भीषण ठंड, घने कोहरे और शीतलहर की चपेट में उत्तर भारत
पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने और उत्तर-पश्चिमी हवाओं के कमजोर पड़ने से उत्तर भारत इस समय भीषण ठंड, घने कोहरे और शीतलहर की चपेट में है। शुक्रवार को दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, बिहार और मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में कोहरे की मोटी चादर छाई रही, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। कई स्थानों पर दृश्यता शून्य तक पहुंच गई, जिसका सीधा असर सड़क, रेल और हवाई यातायात पर पड़ा।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली के लिए कोहरे का रेड अलर्ट जारी किया है, जबकि उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब के कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है। मौसम विभाग ने नागरिकों से सतर्क रहने, अनावश्यक यात्रा से बचने और वाहन चलाते समय फॉग लाइट के उपयोग की सलाह दी है।
दिल्ली-एनसीआर में ठंड और कोहरे का कहर
दिल्ली-एनसीआर में शुक्रवार तड़के घना कोहरा छाया रहा। सुबह के समय दृश्यता 50 मीटर तक सिमट गई। आईएमडी के अनुसार, तड़के ढाई बजे से सुबह साढ़े आठ बजे तक हालात बेहद खराब रहे। इसका सबसे ज्यादा असर इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर देखने को मिला, जहां चार अंतरराष्ट्रीय उड़ानों समेत कुल 177 उड़ानें रद करनी पड़ीं। वहीं, करीब 84 प्रतिशत उड़ानें विलंबित रहीं, जिनकी संख्या एक हजार के करीब बताई गई। औसतन उड़ानों में 45 मिनट तक की देरी दर्ज की गई।
उत्तर प्रदेश में गलन वाली ठंड
उत्तर प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में कोहरे और गलन वाली ठंड ने लोगों को घरों में कैद कर दिया। आईएमडी के मुताबिक, शुक्रवार सुबह 5:30 बजे आगरा, बरेली, सहारनपुर, गोरखपुर समेत कई शहरों में दृश्यता शून्य दर्ज की गई। पश्चिमी उत्तर प्रदेश से लेकर पूर्वांचल तक ठंड का प्रकोप बना रहा।
बरेली मंडल में कक्षा आठ तक के सभी स्कूल 20 दिसंबर तक बंद कर दिए गए हैं। मेरठ और आसपास के जिलों में लगातार दूसरे दिन दोपहर तक कोहरा छाया रहा। आगरा में भी सुबह के समय हाईवे पर दृश्यता बेहद कम रही, जिससे वाहनों की रफ्तार थम सी गई।
वाराणसी, बिहार और मध्य प्रदेश भी प्रभावित
वाराणसी में सुबह 10 बजे तक घना कोहरा छाया रहा और दृश्यता महज 100 मीटर तक सीमित रही। बिहार के भागलपुर और झारखंड के डाल्टनगंज में भी हालात कुछ ऐसे ही रहे। मध्य प्रदेश के ग्वालियर-चंबल अंचल में सुबह नौ बजे तक सूर्यदेव के दर्शन नहीं हुए। सड़कों पर दृश्यता 100 मीटर से भी कम रही, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हुआ।
रेल यातायात पर व्यापक असर
घने कोहरे का असर रेल सेवाओं पर भी साफ दिखाई दिया। दिल्ली आने वाली 40 से अधिक ट्रेनें दो घंटे से ज्यादा की देरी से पहुंचीं। भागलपुर गरीब रथ एक्सप्रेस को निरस्त करना पड़ा, जबकि संभलपुर एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय से पांच घंटे विलंब से पहुंची।
शताब्दी और वंदे भारत समेत कई प्रीमियम ट्रेनें भी 30 से 45 मिनट की देरी से चलीं। उत्तर प्रदेश के बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर और बदायूं में गुरुवार रात से छाया कोहरा शुक्रवार पूर्वाह्न 11 बजे तक बना रहा। इस दौरान आठ ट्रेनों को निरस्त किया गया।
हवाई सेवाएं भी चरमराईं
कोहरे का असर सिर्फ दिल्ली तक सीमित नहीं रहा। वाराणसी एयरपोर्ट से 28 उड़ानों के रद होने की घोषणा की गई। देहरादून एयरपोर्ट पर दिल्ली, पुणे और बेंगलुरु से आने-जाने वाली आठ उड़ानें एक से डेढ़ घंटे की देरी से संचालित हुईं।
नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने बताया कि वह आईएमडी के साथ मिलकर लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। यात्रियों को रियल-टाइम मौसम अपडेट के आधार पर पहले से सूचित किया जा रहा है। प्रभावित यात्रियों को पूरा रिफंड और मुफ्त री-शेड्यूलिंग की सुविधा दी जा रही है।
एयरलाइंस की चेतावनी
एयर इंडिया ने कहा है कि कोहरे का असर पूरे नेटवर्क पर पड़ सकता है। वहीं, इंडिगो और स्पाइसजेट ने भी यात्रियों को आगाह किया है कि कोहरे से प्रभावित क्षेत्रों में उड़ानों के आगमन और प्रस्थान में बदलाव संभव है। यात्रियों से अपील की गई है कि वे एयरपोर्ट जाने से पहले अपनी उड़ान की स्थिति की पुष्टि कर लें।
आगे क्या कहता है मौसम विभाग
मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 से 48 घंटों तक उत्तर भारत के कई हिस्सों में घना कोहरा बने रहने की संभावना है। शीतलहर का प्रकोप भी जारी रह सकता है। ऐसे में प्रशासन ने लोगों से सतर्कता बरतने, बुजुर्गों और बच्चों का विशेष ध्यान रखने और अत्यावश्यक स्थिति में ही घर से निकलने की अपील की है।
कुल मिलाकर, घने कोहरे और शीतलहर ने उत्तर भारत में जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। आने वाले दिनों में मौसम के तेवर नरम पड़ते हैं या नहीं, इस पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।





