एससीओ का 26वां शिखर सम्मेलन और "एससीओ+" सम्मेलन 1
सितंबर को किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में आयोजित हुए। चीनी
राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने दोनों सम्मेलनों में भाषण दिए। अपने भाषण में
शी चिनफिंग ने एससीओ के विकास के बारे में चार सूत्रीय विचार पेश
किए और एससीओ की भूमिका और अच्छे से निभाने के लिए तीन
सुझाव प्रस्तुत किए।
इस साल एससीओ की स्थापना की 25वीं वर्षगांठ है। क्षेत्रीय सुरक्षा
सहयोग व्यवस्था से विकसित होकर एससीओ नए प्रकार का क्षेत्रीय
सहयोग संगठन बन गया है। संस्थापक देश होने के नाते चीन लगातार
एससीओ के विकास में अपना बुद्धिमान और शक्ति देता रहता है।
वर्तमान एससीओ शिखर सम्मेलन में शी चिनफिंग ने चार सूत्रीय विचार
पेश किए। पहला, विकास को प्राथमिकता देते हुए साझा समृद्धि की संभावना
बनाएं। दूसरा, सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सार्वभौमिक रूप से सुरक्षित
वातावरण बनाएं। तीसरा, मानव को प्राथमिकता देते हुए पीढ़ी दर पीढ़ी दोस्ती की
नींव मजबूत करें और चौथा, बातचीत और समन्वय को प्राथमिकता देते हुए
निष्पक्ष और व्यवस्थित शासन में सुधार करें। हर एक विचार चार वैश्विक
पहलों के कार्यान्वयन के अनुरूप है। इससे एससीओ का उच्च गुणवत्ता
वाला विकास बढ़ाने के लिए "चीन का प्रस्ताव" दिया गया।
विकास सभी समस्याओं को हल करने की मुख्य चाबी है। सुरक्षा और
सहयोग एससीओ की नींव है। वहीं, विविध सभ्यता और संस्कृति एससीओ
परिवार की विशेषता है। अब विश्व बहुध्रुवीयता का रुझान अपरिवर्तनीय है।
ज़्यादा एकजुट और जीवनी शक्ति से ओतप्रोत एससीओ विश्व बहुध्रुवीयता
बढ़ाने में अधिक योगदान देने में पूरी तरह सक्षम है।
इसके मद्देनजर "एससीओ+" सम्मेलन में शी चिनफिंग ने तीन सुझाव
पेश किए। पहला, एससीओ की शक्ति से पूरे यूरेशिया में समृद्धि और विकास
बढ़ाएं। दूसरा, एससीओ की बुद्धिमान से वैश्विक दक्षिण का विकास बढ़ाएं और
तीसरा, ससीओ की कार्रवाई से वैश्विक शासन में सुधार का नेतृत्व करें।
विश्लेषकों का मानना है कि उक्त तीन सुझाव एससीओ की भूमिका और
अच्छे से निभाने और ज़्यादा निष्पक्ष व उचित वैश्विक शासन साकार करने
को बढ़ावा देंगे।
25 साल बाद एससीओ एक नई शुरुआत पर खड़ा है। चीन लगातार
एससीओ के सदस्य देशों के साथ "शांगहाई भावना" पर कायम रहते हुए
चार वैश्विक पहलों का कार्यान्वयन करना चाहता है और वैश्विक शासन
में सुधार व मानव जाति साझे भविष्य वाले समुदाय के निर्माण में चीनी
ज्ञान और चीनी समाधान का योगदान देना चाहता है।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)