मध्यप्रदेश में कड़ाके की ठंड और घना कोहरा..”शहर-शहर शीत लहर, प्रदेश के 21 जिलों में स्कूलों की छुट्टी
भोपाल। मध्यप्रदेश में कड़ाके की ठंड और घने कोहरे का कहर लगातार तीसरे दिन भी जारी है। उत्तर भारत से आ रही सर्द हवाओं के असर से प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में शीत लहर जैसी स्थिति बन गई है। हालात की गंभीरता को देखते हुए प्रदेश के 21 जिलों में स्कूलों की छुट्टी घोषित कर दी गई है, जबकि भोपाल, सीहोर और धार में स्कूलों की टाइमिंग में बदलाव किया गया है। मौसम की मार से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।
राजधानी भोपाल में सोमवार सुबह से ही घना कोहरा छाया रहा। सुबह 6 से 7 बजे के बीच विजिबिलिटी घटकर महज 20 मीटर रह गई। हालात ऐसे रहे कि वाहन चालकों को दिन में भी हेडलाइट जलाकर चलना पड़ा। कोहरे की मोटी चादर सुबह 11 बजे तक शहर पर छाई रही। सर्द हवाओं ने ठंड का असर और बढ़ा दिया, जिससे लोग घरों में दुबकने को मजबूर हो गए।
प्रदेश के हिल स्टेशन पचमढ़ी में ठंड ने रिकॉर्ड तोड़ दिया। यहां ओस की बूंदें जम गईं, जिससे तापमान शून्य के आसपास महसूस किया गया। बुंदेलखंड क्षेत्र के छतरपुर जिले के नौगांव में प्रदेश का सबसे कम तापमान दर्ज किया गया। नौगांव में ठंड ने आम जनजीवन के साथ-साथ कृषि गतिविधियों को भी प्रभावित किया है।
21 जिलों में स्कूलों की छुट्टी
कड़ाके की ठंड और घने कोहरे को देखते हुए प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन ने एहतियातन 21 जिलों में स्कूलों की छुट्टी घोषित कर दी है। इनमें इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर, रीवा, सागर, दमोह, टीकमगढ़, छतरपुर, शिवपुरी, श्योपुर सहित कई जिले शामिल हैं। प्रशासन का कहना है कि छोटे बच्चों की सेहत को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है।
वहीं भोपाल, सीहोर और धार में स्कूलों को पूरी तरह बंद नहीं किया गया, बल्कि टाइमिंग में बदलाव किया गया है। यहां स्कूल अब सुबह 9:30 बजे से शुरू किए जा रहे हैं। इससे पहले स्कूल सुबह 8:30 बजे से लग रहे थे। जिला प्रशासन का कहना है कि सुबह के समय कोहरे की घनता ज्यादा होने के कारण यह निर्णय लिया गया है।
दिन का तापमान भी लुढ़का
ठंड का असर सिर्फ न्यूनतम तापमान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि दिन का तापमान भी तेजी से गिरा है। सोमवार को भोपाल और श्योपुर में अधिकतम तापमान 18.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दतिया और खजुराहो में 18.6 डिग्री, नौगांव में 19 डिग्री, रीवा में 19.4 डिग्री, दमोह और टीकमगढ़ में 19.5 डिग्री तथा ग्वालियर और पचमढ़ी में 19.6 डिग्री सेल्सियस रहा।
इंदौर और शिवपुरी में अधिकतम तापमान 22 डिग्री दर्ज किया गया, जबकि उज्जैन में 22.4 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विभाग के अनुसार सामान्य से 4 से 6 डिग्री तक कम तापमान रिकॉर्ड किया जा रहा है, जो शीत लहर की स्थिति को दर्शाता है।
मौसम विभाग का अलर्ट
मौसम विभाग के मुताबिक उत्तर भारत से आ रही ठंडी और शुष्क हवाओं के कारण प्रदेश में ठंड बढ़ी है। कई जिलों में रात का न्यूनतम तापमान लगातार गिर रहा है। सुबह के समय घना कोहरा छा रहा है, जिससे दृश्यता बेहद कम हो जा रही है। विभाग ने अगले कुछ दिनों तक ठंड और कोहरे के बने रहने की संभावना जताई है। कुछ जिलों में शीत लहर का अलर्ट भी जारी किया गया है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि पहाड़ी क्षेत्रों और बुंदेलखंड में ठंड का असर ज्यादा रहेगा। साथ ही पश्चिमी विक्षोभ के कमजोर असर के कारण फिलहाल बारिश की संभावना नहीं है, जिससे ठंड और बढ़ सकती है।
कोहरे और ठंड के बीच स्कूल पहुंचे नन्हें बच्चे
राजधानी भोपाल में स्कूलों की छुट्टी न होने से छोटे-छोटे बच्चे घने कोहरे और कड़ाके की ठंड के बीच स्कूल पहुंचने को मजबूर हुए। सोमवार सुबह 6 से 8 बजे के बीच विजिबिलिटी 20 से 50 मीटर के बीच रही। इतनी कम दृश्यता में बच्चों को स्कूल छोड़ने पहुंचे अभिभावक भी चिंतित नजर आए।
हालांकि जिला शिक्षा अधिकारी नरेंद्र अहिरवार ने रविवार को आदेश जारी कर नर्सरी से आठवीं तक के स्कूलों को सुबह 9:30 बजे के बाद खोलने के निर्देश दिए थे, लेकिन नौवीं से बारहवीं तक के छात्रों को तय समय पर स्कूल जाना पड़ा। ठंडी हवाओं और कोहरे के बीच छात्रों को ठिठुरते हुए स्कूल पहुंचना पड़ा।
अभिभावकों में नाराजगी
भोपाल में स्कूलों की छुट्टी न होने को लेकर अभिभावकों में नाराजगी देखी जा रही है। अभिभावकों का कहना है कि जब इंदौर, उज्जैन समेत कई जिलों में स्कूल बंद किए गए हैं, तो भोपाल में अलग नियम क्यों लागू किए गए। उनका कहना है कि बच्चों की सेहत सबसे ज्यादा जरूरी है और इस तरह के मौसम में स्कूल जाना जोखिम भरा हो सकता है।
जनजीवन प्रभावित
ठंड और कोहरे के कारण प्रदेशभर में ट्रेनों और बसों की आवाजाही भी प्रभावित हुई है। कई ट्रेनों के देरी से चलने की खबर है। सड़कों पर वाहन रेंगते नजर आए। सुबह के समय बाजारों में भीड़ कम रही, जबकि शाम होते-होते ठंड और बढ़ गई।
कुल मिलाकर, मध्यप्रदेश इस समय शीत लहर और घने कोहरे की चपेट में है। मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए प्रशासन अलर्ट मोड में है और लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।