चुनाव में सिंधिया समर्थक मौन, सावधानी के साथ इस प्लान को लेकर काम कर रही बीजेपी

MP Assembly Election Jyotiraditya Scindia Supporter

मध्य प्रदेश में पिछले विधानसभा चुनाव 2018 में झटका खा चुकी भाजपा इस बार फूंक फूंक कर कदम रख रही है। वह कोई गलती करना नहीं चाहती। खबर है कि 2020 में सत्ता वापसी में बड़ी भूमिका निभाने वाले ज्योतिरादित्य सिंधिया समर्थकों को खुश रखने से लेकर अंदरुनी कलह रोकने तक कई बड़े उपाय करती नजर आ रही है। इनमें पीएम नरेंद्र मोदी समेत कई बड़े नेता भी सक्रिय भूमिका में दिखाई दे हे हैं।

बीजेपी सिंधिया को भी उतार सकती है

बीजेपी में सिंधिया समर्थक नेताओं और पार्टी के पुराने नेताओं के बीच तनाव की खबरें आती रही हैं।हालांकि सार्वजनिक रूप से इस पर अब तक कुछ नहीं कहा गया। पार्टी के बड़े नेता रहे और पूर्व विधायक भंवर सिंह शेखावत इस तनाव के बीच बीजेपी छोड़कर कांग्रेस में शामिल हो चुके हैं। वे सिंधिया कैंप को लेकर अपनी नाराजगी कई बार जाहिर कर चुके थे। बता दें बीजेपी ने इस बार सिंधिया के करीब 20 समर्थकों को टिकट दिए हैं। चर्चा है कि इसकी वजह बगावत पर अब तक अंकुश लगाने के प्रयास किये गये हैं। इससे पार्टी दरअसल निर्दलीय उम्मीदवारों के तौर पर इन बड़े नेताओं के मैदान में उतरने और वोट कटने की संभावनाओं को खत्म करना चाहती है। अटकलें तो यह भी हैं कि खुद ज्योतिरादित्य सिंधिया भी विधानसभा चुनाव मैदान में उतर सकते हैं।

भाजपा ने उभरने नहीं दी गुटबाजी

मप्र में भाजपा में कई गुट माने जाते हैं। इनमें सीएम शिवराज के अलावा गृहमंत्री डॉ.नरोत्तम मिश्रा, भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय और मध्यप्रदेश ईकाइ के अध्यक्ष वीडी शर्मा के साथ केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया जैसे कई बड़े नाम शामिल हैं। हालांकि अंतरिक कलह अब तक कभी खुलकर सामने नहीं आई। हालांकि पार्टी सतर्क है। इंदौर-1 से बीजेपी उम्मीदवार विजयवर्गीय तो इतना तक कह चुके हैं कि भाजपा ही भाजपा को हरा सकती है। बता दें पिछली बार मई में विजयवर्गीय ने कहा था कि उन्हें यह कहने में कोई संकोच नहीं है। आज की तारीख में कांग्रेस की हालत ऐसी नहीं है कि भाजपा को नहीं हरा सके। कांग्रेस के पास इतनी ताकत नहीं है। अगर संगठन स्तर पर की हुई गलतियों को हमने नहीं सुधारा, तो यह कहा जा सकता है कि भाजपा ही भाजपा को हरा सकती है। यही वजह है कि पार्टी गुटबाजी पर नकेल कसने के लिए प्रधानमंत्री मोदी के चेहरे का सहारा ले रही है। मप्र की मौजूदा सियासी तस्वीर से लेकर सड़क पर जो भी पोस्टर लगे हैं उनमें पीएम ही सबसे बड़ा चेहरा हैं। साथ ही प्रचार में भी पीएम बड़ी भूमिका निभा रहे हैं।

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