Share Market Falls: शेयर बाजार में लगातार दूसरे दिन गिरावट, विदेशी बिकवाली और टैरिफ चिंता से सहमे निवेशक

बाजार की शुरुआत ही रही कमजोर

मंगलवार 6 जनवरी को भारतीय शेयर बाजार में कमजोरी का सिलसिला जारी रहा। लगातार दूसरे कारोबारी दिन बाजार दबाव में नजर आया। कारोबार के दौरान सेंसेक्स करीब 500 अंकों तक टूट गया, जबकि निफ्टी फिसलकर 26,150 के अहम स्तर से नीचे चला गया। निवेशकों का रुझान सतर्क दिखाई दिया और बड़े शेयरों में मुनाफावसूली ने बाजार की दिशा तय की। खासतौर पर ऑयल एंड गैस और एनर्जी सेक्टर में भारी बिकवाली देखने को मिली, जिससे समग्र बाजार भावना कमजोर हुई।

सेंसेक्स-निफ्टी के ताजा आंकड़े

सुबह करीब 11:30 बजे बीएसई सेंसेक्स 478 अंक या 0.56 प्रतिशत की गिरावट के साथ 84,963.09 के स्तर पर कारोबार करता दिखा। वहीं एनएसई का निफ्टी-50 इंडेक्स 106.95 अंक या 0.41 प्रतिशत फिसलकर 26,143.35 पर आ गया। केवल बड़े शेयर ही नहीं, बल्कि मिडकैप और स्मॉलकैप स्टॉक्स में भी दबाव बना रहा। यह संकेत है कि गिरावट का असर पूरे बाजार में फैल गया है।

हैवीवेट शेयरों ने खींचा बाजार नीचे

बाजार पर सबसे ज्यादा दबाव बड़े और प्रभावशाली शेयरों से आया। HDFC Bank में करीब 2 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। बीते दो कारोबारी सत्रों में यह शेयर 4 प्रतिशत से अधिक टूट चुका है। तीसरी तिमाही (Q3 FY26) के प्रोविजनल बिजनेस अपडेट के बाद निवेशकों ने इसमें मुनाफा निकालना बेहतर समझा। इसके अलावा रिलायंस इंडस्ट्रीज, ट्रेंट और टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स जैसे दिग्गज शेयरों में भी कमजोरी देखने को मिली, जिससे बेंचमार्क इंडेक्स और फिसल गए।

वैश्विक संकेत और बढ़ती अनिश्चितता

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यापार से जुड़ी चिंताओं ने भी बाजार का मूड बिगाड़ा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान से निवेशक सतर्क हो गए, जिसमें उन्होंने भारत पर टैरिफ बढ़ाने की चेतावनी दी थी। खासकर रूस से तेल खरीद को लेकर दिए गए संकेतों ने अनिश्चितता को और बढ़ा दिया। इसी बीच विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने सोमवार को करीब 36.25 करोड़ रुपये के शेयर बेच दिए। जनवरी के पहले तीन कारोबारी दिनों में विदेशी निवेशक अब तक 3,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की बिकवाली कर चुके हैं। इसका असर बाजार की लिक्विडिटी और भरोसे दोनों पर पड़ा है।

निवेशकों की घबराहट को दर्शाने वाला इंडिया VIX मंगलवार को 2 प्रतिशत से अधिक चढ़ गया। लगातार तीसरे दिन इसमें तेजी आई है और सिर्फ तीन दिनों में यह 10 प्रतिशत से ज्यादा उछल चुका है। यह संकेत देता है कि आने वाले दिनों में बाजार में तेज उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।

Exit mobile version