शानदार शुरुआत के साथ खुला शेयर बाजार, सेंसेक्स-निफ्टी में जोरदार उछाल; वैश्विक संकेतों से बढ़ा निवेशकों का भरोसा

सप्ताह के पहले कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार ने मजबूत शुरुआत की। घरेलू निवेशकों के सकारात्मक रुख और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुधरते माहौल का असर बाजार पर साफ दिखाई दिया। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों प्रमुख सूचकांकों में अच्छी बढ़त दर्ज की गई। अमेरिका और ईरान के बीच जारी कूटनीतिक बातचीत से वैश्विक निवेशकों की चिंता कुछ कम हुई है, जिसका असर भारतीय बाजार में भी देखने को मिला।

बाजार खुलते ही खरीदारी का माहौल, सेंसेक्स और निफ्टी ने पकड़ी रफ्तार

कारोबार की शुरुआत में बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 357 अंकों की बढ़त के साथ 77,160 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं एनएसई का निफ्टी 50 भी मजबूत तेजी के साथ 24,106 के स्तर पर कारोबार करता दिखाई दिया। बैंकिंग, ऑटो और चुनिंदा वित्तीय शेयरों में खरीदारी ने बाजार को समर्थन दिया। निवेशकों का मानना है कि घरेलू आर्थिक संकेतक फिलहाल बाजार के पक्ष में बने हुए हैं।

एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख, जापान और दक्षिण कोरिया में तेजी

एशियाई शेयर बाजारों में सोमवार को मिश्रित तस्वीर देखने को मिली। जापान का निक्केई 225 इंडेक्स करीब 1.82 प्रतिशत की बढ़त के साथ 72,550 के स्तर को पार कर गया। वहीं दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स भी लगभग 1.58 प्रतिशत की मजबूती के साथ कारोबार करता दिखा। हालांकि हांगकांग के हैंगसेंग इंडेक्स में कमजोरी बनी रही और इसमें 1.5 से 2 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई। निवेशक वैश्विक आर्थिक घटनाक्रमों पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।

अमेरिकी बाजारों में सतर्कता का माहौल, निवेशक आंकड़ों का इंतजार कर रहे

वॉल स्ट्रीट लंबे अवकाश के बाद कारोबार के लिए तैयार है, लेकिन अमेरिकी फ्यूचर्स बाजार में सावधानी का माहौल दिखाई दिया। एसएंडपी 500 और नैस्डैक-100 फ्यूचर्स में शुरुआती कमजोरी दर्ज की गई, जबकि डॉव जोन्स फ्यूचर्स भी दबाव में दिखाई दिया। अमेरिका और ईरान के बीच जारी वार्ता, ऊर्जा बाजार की स्थिति और आने वाले महंगाई के आंकड़ों ने निवेशकों को फिलहाल सतर्क बनाए रखा है।

कच्चे तेल की कीमतों में फिर तेजी, वैश्विक बाजार की चिंता बढ़ी

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में एक बार फिर तेजी देखने को मिली। वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड फ्यूचर्स 2.06 प्रतिशत उछलकर 78.18 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया। वहीं ब्रेंट क्रूड 80 डॉलर के महत्वपूर्ण स्तर से ऊपर बना हुआ है। ऊर्जा बाजार में उतार-चढ़ाव की मुख्य वजह मध्य पूर्व से जुड़ी भू-राजनीतिक परिस्थितियां और समुद्री मार्गों की सुरक्षा को लेकर बनी अनिश्चितता मानी जा रही है।

वैश्विक घटनाक्रमों पर टिकी निवेशकों की नजर, आगे बढ़ सकती है अस्थिरता

विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में शेयर बाजार की दिशा काफी हद तक अंतरराष्ट्रीय घटनाओं पर निर्भर करेगी। अमेरिका-ईरान वार्ता, कच्चे तेल की चाल, विदेशी निवेशकों की गतिविधियां और अमेरिकी आर्थिक आंकड़े बाजार की धारणा तय कर सकते हैं। फिलहाल भारतीय बाजार ने सप्ताह की शुरुआत सकारात्मक अंदाज में की है, लेकिन निवेशकों को वैश्विक संकेतों पर सतर्क नजर बनाए रखने की सलाह दी जा रही है।

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