शेयर बाजार में शुक्रवार को बड़ी गिरावट देखने को मिली। बीएसई सेंसेक्स 675 अंक और निफ्टी 189 अंक लुढ़क गया। बाजार में यह गिरावट मुख्यतः TCS के उम्मीद से कमजोर तिमाही नतीजों, अमेरिका द्वारा लगाए गए नए टैरिफ और रूस पर संभावित प्रतिबंधों की अटकलों के चलते आई। इससे निवेशकों की भावनाओं पर असर पड़ा और बाजार लाल निशान में चला गया।
TCS के नतीजों ने IT सेक्टर को खींचा नीचे
टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) ने Q1 FY26 के नतीजे जारी किए, जो निवेशकों की उम्मीद पर खरे नहीं उतरे। कंपनी का रेवेन्यू 3.1% घटा जबकि नेट प्रॉफिट 6% बढ़कर ₹12,760 करोड़ रहा। TCS के शेयर में 2.5% की गिरावट देखी गई, जो ₹3,297 पर आ गया। इसके चलते निफ्टी IT इंडेक्स 2.1% तक गिर गया। इस गिरावट का असर इंफोसिस, विप्रो, एलटीआई माइंडट्री और टेक महिंद्रा जैसे बड़े IT शेयरों पर भी पड़ा।
ट्रंप की टैरिफ नीति से बढ़ी ग्लोबल चिंता
डोनाल्ड ट्रंप ने कनाडा से आने वाले सामान पर 35% टैरिफ लगाने का ऐलान किया है। साथ ही संकेत दिए कि अन्य देशों पर भी 15–20% बेसलाइन टैरिफ लगाया जा सकता है। इससे वैश्विक व्यापार युद्ध की आशंका गहराई है। अमेरिका के Nasdaq और S&P 500 फ्यूचर्स में 0.4% की गिरावट आई, जिसका असर भारतीय बाजार पर भी पड़ा। EUROSTOXX 50 में भी उतनी ही गिरावट दर्ज की गई।
रूस पर प्रतिबंध की चर्चा, कच्चा तेल महंगा
रूस पर संभावित प्रतिबंधों के संकेत से अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में भी हलचल बढ़ी। ब्रेंट क्रूड की कीमत 68.83 डॉलर और अमेरिकी WTI क्रूड 66.81 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। सप्लाई कम होने की आशंका से तेल महंगा हुआ, जिससे आयात-आधारित भारतीय अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ने की आशंका है। OPEC+ देशों की संभावित उत्पादन रणनीति भी कीमतों में अस्थिरता ला रही है।





