सप्ताह के पहले कारोबारी दिन घरेलू शेयर बाजार कमजोर शुरुआत के साथ खुला। सोमवार, 15 सितंबर 2025 की सुबह सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही लाल निशान में कारोबार करते दिखे। शुरुआती सौदों में आईटी और फार्मा सेक्टर पर दबाव देखने को मिला, जबकि बैंकिंग और ऑटो सेक्टर ने थोड़ी मजबूती दिखाई। बीएसई सेंसेक्स सुबह 9:40 बजे तक 42.32 अंक टूटकर 81,862.38 अंक पर आ गया। इसी समय एनएसई निफ्टी भी 24.45 अंक फिसलकर 25,089.55 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। हालांकि, बीएसई मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स लगभग सपाट रहे और इनमें कोई बड़ा उतार-चढ़ाव देखने को नहीं मिला। वैश्विक बाजारों का रुख भी निवेशकों की धारणा पर असर डालता रहा। एशियाई बाजारों में कोस्पी, शंघाई का एसएसई कंपोजिट और हांगकांग का हैंग सेंग हरे निशान में कारोबार कर रहे थे। वहीं, अमेरिकी बाजार शुक्रवार को मिले-जुले संकेतों के साथ बंद हुए। कच्चे तेल के दाम भी बढ़े और ब्रेंट क्रूड 0.60% चढ़कर 67.39 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। इन सब परिस्थितियों का असर भारतीय शेयर बाजार पर साफ झलक रहा है।
शुरुआती कारोबार का हाल
सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ने सोमवार को कमजोरी के साथ शुरुआत की। सेंसेक्स 81,862 अंक और निफ्टी 25,089 अंक पर फिसले। आईटी और फार्मा सेक्टर की कमजोरी बाजार पर भारी पड़ी, हालांकि बैंकिंग और ऑटो सेक्टर ने कुछ हद तक सपोर्ट दिया।
किन शेयरों में रही तेजी
शुरुआती घंटों में अपोलो हॉस्पिटल्स, हीरो मोटोकॉर्प, आईसीआईसीआई बैंक, एसबीआई और कोटक महिंद्रा बैंक जैसे दिग्गज शेयरों में खरीदारी देखी गई। सेंसेक्स की कंपनियों में बजाज फाइनेंस, टाटा मोटर्स, अदानी पोर्ट्स और पावर ग्रिड ने बाजार को सहारा दिया।
रुपया भी कमजोर
सोमवार को घरेलू करेंसी पर भी दबाव बना रहा। शुरुआती कारोबार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 4 पैसे गिरकर 88.30 पर आ गया। एक्सपोर्ट पर टैरिफ दबाव और विदेशी निवेशकों के लगातार पूंजी निकासी करने से रुपया दबाव में रहा। इंटरबैंक मार्केट में रुपया 88.25 पर खुला था, लेकिन जल्दी ही फिसलकर 88.30 तक पहुंच गया।
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