उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड और बारिश-बर्फबारी का दौर, कई राज्यों में कोहरा और शीतलहर का अलर्ट
नई दिल्ली। उत्तर भारत में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के असर से 29 जनवरी को दिल्ली-NCR समेत उत्तर भारत के कई राज्यों में घना कोहरा, बारिश, गरज-चमक और पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी देखने को मिल सकती है। मौसम विभाग के अनुसार, इस सिस्टम का असर उत्तर भारत से लेकर मध्य और पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों तक दिखाई देगा, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है।
दिल्ली-NCR में घना कोहरा, ठिठुरन बढ़ी
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और उससे सटे नोएडा, गाज़ियाबाद, फरीदाबाद और गुरुग्राम में सुबह और देर रात घना कोहरा छाए रहने की संभावना है। दृश्यता कम होने के कारण सड़क और रेल यातायात प्रभावित हो सकता है। दिनभर बादलों की आवाजाही बनी रहेगी और कुछ इलाकों में हल्की बारिश या बूंदाबांदी भी हो सकती है। ठंडी हवाओं के चलते न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे ठंड का असर और बढ़ेगा।
उत्तर प्रदेश में बारिश और गरज-चमक का अनुमान
उत्तर प्रदेश में भी मौसम बदला-बदला रहेगा। लखनऊ, अयोध्या, कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी और आसपास के जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक की संभावना जताई गई है। सुबह और शाम के समय घना कोहरा छा सकता है, जबकि कुछ इलाकों में तेज़ हवाएं चलने की भी आशंका है। मौसम विभाग ने किसानों और वाहन चालकों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
पंजाब, हरियाणा और हिमाचल में शीतलहर
पश्चिमी विक्षोभ का असर पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश में साफ दिखाई देगा। मैदानी इलाकों में बारिश के साथ शीतलहर चल सकती है, जबकि हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी होने की संभावना है। कोहरे के कारण सुबह के समय दृश्यता बेहद कम रह सकती है। मौसम विभाग ने ठंड से बचाव के लिए लोगों को सावधानी बरतने की अपील की है।
उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में भारी बर्फबारी अलर्ट
उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में मौसम और ज्यादा चुनौतीपूर्ण हो सकता है। ऊंचाई वाले इलाकों में भारी बारिश और बर्फबारी का अलर्ट जारी किया गया है। पहाड़ों में तापमान शून्य से नीचे जा सकता है, जिससे जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है। समतल क्षेत्रों में भी बादल छाए रहेंगे और बारिश के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है। पहाड़ी सड़कों पर फिसलन और भूस्खलन का खतरा बना हुआ है।
मध्य भारत में अस्थिर मौसम
मध्य भारत की बात करें तो मध्य प्रदेश के कई जिलों में मौसम अस्थिर बना रहेगा। राज्य के भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर समेत कई हिस्सों में बारिश और कोहरे की संभावना जताई गई है। पचमढ़ी क्षेत्र में सबसे अधिक ठंड पड़ने की उम्मीद है। मौसम विभाग के अनुसार, बादलों की आवाजाही और ठंडी हवाओं से रात के तापमान में गिरावट आ सकती है।
पूर्वी भारत में कोहरा और हल्की बारिश
बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में सुबह के समय घना कोहरा देखने को मिल सकता है। कुछ इलाकों में हल्की बारिश या बादल छाए रहने की संभावना है। तापमान सामान्य से थोड़ा नीचे रह सकता है, जिससे ठंड का असर बना रहेगा। कोहरे के कारण ट्रेनों और बसों की आवाजाही पर असर पड़ सकता है।
पूर्वोत्तर राज्यों में हल्की बारिश
असम, मेघालय और सिक्किम में मौसम अपेक्षाकृत हल्का रहेगा, लेकिन कुछ इलाकों में बादल छाए रहने और हल्की बारिश होने की संभावना है। पहाड़ी क्षेत्रों में ठंडी हवाएं चल सकती हैं, जिससे तापमान में मामूली गिरावट आ सकती है।
दक्षिण भारत में बारिश का सिलसिला
दक्षिण भारत के राज्यों तमिलनाडु, केरल और कर्नाटक में 29 जनवरी को हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक की स्थिति बनी रह सकती है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, यह बारिश सक्रिय मौसम प्रणाली की आगे-पीछे गति के कारण हो रही है। तटीय और आंतरिक हिस्सों में बादल छाए रहेंगे और कुछ जगहों पर तेज़ हवाएं भी चल सकती हैं।
पश्चिम भारत में ठंड और शुष्क मौसम
राजस्थान और गुजरात के पूर्वी हिस्सों में ठंड और कोहरे का असर देखा जा सकता है, जबकि पश्चिमी हिस्सों में मौसम अपेक्षाकृत शुष्क रहेगा। हल्के बादल छाए रह सकते हैं, लेकिन दिन के समय मौसम सामान्य बना रह सकता है। रात के समय ठंड बढ़ने की संभावना है।
मौसम विभाग की सलाह
मौसम विभाग ने लोगों को सुबह-शाम कोहरे में सावधानी बरतने, गर्म कपड़े पहनने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है। किसानों को फसलों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने और पर्वतीय इलाकों में यात्रा करने वालों को विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है।





