भारतीय शेयर बाजार शुक्रवार को बढ़त के साथ खुले और शुरुआती कारोबार में सकारात्मक रूझान देखा गया। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स 150 अंकों की बढ़त के साथ 82,300 के स्तर को पार कर गया, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 25,200 के ऊपर कारोबार कर रहा था। बाजार में निवेशक सतर्क बने रहे क्योंकि वैश्विक संकेत मिश्रित थे। अमेरिकी सरकार के शटडाउन की स्थिति और घरेलू आय सीजन ने भी निवेशकों के मूड पर असर डाला।
सेक्टरल मूवमेंट
अलग-अलग सेक्टर्स की बात करें तो मेटल इंडेक्स में गिरावट देखी गई। ऑटो, फार्मा और हेल्थकेयर सेक्टर के शेयर भी ढलान पर रहे। वहीं बैंकिंग, ऊर्जा, FMCG, IT, तेल-गैस और रियल्टी के शेयर हरे निशान पर कारोबार करते दिखे। विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिकी बाजार की हालिया सर्वकालिक ऊँचाई के बाद थोड़ी गिरावट ने वैश्विक धारणा को प्रभावित किया। इसके अलावा इस्राइल-हमास युद्धविराम और मध्य-पूर्व के जोखिम प्रीमियम में कमी ने तेल की कीमतों पर दबाव डाला, जबकि सोने और चांदी में उछाल जारी रहा।
एफपीआई और घरेलू निवेश
बैंकिंग और मार्केट विशेषज्ञ अजय बग्गा ने बताया कि विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (FPI) ने लगातार कुछ दिनों से शुद्ध निवेश जारी रखा है। उन्होंने बताया कि एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स का आईपीओ 54.02 गुना ओवरसब्सक्राइब हुआ, जो प्राथमिक बाजार में निवेशक रुचि को दर्शाता है। वहीं घरेलू कंपनियों के आय सीजन की शुरुआत अच्छी रही। TCS ने तिमाही में 65,799 करोड़ रुपये का राजस्व और 16,565 करोड़ रुपये का परिचालन लाभ दर्ज किया, जो तिमाही और सालाना आधार पर बेहतर है। कंपनी ने 11 रुपये प्रति शेयर का अंतरिम लाभांश भी सिफारिश किया।
सोने और चांदी की कीमतें
धातु विशेषज्ञ मानव मोदी ने कहा कि सोने और चांदी की कीमतें हाल ही में सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंचने के बाद गिरावट आईं। डॉलर की मजबूती और इस्राइल-हमास युद्धविराम के बाद निवेशकों द्वारा मुनाफावसूली के कारण सोना और चांदी लगभग 2 प्रतिशत से अधिक कमजोर हुआ। चांदी में खास गिरावट देखी गई, जो मांग और आपूर्ति में असंतुलन का संकेत देती है।
वैश्विक बाजारों की स्थिति
एशियाई बाजारों में मिश्रित रुझान देखने को मिला। जापान का निक्केई 225 1.02% गिरा, हांगकांग का हैंगसेंग 1.07% नीचे रहा, जबकि दक्षिण कोरिया का कोस्पी 1.32% की बढ़त के साथ कारोबार कर रहा था। ताइवान का बाजार राष्ट्रीय दिवस की छुट्टी के कारण बंद रहा।
आने वाली कंपनियां और आय सीजन
आज कई कंपनियां दूसरी तिमाही के परिणाम घोषित करेंगी, जिनमें शामिल हैं: एलेकॉन इंजीनियरिंग कंपनी, वारी रिन्यूएबल टेक्नोलॉजीज, जीके एनर्जी, यश हाईवोल्टेज, बिज़ोटिक कमर्शियल, प्रो फिन कैपिटल सर्विसेज, इंटेंस टेक्नोलॉजीज, अफोर्डेबल रोबोटिक एंड ऑटोमेशन, सयाजी पुणे और ओसवाल ओवरसीज। इन नतीजों से निवेशकों को आगे की रणनीति बनाने में मदद मिलेगी।
बाजार विशेषज्ञों की राय
विशेषज्ञों का कहना है कि नवंबर तक अमेरिकी टैरिफ में राहत की संभावना कम है। वहीं घरेलू क्षेत्रों पर नजर रहेगी, जिन्हें सरकार द्वारा बुनियादी ढांचे में खर्च, जीएसटी 2.0, आयकर कटौती और आरबीआई के ब्याज दरों में कटौती का फायदा मिलेगा। IT जैसे वैश्विक रूप से जुड़े क्षेत्रों को वैश्विक आर्थिक संकेतों से सकारात्मक परिणाम मिलने की उम्मीद है।
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