घरेलू शेयर बाजार ने आज कारोबार की शुरुआत हल्की मजबूती के साथ की थी, लेकिन जैसे-जैसे दिन आगे बढ़ा, बाजार की चाल बदलती चली गई। दोपहर होते-होते तेजी पूरी तरह गायब हो गई और बिकवाली का दबाव हावी हो गया। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों अपने दिन के उच्चतम स्तर से फिसलकर नीचे आ गए। इस गिरावट से निवेशकों को इंट्राडे ट्रेडिंग में बड़ा नुकसान झेलना पड़ा और बाजार में फिर से अनिश्चितता का माहौल बन गया।
बाजार का उतार-चढ़ाव
कारोबार के दौरान बीएसई सेंसेक्स 84,258.03 अंक के उच्चतम स्तर तक पहुंचा था, लेकिन वहां टिक नहीं सका। इसके बाद इसमें तेज गिरावट आई और यह 83,324.84 अंक तक फिसल गया। इसी तरह निफ्टी50 भी 25,899.80 के शिखर से नीचे उतरकर 25,627.40 अंक के निचले स्तर पर आ गया। दोपहर 2:12 बजे सेंसेक्स 555.18 अंक यानी 0.66% की गिरावट के साथ 83,322.99 पर ट्रेड कर रहा था। वहीं निफ्टी 164.90 अंक यानी 0.64% टूटकर 25,625.35 पर पहुंच गया। इस गिरावट के चलते बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल मार्केट कैप घटकर 466.41 लाख करोड़ रुपये रह गया।
क्यों टूटा बाजार?
दिन की शुरुआत उम्मीदों से भरी रही थी। अमेरिका के साथ ट्रेड डील को लेकर सकारात्मक संकेत और आईटी कंपनियों टीसीएस व एचसीएल टेक्नोलॉजीज के शुरुआती अच्छे नतीजों ने निवेशकों में जोश भरा। इसी कारण बाजार ने बढ़त के साथ शुरुआत की। हालांकि यह तेजी ज्यादा देर तक टिक नहीं पाई। दोपहर बाद जैसे ही बड़े शेयरों में बिकवाली शुरू हुई, बाजार की दिशा पूरी तरह बदल गई और गिरावट तेज हो गई।
दिग्गज शेयरों में बिकवाली
बाजार पर सबसे ज्यादा असर बड़ी कंपनियों के शेयरों की कमजोरी से पड़ा। रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर करीब 2% टूट गए, जबकि पिछले सत्र में इसमें 0.5% की बढ़त देखी गई थी। गौरतलब है कि बीते हफ्ते ही रिलायंस के शेयर 7.4% गिर चुके हैं। कंपनी ने जानकारी दी थी कि उसे जनवरी में रूस से कच्चा तेल नहीं मिलेगा, जिससे निवेशक पहले से ही सतर्क थे। इसके अलावा आईटी सेक्टर ने भी बाजार पर दबाव बनाया। आईटी इंडेक्स 0.4% गिरा। एचसीएल टेक के शेयर 2% टूटे, जबकि टीसीएस के शेयर 0.1% फिसल गए।
कच्चा तेल और वैश्विक तनाव
शेयर बाजार पर कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों का भी असर देखने को मिला। भारत एक बड़ा तेल आयातक देश है, इसलिए तेल महंगा होने से आर्थिक दबाव बढ़ता है। ईरान में जारी तनाव के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें चढ़ गईं। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान से व्यापार करने वाले देशों पर 25% टैरिफ लगाने की चेतावनी दी है, जिससे भू-राजनीतिक अनिश्चितता और गहरी हो गई है। इसका सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ा। ब्रेंट क्रूड 57 सेंट यानी 0.9% बढ़कर 64.44 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया, जो करीब दो महीने के उच्च स्तर के आसपास है।
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