सावन 2025: भोलेनाथ को प्रसन्न करने के खास उपाय…पाएं मनचाहा आशीर्वाद..भूल कर भी न करें मांस मदिरा का सेवन
सावन का महीना भगवान शिव की आराधना और शिव के आशीर्वाद को हासिल करने का सर्वोत्तम समय इसे माना जाता है। हिंदू पंचांग की माने तो उत्तर भारत में सावन मास 11 जुलाई 2025 से शुरू हो चुका है, जबकि, गुजरात, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, तमिलनाडु और गोवा जैसे राज्यों में यह शुक्रवार 25 जुलाई 2025 से प्रारंभ होगा। इस पावन महीने में भोलेनाथ की उपासना करने से भक्तों को विशेष फल की प्राप्ति होती है।
- शिवलिंग या प्रतिमा पर गंगाजल से अभिषेक
- दूध, दही, घी, शहद और शक्कर से भी करें अभिषेक
- इसे कहा जाता है शिव का पंचामृत स्नान
क्यों खास है सावन?
सावन मास में सोमवार का व्रत अत्यंत फलदायी माना गया है। धार्मिक मान्यता है कि शिव की भक्ति से अविवाहित कन्याओं को योग्य वर की प्राप्ति होती है। जबकि विवाहित महिलाएं सुखद दांपत्य जीवन और संतान सुख का आशीर्वाद पाती हैं। शिव की आराधना से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं और उनके जीवन में सुख-शांति आती है।
भोलेनाथ को प्रसन्न करने के विशेष उपाय
ब्रह्म मुहूर्त में उठें और स्नान करें
दिन की शुरुआत पवित्रता और शुद्धता के साथ करें। इसके बाद मंदिर या पूजा स्थल की सफाई करें।
शिव-पार्वती की स्थापना करें
एक चौकी पर सफेद वस्त्र बिछाकर भगवान शिव और माता पार्वती की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें।
भोले नाथ का अभिषेक करें
शिवलिंग या प्रतिमा पर गंगाजल, दूध, दही, घी, शहद और शक्कर से अभिषेक करें। इसे पंचामृत स्नान भी कहा जाता है।
बिल्वपत्र अर्पित करें
बिल्वपत्र शिव को अत्यंत प्रिय होते हैं। त्रिपत्र (तीन पत्तियों वाला बिल्वपत्र) अर्पण करें।
पूजन सामग्री अर्पित करें
चंदन, इत्र, अक्षत (चावल), सफेद पुष्प, धतूरा, भांग, फल आदि भगवान को चढ़ाएं।
विशेष ध्यान: एकादशी के दिन शिव को अक्षत (चावल) नहीं चढ़ाना चाहिए।
माता पार्वती की पूजा
सोलह श्रृंगार की वस्तुएं अर्पित करें। माता का पूजन सौभाग्य, प्रेम और वैवाहिक सुख प्रदान करता है।
‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का जाप करें। शांत मन से इस पंचाक्षरी मंत्र का जाप करें। कम से कम 108 बार जाप अवश्य करें। आरती और व्रत संकल्प दीपक जलाकर शिव-पार्वती की आरती करें। इसके बाद व्रत का संकल्प लें।
दान-पुण्य करें
व्रत के बाद ब्राह्मणों, गरीबों और जरूरतमंदों को दूध, चीनी, सफेद वस्त्र, चावल आदि का दान करें।
विशेष लाभदायक वस्तुएं
वस्तु लाभ
बिल्वपत्र मनोकामनाएं पूर्ण
सफेद वस्तुएं चंद्र दोष शांति
पंचामृत शुद्धि और शक्ति
सोलह श्रृंगार माता पार्वती की कृपा
रुद्राभिषेक धन-धान्य और स्वास्थ्य
सावधानी और परहेज
व्रत में एक समय फलाहार करें।। व्रत में नमक, अनाज से बचें (निर्जल व्रत करने पर विशेष फल मिलता है, लेकिन स्वास्थ्य अनुसार करें)। सात्विकता बनाए रखें—मांसाहार, मद्यपान और गलत विचारों से दूर रहें। दूसरों को दुख देने या अपशब्द बोलने से पुण्य कम होता है। सावन का पावन महीना केवल धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि और भक्ति का अद्भुत संगम है। यदि आप श्रद्धा और नियमपूर्वक शिव आराधना करते हैं, तो निश्चित ही भोलेनाथ आपकी प्रार्थना स्वीकार करेंगे और आपके जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का संचार होगा। हर-हर महादेव प्रकाश कुमार पांडेय