महाकुुंभ में बार बार क्यों लग रही आग…अब तक चार बार लग चुकी आग…आखिर आग लगने के क्या कारण हैं
महाकुंभ 2025 में हादसों का सिलसिला लगातार जारी है। विश्व के इस सबसे बड़े धार्मिक समागम में अब तक आग लगने की करीब चार बड़े घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इससे बड़ी विडंबना और क्या होगी कि इस तरह के बहुप्रचारित आयोजन में बार बार एक ही तरह के हादसे सामने आएं। इसके बाद भी उन हादसों से सबक लेना जरूरी न समझा जाए।
- महाकुंभ 2025 में हादसों का सिलसिला जारी
- सामने आ चुकी हैं आग लगने की कई घटनाएं
- मौनी अमावस्या पर भगदड़ में गई कई श्रद्धालुओं की जान
- बचाव के लिए निगरानी और चौकसी के मोर्चे पर नाकामी
महाकुंभ मेले में शुक्रवार 15 फरवरी को एक बार फिर आग ने अपना विकराल रुप दिखाया। हालांकि इस आगजनी में इस बार किसी की जान नहीं गई। समय रहते आग पर काबू पा लिया गया, लेकिन सच्चाई यह भी है कि मेले में लापरवाही की वजह से ऐसे हादसे एक तरह का सिलसिला ही बन गए हैं। महाकुंभ के आगाज के साथ ही अब तक आग लगने की चार बड़ी घटनाएं हो चुकी हैं।
- महाकुंभ मेला सेक्टर 18-19 में लगी आग
- भीषण आग में कई टेंट जलकर राख
- मौके पर पहुंची दमकल की टीम
- आग बुझाने में जुटी दमकल की टीम
- राहत बचाव कार्य में जुटा प्रशासन
- महाकुंभ के सेक्टर 18-19 की घटना
आग लगने की घटनाओं से हटकर मौनी अमावस्या के दिन पर्व स्रान के मौके पर जो भगदड़ हुई थी उसमें कई श्रद्धालुओं की जान चली गई थी। जान जाने से यही पता चलता है कि हादसों से बचाव के लिए निगरानी और चौकसी के मोर्चे पर प्रशासन नाकाम साबित हो रहा है। आगजनी की चपेट में आने से वहां कई टेंट जल कर राख गए। फायरकर्मी देर तक आग पर काबू पाने में जुटे रहे। भीड़ को मौके से हटाया गया। बता दें शनिवार को वीकेंड होने पर मेला क्षेत्र में जबरदस्त भीड़ पहुंची थी। दरअसल प्रशासन ने दो दिन मेला क्षेत्र में वाहनों की एंट्री रोक दी गई थी। इसके साथ ही मेला प्रशासन की ओर से सभी तरह के पास भी पहले ही रद्द कर दिए थे। शनिवार और रविवार दो दिन के लिए संगम रेलवे स्टेशन भी बंद रखा है। प्रयागराज में बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं के वाहनों को भी संगम से 10–12 किलोमीटर पहले बनाई पार्किंग में रोके जा रहे हैं। पार्किंग से शटल बस के जरिए श्रद्धालु संगम और दूसरे घाट पहुंच रहे हैं।
महाकुंभ में शनिवार 15 फरवरी को एक बार फिर आग लग गई। जिसकी सूचना मिलते ही एम्बुलेंस और फायर ब्रिगेड की गाड़ी मौके पहुंची। इस समय मेले में जबरदस्त भीड़ दिखई दे रही है। जिसके चलते गाड़ियों को मौके पर पहुंचने में कठिनाई का सामना करना पड़ा। आखिर महाकुंभ में बार बार आग क्यों लग है। आखिर आग लगने की वजह क्या है।
महाकुंभ में फिर लगी आग…
महाकुुंभ में अब तक चार बार आग लग चुकी है। पहली बार आगजनी की घटना 19 जनवरी हुई थी। यहां सेक्टर 19 में गीता प्रेस के शिविर में आग लगी थी। इस हादसे में करीब 180 कॉटेज जल गए थे। वहीं दूसरी बार 30 जनवरी सेक्टर 22 में आग लगी थी। जिसमें 15 टेंट जलकर राख हो गए थे। तीसरी बार महाकुंभ मेले में 7 फरवरी को आग लगी। यहा आग सेक्टर-18 में लगी थी। साथ ही शंकराचार्य मार्ग पर हादसा हुआ था। जिसमें करीब 22 पंडाल जल कर राख हो गए थे। अब चौथी बार 15 फरवरी को मेला क्षेत्र में आग लगी है। यह आग मेला क्षेत्र में बने सेक्टर 18-19 में आग लगी है।। हालांकि इस आग पर काबू पा लिया गया।
आग में राख हो गए नोटों के बैग
महाकुंभ मेला क्षेत्र में स्थित 18 और 19 सेक्टर में इस बार लगी आग में नोट के बंडल भी जले हैं। चश्मदीद की माने तो श्रीराम चरित मानस सेवा प्रवचन मंडल के इस शिविर में आग लग गई। हालांकि गनिमत रही कि यहां से सभी लोग पहले ही जा चुके थे। कुर्सी, टेंट, खाने का सामान जलकर राख हो गया। वहीं शिविर में नोट से भरे तीन बैग रखे थे। जिनमें से एक बैग सुरक्षित बचा लिया गया जबकि दो बैग जलकर राख हो गए। बताया जा रहा है कि एक बैग किसी तरह सुरक्षित निकाला गया है। दो बैग के जलने की आशंका जताई जा रही है।
(प्रकाश कुमार पांडेय)