School Chalen Hum Campaign: मध्य प्रदेश में शिक्षा को नई उड़ान, 1.45 करोड़ बच्चों को स्कूल से जोड़ने का लक्ष्य

मध्य प्रदेश में नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के साथ ही सरकार ने शिक्षा को लेकर बड़ा अभियान शुरू किया है। मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने भोपाल के एक सरकारी स्कूल से चार दिवसीय ‘School Chalen Hum’ अभियान का शुभारंभ किया। यह पहल 1 अप्रैल से 4 अप्रैल तक पूरे राज्य में चलाई जा रही है, जिसका उद्देश्य प्रदेश के हर बच्चे को स्कूल तक पहुंचाना और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करना है। सरकार ने इस अभियान को प्रवेश उत्सव के साथ जोड़ते हुए छात्रों को समय पर किताबें, यूनिफॉर्म और अन्य सुविधाएं देने की तैयारी की है।

राज्य के हर गांव और जिले तक शिक्षा की पहुंच बढ़ाने के लिए व्यापक स्तर पर चलाया जा रहा अभियान

यह अभियान प्रदेश के 55 जिलों और 50 हजार से अधिक गांवों तक पहुंचकर बच्चों को स्कूल से जोड़ने का लक्ष्य रखता है। सरकार का फोकस इस बात पर है कि कोई भी बच्चा पढ़ाई से वंचित न रहे। अभियान के तहत 5.6 करोड़ से अधिक पाठ्यपुस्तकें, फाउंडेशनल लिटरेसी वर्कबुक और ब्रिज कोर्स सामग्री वितरित की जा रही है, ताकि छात्रों की पढ़ाई मजबूत आधार से शुरू हो सके।

सरकार की योजनाओं से बढ़ा भरोसा, सरकारी स्कूलों में एडमिशन में तेज बढ़ोतरी दर्ज

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि पहले शिक्षा से जुड़ी सुविधाएं सीमित थीं, लेकिन अब छात्रों को किताबें, साइकिल, यूनिफॉर्म और आर्थिक सहायता जैसी कई सुविधाएं दी जा रही हैं। प्राथमिक स्तर पर ड्रॉपआउट दर शून्य के करीब पहुंच गई है और वर्ष 2025-26 में कुल नामांकन में 19.6 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सरकारी स्कूलों में यह वृद्धि और भी अधिक यानी 32.4 प्रतिशत रही है, जो शिक्षा व्यवस्था में बढ़ते विश्वास को दर्शाती है।

संदीपनि विद्यालय और पीएम-श्री स्कूल जैसे आधुनिक संस्थानों से बदल रही शिक्षा की तस्वीर

प्रदेश में संदीपनि विद्यालय (पूर्व में सीएम राइज स्कूल) और पीएम-श्री स्कूलों को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया गया है। इन स्कूलों में खेल मैदान, लाइब्रेरी और डिजिटल संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे विद्यार्थियों का समग्र विकास सुनिश्चित हो सके। बेहतर सुविधाओं के कारण कई छात्र निजी स्कूलों से सरकारी स्कूलों की ओर वापस लौट रहे हैं।

नई शिक्षा नीति के तहत पाठ्यपुस्तकें, लैपटॉप और स्कूटर जैसी योजनाओं से छात्रों को मिल रहा प्रोत्साहन

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप 49 नई हिंदी किताबें और 69 स्थानीय भाषाओं की पुस्तकें तैयार की गई हैं, विशेष रूप से जनजातीय क्षेत्रों के लिए। लगभग 55 लाख छात्रों को यूनिफॉर्म उपलब्ध कराई जा चुकी है। वर्ष 2024-25 और 2025-26 में करीब 1.94 लाख मेधावी छात्रों को लैपटॉप दिए गए हैं, जबकि टॉप करने वाले छात्रों के लिए बजट में 250 करोड़ रुपये से स्कूटर देने की योजना भी बनाई गई है।

शिक्षकों की नियुक्ति और आसान प्रवेश प्रक्रिया से 1.45 करोड़ नामांकन का लक्ष्य तय

राज्य सरकार ने शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए लगभग 76,325 शिक्षकों की नियुक्ति के आदेश जारी किए हैं। कक्षा 1, 6 और 9 में प्रवेश प्रक्रिया को सरल बनाया गया है ताकि ज्यादा से ज्यादा छात्र स्कूलों से जुड़ सकें। सरकार ने इस शैक्षणिक सत्र में 1.45 करोड़ छात्रों के नामांकन का लक्ष्य रखा है। मुख्यमंत्री ने शिक्षकों, अभिभावकों और समाज से अपील की है कि हर बच्चे को शिक्षा से जोड़ने में अपनी जिम्मेदारी निभाएं।

 

 

 

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