माता-पिता को बच्चे के लिए निवेश करते समय संतुलन बनाना जरूरी बहुत ज्यादा फंड बनाकर देने से आलसी बनने की आशंका
85 हजार का निवेश बन सकता है 55 लाख, लेकिन बच्चे को आलसी भी बना सकता है
सिर्फ पैसा जमा करना ही काफी नहीं, बच्चे की शिक्षा और स्किल पर खर्च जरूरी
बहुत बड़ा फंड = बच्चे में खुद कमाने की प्रेरणा खत्म होने का डर
माता-पिता की गलती – भविष्य के लिए पैसा जोड़ते हैं, लेकिन वर्तमान की काबिलियत पर खर्च नहीं करते
सही फॉर्मूला क्या है? निवेश + शिक्षा = बच्चे का सशक्त भविष्य
बच्चे के जन्म के साथ ही माता-पिता के सामने निवेश से जुड़ा सवाल खड़ा हो जाता है। सवाल सिर्फ ये नहीं कि उज्जवल भविष्य के लिए उसके नाम कितने पैसे जमा किए जाएं, बल्कि ये भी कि ज्यादा रकम उसकी सेहत, पढ़ाई और हुनर पर करें ताकि वह खुद अच्छा कमा सके। विशेषज्ञों के मुताबिक दोनों तरह के निवेश जरूरी हैं, लेकिन सही समय और संतुलन समझना ज्यादा अहम है।
उदाहरण के लिए, अगर आज बच्चे के नाम करीब 85 हजार रुपए निवेश किए जाएं और उस पर औसतन 5.2% सालाना वास्तविक रिटर्न मिले, तो 80 साल बाद यह रकम करीब 55 लाख रुपए से ज्यादा हो सकती है। यानी समय और चक्रवृद्धि ब्याज मिलकर छोटी रकम को भी काफी बड़ा बना सकते हैं।
बहुत ज्यादा पैसा देना खतरनाक क्यों?
रिपोर्ट कहती है – अगर बच्चे के नाम बहुत ज्यादा पैसा जमा करने का बुरा असर भी हो सकता है। कई माता-पिता को डर होता है कि बड़ा फंड बनाकर देने से बच्चा आलसी हो जाएगा और काम नहीं करेगा। यदि बच्चों को पता चल जाए कि माता-पिता के पास बहुत बड़ा फंड है, तो उनके खुद के काम करने और सीखने की प्रेरणा कम हो सकती है। 19वीं सदी के अमेरिकी स्टील उद्योगपति एंड्रयू कारनेगी अपनी अधिकांश संपत्ति इसी वजह से दान कर दी थी कि कहीं उनके वंशज बैठकर खाने के आदी न हो जाएं। नॉर्वे में विरासत पाने वालों पर हुए एक अध्ययन में पाया गया कि बड़ी रकम पाने वालों ने बाद के वर्षों में अपने काम के घंटे 7 से 10% तक कम कर दिए।
तो सही तरीका क्या है?
बच्चे के शुरुआती वर्षों में उसकी शिक्षा और स्किल निखारने पर किया गया खर्च ज्यादा फायदेमंद हो सकता है। बजाय सिर्फ बैंक खाते में पैसा जमा करने के, अगर वही पैसा बच्चे की अच्छी शिक्षा, कोचिंग, स्किल डेवलपमेंट पर खर्च किया जाए तो वो भविष्य में खुद ही ज्यादा कमा सकता है। इसलिए निवेश का सही तरीका है – पहले काबिल बनाओ, फिर फंड दो।
बच्चे के लिए SIP शुरू करना अच्छी बात है, लेकिन उससे भी जरूरी है उसके लिए शेयर बाजार का इंडेक्स फंड जैसा निवेश किए जाएं तो बाजार के उतार-चढ़ाव से बचने के लिए उसके पास लंबा समय होता है। नियमित निवेश शुरू करें, समय दोनों निवेशों को बढ़ने का मौका देता है।