पश्चिम एशिया में तनाव, होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास बने हालात, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में तेजी और विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली का असर गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार पर साफ दिखाई दिया था। बीते कारोबारी सत्र में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। हालांकि, शुक्रवार को बाजार ने शुरुआती कारोबार में गिरावट का सिलसिला तोड़ने की कोशिश की और दोनों प्रमुख सूचकांकों ने बढ़त के साथ कारोबार शुरू किया। बाजार खुलते ही कई प्रमुख शेयरों में खरीदारी देखने को मिली, जिससे निवेशकों को कुछ राहत मिली।
शुक्रवार को बढ़त के साथ खुले सेंसेक्स और निफ्टी, कई शेयरों में दिखी खरीदारी
शुक्रवार को 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 73,525.92 अंक के स्तर पर खुला। वहीं, एनएसई निफ्टी ने 23,035.00 अंक पर कारोबार की शुरुआत की। शुरुआती कारोबार के दौरान सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 21 शेयर बढ़त में रहे, जबकि 9 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। इनमें लार्सन एंड टुब्रो 0.91 फीसदी ऊपर रहा, जबकि इन्फोसिस में 1.32 फीसदी की कमजोरी देखने को मिली।
गुरुवार को बाजार में भारी बिकवाली से सेंसेक्स 1247 अंक तक टूट गया था
इससे एक दिन पहले यानी गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त बिकवाली देखने को मिली थी। कारोबार खत्म होने पर सेंसेक्स 1,247 अंक यानी 1.67 फीसदी की गिरावट के साथ 73,580.54 पर बंद हुआ था। निफ्टी भी 383.70 अंक यानी 1.64 फीसदी टूटकर 23,063.10 के स्तर पर पहुंच गया था। गुरुवार को सेंसेक्स ने 555 अंकों की गिरावट के साथ 74,272.40 पर शुरुआत की थी, जबकि निफ्टी 23,221.80 पर खुला था।
अमेरिकी बॉन्ड यील्ड, महंगा कच्चा तेल और कमजोर रुपया बने बाजार पर दबाव की वजह
गुरुवार की गिरावट के पीछे कई अंतरराष्ट्रीय और घरेलू कारण बताए गए। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड के 19 साल के उच्चतम स्तर पर पहुंचने से बाजार की चिंता बढ़ी। इसके अलावा फेडरल रिजर्व की ओर से ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंका, कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और रुपये की कमजोरी ने भी निवेशकों के बीच दबाव बढ़ाया। पश्चिम एशिया में जारी तनाव और होर्मुज के बाधित होने की स्थिति ने तेल बाजार की चिंता को और बढ़ाया।
विदेशी निवेशकों ने बेचे 5027 करोड़ रुपये के शेयर, घरेलू निवेशकों ने संभाला बाजार
24 सितंबर के कारोबार में विदेशी निवेशकों की बिकवाली भी बाजार पर भारी पड़ी। आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी निवेशकों ने 5,027 करोड़ रुपये के शेयर बेच दिए। इसके मुकाबले घरेलू निवेशकों ने बाजार में खरीदारी करते हुए 4,301 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। यानी घरेलू संस्थागत निवेशकों की खरीदारी के बावजूद विदेशी निवेशकों की भारी बिकवाली का दबाव बाजार पर दिखाई दिया।
निफ्टी का 52 हफ्ते का हाई 26,373.20 और लो 22,182.55 रहा
बाजार के मौजूदा स्तर को समझने के लिए निफ्टी के 52 हफ्तों के आंकड़े भी अहम हैं। दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, निफ्टी का 52 हफ्ते का उच्चतम स्तर 26,373.20 और निचला स्तर 22,182.55 रहा है। वहीं, BSE का पूरा नाम बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज और NSE का पूरा नाम नेशनल स्टॉक एक्सचेंज है। शुक्रवार की शुरुआती बढ़त के बावजूद बाजार की दिशा पर वैश्विक घटनाक्रम, तेल की कीमतें और विदेशी निवेशकों की गतिविधियां अहम असर डाल सकती हैं।





