कांग्रेस सांसद शशि थरूर की सोशल मीडिया पोस्ट एक बार फिर चर्चा में है। सीईसी से जुड़े विरोध प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी को हिरासत में लिए जाने के तरीके पर टिप्पणी करने के बाद अब थरूर ने एक और पोस्ट साझा की है। इसमें उन्होंने लिखा, ‘ये सरकार जाएगी’। खास बात यह है कि आमतौर पर अपनी अंग्रेजी के लिए पहचाने जाने वाले थरूर ने यह संदेश हिंदी और अंग्रेजी, दोनों भाषाओं में साझा किया है। इसके साथ उन्होंने राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की प्रसिद्ध कविता ‘सिंहासन खाली करो कि जनता आती है’ की पंक्तियां भी लिखी हैं। उनकी इस पोस्ट के बाद सवाल उठने लगा है कि क्या थरूर एक बार फिर केंद्र सरकार की आलोचना के जरिए कांग्रेस के राजनीतिक रुख के करीब दिखाई दे रहे हैं?
राहुल गांधी की गिरफ्तारी के तरीके पर टिप्पणी के बाद नई पोस्ट
शशि थरूर ने इससे पहले सीईसी से जुड़े विरोध प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी को हिरासत में लिए जाने के तरीके पर टिप्पणी की थी। अब उनकी नई पोस्ट ने राजनीतिक चर्चा को और तेज कर दिया है। ‘यह सरकार जाएगी’ संदेश और दिनकर की कविता की पंक्तियों को केंद्र सरकार के खिलाफ राजनीतिक संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
हिंदी और अंग्रेजी में पोस्ट, दिनकर की कविता का भी जिक्र
थरूर ने अपनी पोस्ट में अंग्रेजी संदेश ‘This government will go’ के साथ उसका हिंदी रूप ‘यह सरकार जाएगी’ साझा किया। इसके अलावा उन्होंने रामधारी सिंह दिनकर की कविता ‘जनतंत्र का जन्म’ की चर्चित पंक्तियां लिखीं, जिनमें ‘सिंहासन खाली करो कि जनता आती है’ भी शामिल है। अंग्रेजी के लिए मशहूर थरूर का हिंदी में यह संदेश भी लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है।
पिछले साल थरूर के रुख से उठी थीं बीजेपी में जाने की अटकलें
पिछले साल शशि थरूर की कुछ सोशल मीडिया पोस्ट और केंद्र सरकार के प्रति उनके रुख को देखकर उनके भाजपा के करीब जाने की अटकलें लगाई गई थीं। ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत का पक्ष रखने के लिए विदेश गए प्रतिनिधिमंडल में भी थरूर शामिल थे। इसके बाद राजनीतिक चर्चाएं तेज हुई थीं कि वह भाजपा में शामिल हो सकते हैं। हालांकि, ये अटकलें सच साबित नहीं हुईं और थरूर ने भाजपा ज्वाइन नहीं की।
अब सरकार की आलोचना से फिर कांग्रेस से नजदीकी की चर्चा
अब थरूर की नई पोस्ट में केंद्र सरकार की आलोचना के संकेतों के बाद सवाल उठ रहा है कि क्या वह फिर कांग्रेस के राजनीतिक रुख के करीब आ रहे हैं? हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि थरूर ने आधिकारिक तौर पर कभी कांग्रेस का साथ छोड़ने की घोषणा नहीं की थी। इसलिए उनकी पोस्ट को पार्टी में वापसी के बजाय उनके मौजूदा राजनीतिक रुख के संदर्भ में देखना ज्यादा उचित होगा।
थरूर की पोस्ट पर अब क्या होगा राजनीतिक रिएक्शन?
थरूर की पोस्ट ने कांग्रेस और भाजपा, दोनों खेमों में संभावित राजनीतिक प्रतिक्रियाओं को लेकर चर्चा शुरू कर दी है। अब देखना होगा कि कांग्रेस के नेता इस पोस्ट को किस तरह देखते हैं और भाजपा की ओर से कोई प्रतिक्रिया आती है या नहीं। फिलहाल थरूर की पोस्ट ने उनके राजनीतिक रुख और केंद्र सरकार के साथ उनके संबंधों को लेकर चल रही पुरानी अटकलों को फिर चर्चा में ला दिया है।