Stock market शेयर बाजार में बड़ी गिरावट: 8 जनवरी को निवेशकों को भारी नुकसान
8 जनवरी को भारतीय शेयर बाजार कमजोर रुख के साथ बंद हुआ। दिनभर उतार-चढ़ाव के बाद बाजार में बिकवाली का दबाव हावी रहा। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही लाल निशान पर बंद हुए। कारोबार खत्म होने पर सेंसेक्स 780.18 अंक या 0.92 फीसदी गिरकर 84,180.96 पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 263.90 अंक या 1.01 फीसदी टूटकर 25,876.85 के स्तर पर बंद हुआ। इस गिरावट से निवेशकों की चिंता बढ़ गई है और बाजार में डर का माहौल नजर आया।
सभी सेक्टर्स में दिखी कमजोरी
आज के कारोबार में सभी सेक्टोरल इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए। मेटल, ऑयल एंड गैस, पावर, पीएसयू बैंक और कैपिटल गुड्स सेक्टर में 2 से 3 फीसदी तक की गिरावट दर्ज की गई। बैंकिंग शेयरों पर भी दबाव रहा। बैंक निफ्टी इंडेक्स 0.50 फीसदी से ज्यादा फिसल गया और इंट्राडे में 59,564 के निचले स्तर तक पहुंच गया। बाजार में चौतरफा बिकवाली के चलते निवेशकों का भरोसा कमजोर पड़ता दिखा।
शेयरों की चाल और बाजार की स्थिति
आज के सत्र में कुल 974 शेयरों में तेजी देखने को मिली, जबकि 2870 शेयरों में गिरावट रही। वहीं 137 शेयर बिना किसी बदलाव के बंद हुए। निफ्टी के टॉप लूज़र्स में हिंडाल्को इंडस्ट्रीज, ONGC, जियो फाइनेंशियल, विप्रो और टेक महिंद्रा शामिल रहे। दूसरी ओर, ICICI बैंक, इटरनल, SBI लाइफ इंश्योरेंस और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे शेयरों में मजबूती देखने को मिली और ये निफ्टी के टॉप गेनर्स रहे। इसके अलावा BSE मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स भी करीब 2 फीसदी तक टूट गए, जिससे छोटे निवेशकों को भी बड़ा झटका लगा।
निवेशकों को हुआ भारी नुकसान
एक ही कारोबारी सत्र में निवेशकों की संपत्ति में करीब 8 लाख करोड़ रुपये की गिरावट दर्ज की गई। BSE पर लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन पिछले सत्र के लगभग 480 लाख करोड़ रुपये से घटकर 472 लाख करोड़ रुपये से नीचे आ गया। यह गिरावट बाजार में बढ़ती घबराहट का संकेत देती है। बढ़ता हुआ इंडिया VIX भी यही बता रहा है कि निवेशकों में डर बढ़ रहा है और वे रिस्क लेने से बच रहे हैं।
गिरावट की वजह और आगे का संकेत
एक्सपर्ट्स का मानना है कि विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की लगातार बिकवाली, रूस पर लगाए गए सैंक्शन, कमोडिटी की कीमतों में गिरावट, जियोपॉलिटिकल तनाव और डोनाल्ड ट्रंप के संभावित टैरिफ फैसलों को लेकर अनिश्चितता ने बाजार पर दबाव डाला है। तकनीकी विश्लेषण के मुताबिक जब तक निफ्टी 26,000 के ऊपर वापस नहीं जाता, तब तक शॉर्ट टर्म में बिकवाली का दबाव बना रह सकता है। नीचे की ओर निफ्टी 25,700 और फिर 25,550 तक फिसल सकता है। कुल मिलाकर मौजूदा सेटअप फिलहाल बुल्स के लिए अनुकूल नहीं माना जा रहा है।
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