भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार, 30 अक्टूबर को कारोबार की शुरुआत सकारात्मक माहौल के साथ हुई, लेकिन शुरुआती तेजी के बाद बाजार में दबाव बढ़ता दिखाई दिया। सेंसेक्स ने कारोबार के दौरान 74,422 के स्तर तक पहुंचकर तेजी का दोहरा शतक लगाया, हालांकि इसके बाद मुनाफावसूली के चलते यह अपने दिन के ऊपरी स्तर से 300 अंक से अधिक नीचे आ गया। एक अन्य लाइव अपडेट में सेंसेक्स 74,252 के आसपास कारोबार करता दिखाई दिया। निफ्टी भी शुरुआत में बढ़त के साथ 23,000 के करीब पहुंचा, लेकिन बाद में फिसलकर 22,922 के स्तर पर आ गया। बाजार में इस उतार-चढ़ाव के बीच ट्रेंट और इंडिगो के शेयर निवेशकों का ध्यान खींच रहे हैं। वैश्विक बाजारों से कमजोर संकेत, कच्चे तेल की महंगी होती कीमतें और अमेरिका-ईरान के बीच तनाव की आशंकाएं निवेशकों की चिंता बढ़ा रही हैं। इसके बावजूद घरेलू बाजार के कुछ चुनिंदा शेयरों में खरीदारी का रुझान बना हुआ है।
शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी ने दिखाई मजबूती, लेकिन ऊंचे स्तर पर टिक नहीं पाई बाजार की तेजी
शुक्रवार सुबह घरेलू शेयर बाजार ने सकारात्मक शुरुआत की। सेंसेक्स करीब 48 अंकों की बढ़त के साथ 74,199 के स्तर पर खुला, जबकि निफ्टी ने 27 अंकों की तेजी के साथ 22,960 के आसपास कारोबार शुरू किया। शुरुआती सत्र में खरीदारी का माहौल बनने से सेंसेक्स तेजी के साथ 74,357 के स्तर तक पहुंचा और बाद के अपडेट में 74,422 का दिन का ऊपरी स्तर भी दर्ज किया गया। हालांकि, ऊंचे स्तरों पर निवेशकों की मुनाफावसूली शुरू होने से बाजार की रफ्तार धीमी पड़ गई। सेंसेक्स में आई यह गिरावट बताती है कि निवेशक मौजूदा परिस्थितियों में सावधानी के साथ कारोबार कर रहे हैं।
ट्रेंट और इंडिगो के शेयरों में जबरदस्त खरीदारी, आईटी कंपनियों के शेयरों में भी दिखी बढ़त
शुक्रवार के कारोबार में कुछ कंपनियों के शेयरों ने बाजार की कमजोरी के बावजूद अच्छा प्रदर्शन किया। ट्रेंट के शेयर शुरुआती कारोबार में लगभग 6 प्रतिशत तक चढ़े और बाद के अपडेट में भी इनमें 5.79 प्रतिशत तथा 5.35 प्रतिशत तक की बढ़त दर्ज की गई। इंडिगो के शेयरों में भी 3.56 से 3.61 प्रतिशत तक की तेजी देखने को मिली। इसके अलावा इन्फोसिस के शेयर 2 प्रतिशत से अधिक मजबूत होकर 1,168.30 रुपये के स्तर तक पहुंचे। टेक महिंद्रा और टीसीएस के शेयरों में भी एक प्रतिशत से ज्यादा की बढ़त दर्ज की गई। इन चुनिंदा शेयरों में खरीदारी ने बाजार को कुछ हद तक सहारा दिया।
कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और अंतरराष्ट्रीय तनाव से भारतीय शेयर बाजार पर बढ़ा दबाव
वैश्विक परिस्थितियां शुक्रवार को भारतीय बाजार के लिए चुनौती बनी हुई हैं। कच्चे तेल की कीमतें 115 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंचने के बाद कुछ अपडेट में 118 डॉलर तक बताई गईं। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव की आशंका से तेल बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है। भारत जैसे बड़े तेल आयातक देश के लिए कच्चे तेल की महंगाई चिंता का विषय है, क्योंकि इससे आयात बिल, परिवहन खर्च और कंपनियों की उत्पादन लागत बढ़ सकती है। इसका असर महंगाई और निवेशकों के भरोसे पर भी पड़ सकता है। अमेरिका से लेकर जापान तक के शेयर बाजारों में कमजोरी के संकेतों ने घरेलू निवेशकों को सतर्क रहने के लिए मजबूर किया है।
गुरुवार की शानदार तेजी के बाद शुक्रवार को निवेशक सतर्क, सेंसेक्स और निफ्टी में मुनाफावसूली का असर
इससे एक दिन पहले यानी गुरुवार, 29 अक्टूबर को भारतीय शेयर बाजार में शानदार तेजी देखने को मिली थी। बैंकिंग, एफएमसीजी और आईटी कंपनियों के शेयरों में खरीदारी के दम पर सेंसेक्स 905 अंक यानी 1.24 प्रतिशत उछलकर 74,151.04 पर बंद हुआ था। वहीं निफ्टी में 237 अंकों यानी 1.05 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई और यह 22,936 के स्तर पर बंद हुआ। सेंसेक्स के कुल 30 शेयरों में से 26 बढ़त के साथ बंद हुए, जबकि चार शेयरों में गिरावट रही। अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बदलाव नहीं करने और कच्चे तेल की कीमतों में पहले आई नरमी से बाजार को समर्थन मिला था। शुक्रवार को इसी तेजी के बाद कुछ निवेशकों ने मुनाफा निकालना शुरू किया।
गिफ्ट निफ्टी और कमजोर विदेशी संकेतों पर बाजार की नजर, आगे कारोबार में रह सकता है उतार-चढ़ाव
शुक्रवार सुबह कारोबार शुरू होने से पहले गिफ्ट निफ्टी से भारतीय बाजार के लिए कमजोर संकेत मिल रहे थे। सुबह करीब पौने नौ बजे यह लगभग 22,992 के स्तर पर कारोबार कर रहा था, जो पिछले बंद स्तर से करीब 50 अंक नीचे था। इससे बाजार की सपाट से कमजोर शुरुआत की आशंका जताई गई थी। अमेरिकी टेक कंपनियों के निराशाजनक नतीजों ने भी निवेशकों की चिंता बढ़ाई। हालांकि, घरेलू बाजार खुलने के बाद ट्रेंट, इंडिगो और आईटी शेयरों में खरीदारी देखने को मिली। फिलहाल निवेशकों की नजर कच्चे तेल की कीमतों, अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम और कंपनियों के प्रदर्शन पर बनी हुई है। ऐसे माहौल में सेंसेक्स और निफ्टी में आगे भी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।





