Share Market: पश्चिम एशिया तनाव और कच्चे तेल की कीमतों का असर, गिरावट के साथ खुला शेयर बाजार; सेंसेक्स-निफ्टी में उतार-चढ़ाव जारी

पश्चिम एशिया में जारी तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी और अमेरिका की ओर से 100 फीसदी टैरिफ लगाए जाने की खबरों के बीच गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत दबाव के साथ हुई। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स करीब 100 अंक नीचे आकर 74,182.62 के स्तर पर खुला, जबकि निफ्टी ने 23,195.25 अंक पर कारोबार शुरू किया। हालांकि, बाजार खुलने के बाद तस्वीर तेजी से बदलती रही। कुछ समय में प्रमुख सूचकांक हरे निशान में पहुंचे तो कभी दोबारा दबाव में नजर आए। इस उतार-चढ़ाव के कारण बाजार की दिशा को लेकर निवेशकों में हलचल बनी रही।

शुरुआती गिरावट के बाद बाजार में खरीदारी का दौर भी देखने को मिला

कारोबार की शुरुआत भले ही कमजोरी के साथ हुई, लेकिन कुछ ही देर बाद बाजार में खरीदारी का असर दिखाई देने लगा। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में लगातार उतार-चढ़ाव बना रहा। इससे बाजार एक समय लगभग फ्लैट स्थिति में पहुंच गया। निवेशक वैश्विक घटनाक्रमों के साथ-साथ अमेरिका की मौद्रिक नीति से जुड़े संकेतों पर भी नजर बनाए हुए हैं। विदेशी बाजारों से मिलने वाले संकेतों का असर घरेलू शेयरों पर भी दिखाई दे रहा है।

सेंसेक्स के 30 शेयरों में 20 कंपनियों के शेयर बढ़त के साथ कारोबार करते दिखे

शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स में शामिल 30 कंपनियों में से 20 शेयरों में तेजी दर्ज की गई, जबकि 10 शेयर लाल निशान में रहे। भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड का प्रदर्शन शुरुआती दौर में सबसे मजबूत रहा। कंपनी के शेयर में 1.40 फीसदी की बढ़त दर्ज हुई और यह 391.80 रुपये के स्तर पर पहुंच गया। दूसरी ओर, एचडीएफसी के शेयर में सबसे ज्यादा कमजोरी दिखाई दी। इसका शेयर 0.96 फीसदी की गिरावट के साथ 715.50 रुपये पर कारोबार करता नजर आया।

सुबह 10 बजे तक सेंसेक्स और निफ्टी दोनों हरे निशान में पहुंचे

सुबह करीब 10 बजे तक बाजार ने शुरुआती कमजोरी से कुछ हद तक वापसी कर ली थी। इस समय सेंसेक्स 0.18 फीसदी की बढ़त के साथ 74,470.66 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। वहीं निफ्टी में भी तेजी देखने को मिली। निफ्टी 64.20 अंक यानी 0.28 फीसदी ऊपर जाकर 23,281.80 के स्तर पर पहुंच गया। हालांकि, पूरे शुरुआती सत्र में बाजार की चाल स्थिर नहीं रही और सूचकांकों में लगातार उतार-चढ़ाव बना रहा।

पश्चिम एशिया और कच्चे तेल की कीमतों के बीच निवेशकों की नजर वैश्विक घटनाक्रमों पर

बाजार में जारी अस्थिरता के पीछे अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों को भी महत्वपूर्ण कारण माना जा रहा है। पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से भारतीय बाजार पर दबाव की चिंता बनी हुई है। इसके अलावा अमेरिका की ओर से 100 फीसदी टैरिफ लगाए जाने की खबरों ने भी निवेशकों की सतर्कता बढ़ाई है। ऐसे माहौल में बाजार भागीदार वैश्विक संकेतों और आने वाले आर्थिक फैसलों पर नजर रख रहे हैं।

अमेरिकी फेड के ब्याज दर संकेतों को समझने में जुटे निवेशक

न्यूज एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार, मार्केट एनालिस्ट विपिन डिक्सेना ने कहा कि भारतीय बाजार दबाव में खुला है। उनके मुताबिक, निवेशक अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ओर से ब्याज दरों में 0.25 फीसदी यानी 25 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी और इस साल के अंत में एक और बढ़ोतरी के संकेतों का आकलन कर रहे हैं। ऐसे संकेतों के बीच घरेलू बाजार में आगे भी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।

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