भारतीय शेयर बाजारों में मंगलवार, 16 दिसंबर को भी कमजोरी का सिलसिला जारी रहा। बाजार खुलते ही बिकवाली हावी दिखी, जिससे सेंसेक्स करीब 500 अंकों तक फिसल गया और निफ्टी 25,900 के नीचे चला गया। विदेशी निवेशकों की लगातार निकासी, रुपये की ऐतिहासिक कमजोरी और अंतरराष्ट्रीय बाजारों से मिले नकारात्मक संकेतों ने बाजार की चाल बिगाड़ दी।
शुरुआती कारोबार में बाजार का हाल
सुबह लगभग 10 बजे बीएसई सेंसेक्स 490.80 अंक यानी 0.58 फीसदी गिरकर 84,722.56 के स्तर पर कारोबार करता नजर आया। वहीं एनएसई निफ्टी 145.90 अंक या 0.56 फीसदी टूटकर 25,881.40 पर आ गया। मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स भी 0.62 फीसदी तक गिर गए, जिससे व्यापक बाजार में दबाव साफ दिखा।
इन सेक्टर्स और शेयरों पर ज्यादा असर
आईटी, बैंकिंग और मेटल शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली देखने को मिली। निफ्टी के टॉप लूजर्स में एक्सिस बैंक, इटरनल और जेएसडब्ल्यू स्टील शामिल रहे, जिनमें करीब 4 फीसदी तक की गिरावट दर्ज की गई। कमजोर सेंटीमेंट के चलते निवेशकों ने जोखिम से दूरी बनाना बेहतर समझा।
रुपये की रिकॉर्ड गिरावट बनी बड़ा कारण
शेयर बाजार पर सबसे बड़ा दबाव रुपये की कमजोरी से आया। मंगलवार को रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 9 पैसे टूटकर 90.87 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया। भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर ठोस प्रगति न होने और एफआईआई की बिकवाली से रुपये पर दबाव बना रहा। हालांकि डॉलर में नरमी और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से बड़ी गिरावट फिलहाल टलती दिखी।
एफआईआई बिकवाली और कमजोर वैश्विक संकेत
विदेशी संस्थागत निवेशक लगातार बाजार से पैसा निकाल रहे हैं। सोमवार को एफआईआई ने 1,468.32 करोड़ रुपये की बिकवाली की, जो लगातार 12वां सत्र रहा। दिसंबर महीने में अब तक वे करीब 21,073 करोड़ रुपये निकाल चुके हैं। उधर, वॉल स्ट्रीट फ्यूचर्स करीब 1 फीसदी गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे और एशियाई बाजारों में कोस्पी, निक्केई 225, शंघाई कंपोजिट और हैंग सेंग इंडेक्स भी लाल निशान में रहे।
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