पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर वैश्विक बाजारों के साथ भारतीय शेयर बाजार पर भी दिखाई दे रहा है। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी, डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी और विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली ने बाजार का दबाव बढ़ाया है। हालांकि, 28 सितंबर की बड़ी गिरावट के बाद आज घरेलू बाजार में कुछ सुधार नजर आया। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 200 अंकों से ज्यादा ऊपर पहुंचा, जबकि निफ्टी भी मामूली बढ़त के साथ कारोबार करता दिखाई दिया। बाजार में फिलहाल उतार-चढ़ाव बना हुआ है और निवेशकों की नजर वैश्विक घटनाक्रम के साथ विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर टिकी है।
28 सितंबर की बड़ी गिरावट के बाद बाजार ने संभलने की कोशिश की
28 सितंबर को शेयर बाजार में तेज गिरावट देखने को मिली थी। सेंसेक्स एक हजार अंकों से ज्यादा टूट गया था, जिससे निवेशकों की संपत्ति में 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक की कमी आई थी। इसके बाद 29 सितंबर को भी बाजार पर दबाव बना रहा। सेंसेक्स करीब 200 अंकों की कमजोरी के साथ 72,633.68 पर खुला और कारोबार के दौरान 700 अंकों से ज्यादा नीचे चला गया। हालांकि, बाद में बाजार ने अच्छी रिकवरी की और सेंसेक्स 242.65 अंक यानी 0.33 फीसदी गिरकर 72,529.07 पर बंद हुआ।
शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 200 अंक से ज्यादा चढ़ा
आज बाजार खुलने के बाद तस्वीर कुछ अलग दिखाई दी। सेंसेक्स 72,441.15 के स्तर पर खुला और सुबह 9 बजकर 25 मिनट पर 200 अंकों से अधिक की तेजी के साथ 72,731.25 पर पहुंच गया। यानी पिछली गिरावट के बाद बाजार में खरीदारी देखने को मिली। हालांकि, कारोबार के दौरान उतार-चढ़ाव जारी रहा और बाजार की दिशा पूरी तरह स्थिर नहीं रही।
निफ्टी में भी मामूली बढ़त, 22,700 के ऊपर कारोबार
निफ्टी ने आज 22,665.00 के स्तर से कारोबार की शुरुआत की। सुबह 9 बजकर 27 मिनट पर इसमें 16.30 अंकों यानी 0.07 फीसदी की तेजी दर्ज की गई और यह 22,732.50 के स्तर पर पहुंच गया। इससे पहले 29 सितंबर को निफ्टी 22,732.45 पर खुला था और कारोबार के दौरान 22,569.65 तक फिसल गया था। दिन के अंत में निफ्टी 64.05 अंक यानी 0.28 फीसदी की गिरावट के साथ 22,716.20 पर बंद हुआ था।
विदेशी निवेशकों ने ₹9,980 करोड़ के शेयर बेचे
बाजार की चाल पर विदेशी निवेशकों की गतिविधियों का भी बड़ा असर पड़ रहा है। 29 सितंबर को विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी FIIs ने भारतीय शेयर बाजार में करीब 9,980 करोड़ रुपये के शेयरों की बिकवाली की। इसके उलट घरेलू संस्थागत निवेशकों यानी DIIs ने बाजार में मजबूत खरीदारी दिखाई। आंकड़ों के मुताबिक DIIs ने इसी दिन 6,953 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। विदेशी बिकवाली के मुकाबले घरेलू निवेशकों की खरीदारी ने बाजार को कुछ सहारा दिया।
अमेरिका-ईरान तनाव और कच्चे तेल की कीमतों पर बाजार की नजर
भारतीय शेयर बाजार के लिए फिलहाल कई वैश्विक संकेत अहम बने हुए हैं। पश्चिम एशिया में अमेरिका-ईरान तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में उछाल और रुपये की कमजोरी बाजार की धारणा को प्रभावित कर रहे हैं। ऐसे माहौल में विदेशी निवेशकों की बिकवाली भी बाजार पर दबाव बढ़ा रही है। आने वाले कारोबार में वैश्विक घटनाक्रम और निवेशकों की खरीद-बिक्री बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है