Share Market: शेयर बाजार में जोरदार उछाल, सेंसेक्स 400 अंक से ज्यादा चढ़ा, ट्रंप के बयान से निवेशकों में लौटा भरोसा

भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार 21 मई 2026 को शानदार तेजी देखने को मिली। वैश्विक संकेतों और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बीच निवेशकों ने जमकर खरीदारी की। बाजार खुलते ही सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ने मजबूत शुरुआत की, जिससे निवेशकों के चेहरे खिल उठे। अमेरिका-ईरान वार्ता को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के बयान ने वैश्विक बाजारों में सकारात्मक माहौल बना दिया है। एशियाई बाजारों की मजबूती और वॉल स्ट्रीट की तेजी का असर भारतीय बाजार पर भी साफ दिखाई दिया।

सेंसेक्स और निफ्टी ने मजबूत शुरुआत के साथ दिखाई बाजार की ताकत

आज कारोबार शुरू होते ही BSE Sensex 414 अंकों की बढ़त के साथ 75,732 के स्तर पर खुला। वहीं NIFTY 50 भी 171 अंक उछलकर 23,830 के स्तर पर पहुंच गया। शुरुआती कारोबार में बैंकिंग, आईटी और ऑटो सेक्टर के शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली। निवेशकों का भरोसा लौटने से बाजार में सकारात्मक माहौल बना हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर वैश्विक संकेत इसी तरह मजबूत बने रहे तो बाजार में आगे भी तेजी जारी रह सकती है।

ट्रंप के बयान से कच्चे तेल में बड़ी गिरावट, बाजार को मिला बड़ा सहारा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान के बाद वैश्विक बाजारों में हलचल तेज हो गई, जिसमें उन्होंने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। इस खबर के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में करीब 5 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई और भाव 105 डॉलर प्रति बैरल तक आ गए। तेल की कीमतों में नरमी से भारत जैसे आयातक देशों को राहत मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। यही वजह है कि निवेशकों ने बाजार में खरीदारी बढ़ा दी और शेयर बाजार में मजबूती देखने को मिली।

एशियाई बाजारों में भी शानदार तेजी, जापान और ऑस्ट्रेलिया के बाजार चमके

गुरुवार को एशियाई बाजारों में भी जबरदस्त तेजी देखने को मिली। जापान का निक्केई इंडेक्स 1 प्रतिशत से ज्यादा चढ़ गया, जबकि दक्षिण कोरिया का कोस्पी और ऑस्ट्रेलिया का S&P/ASX 200 भी मजबूती के साथ कारोबार करते दिखाई दिए। निवेशकों को उम्मीद है कि अगर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होता है तो वैश्विक व्यापार और सप्लाई चेन पर सकारात्मक असर पड़ेगा। इसी उम्मीद ने एशियाई बाजारों में खरीदारी को बढ़ावा दिया है।

वॉल स्ट्रीट की तेजी का असर भारतीय बाजार पर भी दिखाई दिया

20 मई को अमेरिकी बाजार भी शानदार तेजी के साथ बंद हुए थे। डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 645 अंक उछलकर 50,009 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं S&P 500 और नैस्डैक कंपोजिट में भी मजबूत बढ़त दर्ज की गई। अमेरिकी बाजारों में आई तेजी का असर एशिया समेत भारतीय बाजारों पर भी पड़ा। विदेशी निवेशकों का रुझान फिर से इक्विटी बाजारों की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा है, जिससे भारतीय बाजार को भी सपोर्ट मिल रहा है।

तेल की कीमतों में फिर हल्की तेजी, सप्लाई को लेकर बनी हुई है चिंता

हालांकि बुधवार को कच्चे तेल में बड़ी गिरावट आई थी, लेकिन गुरुवार सुबह बाजार खुलते ही तेल की कीमतों में हल्की तेजी फिर देखने को मिली। वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट यानी WTI क्रूड 0.78 प्रतिशत बढ़कर 99.03 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। वहीं ब्रेंट क्रूड में भी 0.73 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक सप्लाई बाधित होने की आशंका अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है, इसलिए बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।

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