लगातार तीन कारोबारी सत्रों तक गिरावट झेलने के बाद 19 दिसंबर को भारतीय शेयर बाजार ने मजबूती के साथ शुरुआत की। शुरुआती कारोबार में निवेशकों का भरोसा लौटता नजर आया। बीएसई सेंसेक्स करीब 500 अंकों की तेजी के साथ 85,010 के स्तर तक पहुंच गया, जबकि एनएसई निफ्टी 50 लगभग 150 अंकों की बढ़त के साथ 25,965 के ऊपर ट्रेड करता दिखा।
अमेरिका से मिले राहत भरे संकेत
वैश्विक बाजारों को अमेरिका से पॉजिटिव संकेत मिले हैं। नवंबर महीने के अमेरिकी महंगाई आंकड़े उम्मीद से कमजोर रहे। यूएस CPI घटकर 2.7% पर आ गया, जो पहले 3% था। इससे यह उम्मीद मजबूत हुई है कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व आगे चलकर ब्याज दरों में और कटौती कर सकता है। कम ब्याज दरें भारत जैसे उभरते बाजारों के लिए फायदेमंद मानी जाती हैं, क्योंकि इससे विदेशी निवेश को बढ़ावा मिलता है।
एशियाई बाजारों की मजबूती का असर
एशियाई शेयर बाजारों में भी सकारात्मक रुख देखने को मिला, जिसका असर भारतीय बाजार पर पड़ा। जापान का निक्केई 225 करीब 1.3% चढ़ा। दक्षिण कोरिया का KOSPI 0.8% की बढ़त के साथ बंद हुआ, जबकि ताइवान का TAIEX 1.3% मजबूत रहा। अमेरिकी सेमीकंडक्टर कंपनी माइक्रोन टेक्नोलॉजी के बेहतर नतीजों ने टेक शेयरों में जोश भर दिया।
रुपये की मजबूती ने बढ़ाया भरोसा
भारतीय रुपया भी लगातार तीसरे दिन डॉलर के मुकाबले मजबूत हुआ। 19 दिसंबर को रुपया 90.15 प्रति डॉलर पर खुला। बीते तीन दिनों में रुपये में करीब 1% की मजबूती आई है। बाजार जानकारों का मानना है कि इसमें रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की भूमिका और डॉलर की कमजोरी अहम कारण हैं। मजबूत रुपया शेयर बाजार के लिए सकारात्मक संकेत माना जाता है।
FII और DII की तगड़ी खरीदारी
बाजार की तेजी को संस्थागत निवेशकों का मजबूत समर्थन मिला। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने लगातार दूसरे दिन खरीदारी जारी रखते हुए करीब 600 करोड़ रुपये का निवेश किया। वहीं घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने भी बाजार में भरोसा दिखाया और 2,700 करोड़ रुपये से ज्यादा की खरीदारी की। दोनों की ओर से आई इस खरीद ने बाजार को मजबूती दी।
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