भारतीय शेयर बाजार में सोमवार को कारोबार के दौरान जबरदस्त उतार-चढ़ाव देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में कमजोर संकेतों के बीच सेंसेक्स और निफ्टी दबाव में रहे, जबकि कुछ समय बाद बाजार में तेजी लौटने से निवेशकों को राहत मिली। सेंसेक्स एक समय 73,401 के स्तर पर पहुंचकर 277 अंकों की बढ़त दर्ज कर चुका था और निफ्टी भी 22,700 के पार निकल गया था। हालांकि, यह तेजी ज्यादा देर टिक नहीं पाई और बिकवाली बढ़ने से सेंसेक्स 500 अंकों से अधिक फिसलकर 72,549 तक आ गया। इस गिरावट के दौरान बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों के कुल बाजार मूल्य में करीब ₹4 लाख करोड़ की कमी दर्ज की गई। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें, पश्चिम एशिया में जारी तनाव और वैश्विक बाजारों से मिल रहे कमजोर संकेत निवेशकों की चिंता बढ़ा रहे हैं। बाजार की दिशा तय करने में अब अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम, अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दर संबंधी फैसले और विदेशी बाजारों की चाल की अहम भूमिका रहने वाली है।
शुरुआती तेजी के बाद बाजार में क्यों पलटी बाजी, सेंसेक्स 72,549 तक फिसला
कारोबार की शुरुआत से ही बाजार में दबाव दिखाई दिया। सेंसेक्स पिछले बंद स्तर से 133 अंक नीचे 72,990 पर खुला, जबकि निफ्टी ने 75 अंकों की कमजोरी के साथ 22,524 के स्तर से कारोबार शुरू किया। इसके बाद बिकवाली तेज हुई और सेंसेक्स 312 अंक गिरकर 72,811 तक पहुंच गया। निफ्टी भी 100 अंकों से ज्यादा टूटकर 22,470 के आसपास आ गया। हालांकि, बीच कारोबार में खरीदारी लौटने से दोनों प्रमुख सूचकांकों ने तेजी भी दिखाई। सेंसेक्स का 73,401 तक पहुंचना और फिर 72,549 तक फिसलना बाजार की अस्थिरता को दर्शाता है। निवेशकों के लिए यह उतार-चढ़ाव संकेत दे रहा है कि फिलहाल बाजार में स्थिर दिशा बनना आसान नहीं है।
कच्चे तेल की महंगाई और पश्चिम एशिया का तनाव बाजार पर डाल रहा दबाव
शेयर बाजार में गिरावट की प्रमुख वजहों में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव शामिल हैं। तेल महंगा होने से भारत जैसे आयात पर निर्भर देश की लागत बढ़ सकती है। इसका असर महंगाई, कंपनियों के खर्च और अर्थव्यवस्था की रफ्तार पर पड़ने की आशंका रहती है। ऐसे माहौल में निवेशक जोखिम लेने से बचते हैं और शेयरों में मुनाफावसूली बढ़ सकती है। बाजार की नजर अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दर संबंधी फैसले पर भी बनी हुई है। ब्याज दरों को लेकर मिलने वाले संकेत वैश्विक निवेश के प्रवाह और उभरते बाजारों की चाल को प्रभावित कर सकते हैं। इसलिए घरेलू निवेशकों के साथ विदेशी निवेशक भी अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम पर नजर रख रहे हैं।
कोटक बैंक, अडानी पोर्ट्स और सन फार्मा जैसे शेयरों में दिखी खरीदारी
बाजार में गिरावट के बीच कुछ प्रमुख शेयरों ने मजबूती भी दिखाई। कोटक बैंक, अडानी पोर्ट्स, सन फार्मा, टाटा स्टील और इटरनल जैसे शेयर शीर्ष बढ़त वाले शेयरों में शामिल रहे। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, इन शेयरों में करीब 1.10 प्रतिशत से 2.56 प्रतिशत तक तेजी दर्ज की गई। इससे स्पष्ट है कि बाजार में बिकवाली के बावजूद सभी क्षेत्रों में एक जैसी कमजोरी नहीं रही। हालांकि, कुछ शेयरों में तेजी आने का मतलब यह नहीं है कि पूरे बाजार का रुख सुधर गया है। निवेशकों को किसी एक सत्र की चाल के बजाय कंपनियों के प्रदर्शन, क्षेत्रीय परिस्थितियों और बाजार के व्यापक रुझान को ध्यान में रखकर फैसला लेना चाहिए।
एशियाई बाजारों में मिला-जुला कारोबार, निवेशकों की नजर वैश्विक संकेतों पर
एशियाई बाजारों में भी कारोबार एक दिशा में नहीं रहा। दक्षिण कोरिया का कोस्पी सूचकांक शुरुआती कारोबार में 0.92 प्रतिशत गिरकर 5,499 पर पहुंच गया। इससे पहले पिछले सप्ताह इसमें 2.08 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई थी। दूसरी ओर, जापान का निक्केई 225 शुरुआती कमजोरी से उबरकर करीब 0.2 प्रतिशत की बढ़त पर कारोबार करता दिखाई दिया। Kioxia और SoftBank के शेयरों में मजबूती से उसे सहारा मिला। घरेलू बाजार में गिफ्ट निफ्टी करीब 22,535 पर था, जो पिछले बंद स्तर से लगभग 72 अंक यानी 0.32 प्रतिशत नीचे था। इन संकेतों ने भारतीय बाजार की कमजोर शुरुआत की आशंका बढ़ाई थी।
सेंसेक्स के लिए 72,300 से 72,500 का दायरा अहम, तेजी में 73,800 तक चुनौती
तकनीकी विश्लेषण के अनुसार, सेंसेक्स के लिए 72,300 से 72,500 का स्तर तत्काल सपोर्ट जोन माना जा रहा है। चॉइस इक्विटी ब्रोकिंग के वाइस प्रेसिडेंट (टेक्निकल रिसर्च) सचिन गुप्ता के मुताबिक, तेजी लौटने पर 73,500 से 73,800 का दायरा अहम रेजिस्टेंस बन सकता है। यदि बाजार में गिरावट बढ़ती है, तो निवेशक सपोर्ट स्तरों पर खरीदारी की स्थिति पर नजर रखेंगे। वहीं, ऊपरी स्तरों पर टिकाऊ तेजी के लिए मजबूत खरीदारी और अनुकूल वैश्विक संकेत जरूरी होंगे। ये स्तर तकनीकी अनुमान हैं, बाजार की चाल की गारंटी नहीं। निवेशकों को जल्दबाजी से बचते हुए जोखिम और अपनी निवेश अवधि के अनुसार निर्णय लेना चाहिए।