वैश्विक तनाव और पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष के बीच भारतीय शेयर बाजार में लगातार दबाव देखने को मिल रहा है। लगातार कई दिनों की गिरावट से निवेशकों में चिंता जरूर बढ़ी है, लेकिन इसी बीच एक अंतरराष्ट्रीय ब्रोकरेज रिपोर्ट ने बाजार के भविष्य को लेकर बड़ा संकेत दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक मौजूदा कमजोरी के बावजूद भारतीय बाजार आने वाले समय में बड़ी तेजी दिखा सकता है।
वैश्विक तनाव के बीच लगातार चौथे दिन भारतीय शेयर बाजार में गिरावट से निवेशकों की चिंता बढ़ी
पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष और अनिश्चितता के कारण भारतीय शेयर बाजार में लगातार दबाव बना हुआ है। बुधवार को भी बाजार गिरावट के साथ बंद हुआ और प्रमुख सूचकांक BSE Sensex में करीब 1122 अंकों की तेज गिरावट दर्ज की गई। यह लगातार चौथा दिन था जब बाजार लाल निशान में बंद हुआ। अंतरराष्ट्रीय हालात और निवेशकों की सतर्कता के कारण बाजार में बिकवाली का दबाव देखने को मिला।
मॉर्गन स्टेनली की रिपोर्ट में सेंसेक्स को सोने के मुकाबले सस्ता बताया गया
वैश्विक ब्रोकरेज कंपनी Morgan Stanley ने अपनी नई रिपोर्ट में दिलचस्प विश्लेषण पेश किया है। रिपोर्ट के मुताबिक मौजूदा समय में भारतीय शेयर बाजार सोने की तुलना में अपेक्षाकृत सस्ता दिखाई दे रहा है। जंग के माहौल में जहां सोने की कीमतों में तेजी आई है, वहीं शेयर बाजार गिरा है। ऐसे में सेंसेक्स-गोल्ड रेशियो कम हो गया है, जो यह संकेत देता है कि शेयर बाजार संभावित रूप से अंडरवैल्यूड हो सकता है।
मजबूत आर्थिक बुनियाद के बावजूद बाजार की गिरावट को विशेषज्ञ अस्थायी मान रहे हैं
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि बाजार की मौजूदा कमजोरी देश की आर्थिक स्थिति को सही तरह से प्रतिबिंबित नहीं करती। भारत की मैक्रोइकोनॉमिक स्थिति अभी भी मजबूत मानी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह गिरावट मुख्य रूप से वैश्विक जोखिम, निवेशकों की सतर्कता और बाहरी कारकों की वजह से हो रही है, न कि घरेलू अर्थव्यवस्था की कमजोरी के कारण।
बाजार में गिरावट को अनुभवी निवेशक अच्छे शेयरों को सस्ते में खरीदने का अवसर मानते हैं
मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि जब वैश्विक तनाव के कारण अच्छे और मजबूत कंपनियों के शेयर भी 10 से 15 प्रतिशत तक गिर जाते हैं, तो अनुभवी निवेशक इसे अवसर के रूप में देखते हैं। ऐसी परिस्थितियों में घबराकर शेयर बेचने के बजाय मजबूत कंपनियों में निवेश बढ़ाना लंबे समय में बेहतर रिटर्न दे सकता है।
रिपोर्ट के अनुसार आने वाले समय में भारतीय शेयर बाजार में बड़ी तेजी की संभावना
रिपोर्ट में यह भी अनुमान लगाया गया है कि आने वाले समय में बाजार मजबूत वापसी कर सकता है। बेस-केस परिदृश्य में दिसंबर 2026 तक सेंसेक्स के 95,000 के स्तर तक पहुंचने की संभावना जताई गई है। वहीं बुल-केस स्थिति में यह आंकड़ा 1,07,000 तक जा सकता है, जो मौजूदा स्तर से करीब 33 प्रतिशत की संभावित बढ़त को दर्शाता है।