भारतीय बाजार की शुरुआत और अचानक बदला रुख
गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार ने सकारात्मक शुरुआत की, लेकिन शुरुआती बढ़त ज्यादा देर तक टिक नहीं पाई। कारोबार के दौरान मुनाफावसूली और चुनिंदा दिग्गज शेयरों में बिकवाली के दबाव से बाजार फिसल गया। दोपहर के आसपास सेंसेक्स 554 अंकों की गिरावट के साथ 83,180 के स्तर पर आ गया, जबकि निफ्टी 160 अंक टूटकर 25,658 पर कारोबार करता दिखा। शुरुआती तेजी के बाद आई इस कमजोरी ने निवेशकों को सतर्क कर दिया और बाजार में जोखिम लेने की धारणा कमजोर पड़ी।
दिग्गज शेयरों में बिकवाली, चुनिंदा स्टॉक्स में मजबूती
सेंसेक्स में शामिल अधिकांश बड़े शेयरों में गिरावट देखने को मिली। एविएशन से लेकर पावर और ऑटो सेक्टर तक दबाव बना रहा। इंडिगो, ट्रेंट, बीईएल, महिंद्रा एंड महिंद्रा, पावर ग्रिड और रिलायंस इंडस्ट्रीज जैसे शेयर करीब 1.8 प्रतिशत तक टूटे। दूसरी ओर आईटी और कंज्यूमर सेक्टर के कुछ नामों ने बाजार को आंशिक सहारा दिया। इन्फोसिस, टीसीएस, एचसीएल टेक, टेक महिंद्रा, हिंदुस्तान यूनिलीवर और मारुति सुजुकी इंडिया हरे निशान में कारोबार करते नजर आए। इससे साफ हुआ कि निवेशक फिलहाल रक्षात्मक और आईटी-केंद्रित शेयरों को प्राथमिकता दे रहे हैं।
ब्रॉडर मार्केट की चाल और सेक्टरवार तस्वीर
केवल दिग्गज शेयर ही नहीं, बल्कि व्यापक बाजार में भी कमजोरी दिखी। निफ्टी मिडकैप 100 में 0.52 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 भी 0.11 प्रतिशत नीचे रहा। सेक्टर के हिसाब से देखा जाए तो आईटी शेयरों ने बेहतर प्रदर्शन किया और निफ्टी आईटी इंडेक्स 0.88 प्रतिशत चढ़ा। इसके अलावा निफ्टी फार्मा में भी 0.22 प्रतिशत की बढ़त देखने को मिली। वहीं रियल्टी सेक्टर पर दबाव रहा और निफ्टी रियल्टी 0.56 प्रतिशत फिसला। बैंकिंग और एफएमसीजी जैसे रक्षात्मक माने जाने वाले सेक्टर भी पूरी तरह संभल नहीं पाए और निफ्टी प्राइवेट बैंक व निफ्टी एफएमसीजी में करीब 0.2-0.2 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
एशियाई बाजारों से मिले सकारात्मक संकेत
घरेलू कमजोरी के उलट एशियाई बाजारों में गुरुवार को अच्छी तेजी दिखी। वॉल स्ट्रीट से मिले मजबूत संकेतों का असर एशिया पर साफ नजर आया। जापान का निक्केई 225 इंडेक्स 0.52 प्रतिशत चढ़ा, जबकि टॉपिक्स में 0.39 प्रतिशत की बढ़त रही। दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स 2.76 प्रतिशत उछलकर अपने नए रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंच गया। स्मॉल-कैप कोस्डैक में भी 0.59 प्रतिशत की मजबूती देखने को मिली। हालांकि लूनर न्यू ईयर की छुट्टियों के चलते हांगकांग और चीन के बाजार बंद रहे, जिससे एशिया की कुल ट्रेडिंग वॉल्यूम कुछ सीमित रही।
वॉल स्ट्रीट की मजबूती और फेड के मिनट्स का असर
अमेरिकी शेयर बाजार बुधवार को बढ़त के साथ बंद हुए। निवेशकों की नजर अमेरिकी फेडरल रिजर्व की पिछली बैठक के जारी मिनट्स पर रही। एसएंडपी 500 इंडेक्स 0.56 प्रतिशत की बढ़त के साथ 6,881.31 पर बंद हुआ, जबकि नैस्डैक कंपोजिट 0.78 प्रतिशत चढ़कर 22,753.63 पर पहुंच गया। डॉव जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज भी 129.47 अंकों या 0.26 प्रतिशत की मजबूती के साथ 49,662.66 पर बंद हुआ।
फेड की जनवरी के अंत में हुई बैठक के मिनट्स 18 फरवरी को जारी किए गए, जिनसे संकेत मिला कि फिलहाल ब्याज दरों में बदलाव की संभावना कम है। फेड अधिकारियों का मानना है कि महंगाई के रुख को लेकर और स्पष्टता आने तक दरों पर कोई बड़ा फैसला नहीं लिया जाएगा। मिनट्स में यह भी सामने आया कि कुछ अधिकारी दरों में कटौती या बढ़ोतरी—दोनों संभावनाओं को लेकर तटस्थ रुख बनाए हुए हैं। यही वजह है कि वैश्विक बाजारों में सतर्क आशावाद बना हुआ है, जबकि घरेलू निवेशक फिलहाल चुनिंदा शेयरों तक सीमित रहना पसंद कर रहे हैं।
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