Share Market: शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव, सेंसेक्स 240 अंक ऊपर खुला तो निफ्टी में गिरावट; तेल कीमतों और ग्लोबल संकेतों पर नजर

भारतीय शेयर बाजार में सोमवार की शुरुआत मिली-जुली रही। कारोबारी सत्र शुरू होते समय सेंसेक्स करीब 240 अंक की बढ़त के साथ खुला, जबकि निफ्टी 16 अंक फिसलकर 23,330 के स्तर पर पहुंच गया। हालांकि, शुरुआती कारोबार में बाजार ने तेजी पकड़ी और कुछ ही मिनटों में सेंसेक्स 301 अंक चढ़कर 74,596 के स्तर पर पहुंच गया। इसी दौरान निफ्टी भी संभला और 12 अंक की बढ़त के साथ 23,358 पर कारोबार करता नजर आया। बाजार की चाल पर मध्य पूर्व में जारी तनाव, कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक बाजारों के संकेतों का असर बना हुआ है।

GIFT Nifty ने पहले ही दे दिए थे बाजार में दबाव के संकेत

बाजार खुलने से पहले GIFT Nifty करीब 23,320 अंक पर कारोबार कर रहा था। यह निफ्टी फ्यूचर्स के पिछले बंद स्तर से लगभग 58.50 अंक नीचे था। इस संकेत के कारण शुरुआती कारोबार में घरेलू बाजार के कमजोर रहने की संभावना जताई जा रही थी। हालांकि बाद में बाजार में खरीदारी लौटने से प्रमुख सूचकांकों ने शुरुआती दबाव से कुछ हद तक उबरने की कोशिश की।

पिछले सप्ताह लगातार छठे हफ्ते गिरावट से निवेशकों की चिंता बढ़ी

पिछले सप्ताह भारतीय शेयर बाजार दबाव में रहा। महंगे कच्चे तेल और वैश्विक बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी ने निवेशकों की चिंता बढ़ाई। शुक्रवार को सेंसेक्स 0.65 फीसदी गिरकर 74,294 अंक पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 0.22 फीसदी की गिरावट के साथ 23,346 अंक पर रहा। इसके साथ ही निफ्टी में लगातार छठे सप्ताह गिरावट दर्ज हुई, जो 2020 के बाद सबसे लंबा गिरावट का दौर बताया जा रहा है।

अमेरिका के बाजार में भी रही कमजोरी, डॉव लगातार तीसरे सप्ताह फिसला

अमेरिकी शेयर बाजार में भी पिछले सप्ताह दबाव देखने को मिला। डॉव जोन्स में करीब 1.7 फीसदी की साप्ताहिक गिरावट दर्ज हुई और यह लगातार तीसरे सप्ताह नीचे बंद हुआ। यह मार्च के बाद डॉव की सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावट बताई गई। वहीं S&P 500 करीब 0.1 फीसदी नीचे रहा, जबकि टेक्नोलॉजी शेयरों के चलते नैस्डैक में करीब 0.7 फीसदी की बढ़त दर्ज हुई।

अमेरिकी वायदा बाजार में हल्की तेजी, एशियाई बाजारों से मिले-जुले संकेत

रविवार शाम अमेरिकी वायदा कारोबार में हल्की मजबूती दिखाई दी। S&P 500 Futures में 0.23 फीसदी, Nasdaq-100 Futures में 0.27 फीसदी और Dow Futures में 0.25 फीसदी की बढ़त दर्ज हुई। दूसरी ओर एशियाई बाजारों में भी कारोबार मिला-जुला रहा। कच्चे तेल की कीमतों में नरमी ने कुछ राहत दी, लेकिन मध्य पूर्व की स्थिति अब भी निवेशकों के लिए अहम जोखिम बनी हुई है।

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