलमय जीवन प्रदान करें।
सुरक्षा और व्यवस्था रही चाक-चौबंद
मुख्यमंत्री के आगमन को देखते हुए प्रशासन और पुलिस प्रशासन की ओर से मंदिर परिसर और उसके आसपास कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। श्रद्धालुओं को दर्शन व पूजन में किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए विशेष प्रबंध किए गए थे। पूरे कार्यक्रम का संचालन भव्य, शांतिपूर्ण और श्रद्धामय वातावरण में हुआ।
गोरखपुरवासियों में दिखा उल्लास
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा मानसरोवर मंदिर में किए गए रुद्राभिषेक के बाद क्षेत्र में भक्तों और श्रद्धालुओं के बीच खासा उत्साह देखा गया। कई श्रद्धालु मंदिर के बाहर एकत्र होकर भगवान शिव के जयकारे लगाते रहे और मुख्यमंत्री की पूजा-अर्चना को ऐतिहासिक बताते हुए इसे गोरखपुर की आस्था से जुड़ी परंपरा बताया।
श्रावण शिवरात्रि का विशेष महत्त्व
हिंदू धर्म में श्रावण शिवरात्रि का अत्यंत महत्व है। यह वह तिथि होती है जब श्रद्धालु व्रत, उपवास और रुद्राभिषेक कर भगवान शिव को प्रसन्न करते हैं। इस दिन शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र और फल अर्पण करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन शिव आराधना से समस्त पापों का नाश होता है और मोक्ष का मार्ग प्रशस्त होता है।
इस प्रकार, श्रावण मास की पावन शिवरात्रि पर गोरखपुर के मानसरोवर मंदिर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा किया गया रुद्राभिषेक न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना, बल्कि यह लोकमंगल, जनकल्याण और परंपरा से जुड़ा एक प्रेरणादायी आयोजन भी सिद्ध हुआ।