शेयर बाजार में दूसरी बड़ी गिरावट: सेंसेक्स 720 अंक टूटा, निफ्टी भी 232 अंक फिसला—निवेशकों में बढ़ी घबराहट

विदेशी निवेशकों की भारी बिकवाली, रुपये की कमजोरी, भारत-अमेरिका ट्रेड डील में देरी और फेड रिज़र्व की नीतियों को लेकर अनिश्चित माहौल—इन सब कारणों की वजह से शेयर बाजार मंगलवार को भी टूटता दिखाई दिया। सेंसेक्स 700 से ज्यादा अंक गिर गया, वहीं निफ्टी में भी 230 से अधिक अंकों की गिरावट देखी गई। लगातार दूसरे दिन आई इस तेज गिरावट ने बाजार में निवेशकों का भरोसा हिला दिया है।

FII की मुनाफावसूली और वैश्विक दबाव से बाजार कमजोर

मंगलवार के कारोबारी सत्र में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) ने एक बार फिर मुनाफावसूली की, जिसके असर से बाजार शुरुआत से ही दबाव में रहा। रुपये में कमजोरी, अमेरिका और भारत के बीच ट्रेड डील को लेकर अनिश्चितता और ट्रंप के नए टैरिफ संकेतों ने माहौल और बिगाड़ दिया। विशेषज्ञों का कहना है कि फेड की ओर से 25 बेसिस प्वाइंट कटौती की उम्मीद तो है, लेकिन नीति पर स्पष्ट संकेत न मिलने से निवेशक सतर्क बने हुए हैं।

सेंसेक्स 720 अंक गिरा, लगातार दूसरे दिन बाजार टूटा

सप्ताह के दूसरे कारोबारी दिन BSE सेंसेक्स भारी गिरावट के साथ खुला और दिनभर कमजोरी बरकरार रही। सेंसेक्स सुबह 84,742.87 पर खुला और कारोबार के दौरान 720 अंकों से ज्यादा टूटकर 84,382.96 तक पहुंच गया। सोमवार को भी सेंसेक्स में 600+ अंक की गिरावट देखी गई थी, जब यह 85,102.69 पर बंद हुआ था।
10:25 बजे के आसपास सेंसेक्स थोड़ी रिकवरी के बाद भी 84,705.82 पर ट्रेड कर रहा था—यानि नुकसान अब भी भारी रहा।

निफ्टी में भी बड़ी गिरावट, 232 अंक टूटकर लो लेवल पर पहुँचा

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी भी शुरुआत से लाल निशान में रहा। निफ्टी 25,867.10 पर खुला और थोड़ी देर बाद 232.55 अंकों की तेज गिरावट के साथ 25,728 के लो लेवल तक जा पहुँचा।
10:30 बजे के आसपास निफ्टी में हल्की रिकवरी दिखी, लेकिन वह अब भी 153.10 अंकों की गिरावट के साथ 25,807.45 पर ट्रेड कर रहा था। बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, ग्लोबल अनिश्चितताओं के रहते निफ्टी में स्थिरता जल्दी लौटती नहीं दिख रही।

ग्लोबल संकेतों से भी दबाव—निवेशकों ने सुरक्षित रुख अपनाया

दुनिया के प्रमुख बाजारों—खासतौर पर एशियाई और अमेरिकी इंडेक्स—में भी कमजोरी देखने को मिली, जिसका असर भारतीय मार्केट पर साफ दिखाई दिया। फेड पॉलिसी में कटौती को लेकर बढ़ती अनिश्चितता के कारण निवेशक लगातार जोखिम से बचने वाला रुख अपना रहे हैं। ट्रेडर्स का मानना है कि जब तक वैश्विक संकेत स्थिर नहीं होते, इंडियन मार्केट में तेज उतार-चढ़ाव जारी रहेगा।

नोट: ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है और इसे किसी भी तरह से इंवेस्टमेंट सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। liveindia.news अपने पाठकों और दर्शकों को पैसों से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव देता है।

 

 

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