पश्चिम एशिया में जारी तनाव और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में करीब 1 फीसदी की बढ़ोतरी के बीच 14 अक्टूबर 2026 को भारतीय शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव देखने को मिला। कारोबार की शुरुआत में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों बढ़त के साथ खुले, लेकिन बाजार में सभी शेयरों में तेजी नहीं रही। सुबह 10 बजे तक सेंसेक्स 59.93 अंक यानी 0.08 फीसदी बढ़कर 73,093.71 पर कारोबार कर रहा था। वहीं, निफ्टी 4.45 अंक यानी करीब 0.02 फीसदी की बढ़त के साथ 22,726.40 पर पहुंच गया। निवेशकों की नजर वैश्विक हालात, कच्चे तेल की कीमतों और प्रमुख कंपनियों के शेयरों पर बनी हुई है।
सेंसेक्स और निफ्टी की शुरुआत बढ़त के साथ हुई, लेकिन कारोबार के दौरान बनी रही अस्थिरता
बुधवार को घरेलू शेयर बाजार खुलने पर सेंसेक्स 73,049.76 के स्तर पर पहुंचा, जबकि निफ्टी ने 22,715.75 पर कारोबार शुरू किया। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 16 शेयर हरे निशान में रहे और 14 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। इससे साफ हुआ कि बाजार में खरीदारी और बिकवाली दोनों का दबाव बना हुआ था। सुबह 10 बजे तक सेंसेक्स ने मामूली बढ़त बनाए रखी। दूसरी ओर, निफ्टी में भी सीमित तेजी दिखाई दी। बाजार की चाल पर वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों और निवेशकों के रुख का असर देखने को मिला।
टीसीएस के शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी, बजाज फाइनेंस के शेयर दबाव में नजर आए
सेंसेक्स के शुरुआती कारोबार में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) का शेयर प्रमुख बढ़त बनाने वालों में शामिल रहा। टीसीएस के शेयर में 2.45 फीसदी की तेजी आई और यह 2,322.65 रुपये पर कारोबार करता दिखाई दिया। इसके उलट बजाज फाइनेंस के शेयर में कमजोरी रही। कंपनी का शेयर 0.79 फीसदी गिरकर 974.95 रुपये पर आ गया। बाजार में अलग-अलग कंपनियों के शेयरों की चाल से निवेशकों को मिले-जुले संकेत मिले। जहां कुछ शेयरों में खरीदारी देखने को मिली, वहीं अन्य शेयरों में बिकवाली का दबाव बना रहा। ऐसे में बाजार की दिशा को लेकर अनिश्चितता बनी हुई थी।
पश्चिम एशिया का तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें बाजार के लिए बनीं अहम चिंता
पश्चिम एशिया में जारी तनाव का असर अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार पर पड़ रहा है। कच्चे तेल की कीमतों में करीब 1 फीसदी की बढ़ोतरी ने भारतीय शेयर बाजार के निवेशकों का ध्यान खींचा है। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा कच्चे तेल के आयात से पूरा करता है, इसलिए कीमतें बढ़ने पर आयात खर्च और महंगाई पर दबाव बढ़ सकता है। इसका असर कंपनियों की लागत और बाजार की धारणा पर भी पड़ सकता है। हालांकि, बुधवार के शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी मामूली बढ़त में रहे। आगे बाजार किस दिशा में जाएगा, यह वैश्विक घटनाक्रम और निवेशकों की खरीद-बिक्री पर निर्भर करेगा।
पिछले कारोबारी दिन सेंसेक्स 1,109 अंक और निफ्टी 358 अंक से ज्यादा चढ़कर बंद हुए थे
13 अक्टूबर 2026 को शेयर बाजार में मजबूत तेजी दर्ज की गई थी। उस दिन सेंसेक्स 1,109.10 अंक यानी 1.54 फीसदी की बढ़त के साथ 73,033.78 पर बंद हुआ था। वहीं, निफ्टी 358.60 अंक यानी 1.60 फीसदी चढ़कर 22,721.95 के स्तर पर बंद हुआ। इसके मुकाबले 14 अक्टूबर की सुबह बाजार में तेजी सीमित रही और दोनों प्रमुख सूचकांकों में उतार-चढ़ाव दिखाई दिया। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, बुधवार को डॉलर के मुकाबले रुपये में 0.3 फीसदी की तेजी दर्ज की गई और इसका स्तर 95.1 बताया गया। हालांकि, निफ्टी के 52 सप्ताह के उच्चतम और न्यूनतम स्तर के आंकड़े दी गई जानकारी में उपलब्ध नहीं हैं।
Disclaimer: यह खबर उपलब्ध जानकारी और मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है। शेयर बाजार में निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह लें।





