विदिशा की बेटियों के सपनों को पंख दे रही ‘सशक्त वाहिनी’, 200 से अधिक युवतियों को मुफ्त प्रतियोगी परीक्षा प्रशिक्षण

Sashakt Vahini in vidisha

विदिशा जिला कलेक्टर के मार्गदर्शन में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित ‘सशक्त वाहिनी’ पहल जिले की बेटियों को शैक्षणिक, बौद्धिक और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए सक्षम बनाने की दिशा में लगातार आगे बढ़ रही है। इस अभियान के तहत अब तक 200 से अधिक युवतियों को विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए निशुल्क प्रशिक्षण दिया जा चुका है।

निशुल्क कोचिंग के साथ स्टडी मैटेरियल, MPPSC से पुलिस भर्ती तक की तैयारी

फिलहाल ‘सशक्त वाहिनी’ की कक्षाओं में केवल मुफ्त कोचिंग ही नहीं, बल्कि निशुल्क अध्ययन सामग्री भी उपलब्ध कराई जा रही है। इससे प्रतिभागियों को बेहतर, व्यवस्थित और गुणवत्तापूर्ण तैयारी का अवसर मिल रहा है। इस पहल को लेकर युवतियों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। वे नियमित रूप से कक्षाओं में पहुंचकर पूरी लगन और मेहनत के साथ पढ़ाई कर रही हैं।

‘सशक्त वाहिनी’ की कक्षाएं विदिशा के रेगुलर जैन कॉलेज में नियमित रूप से संचालित की जा रही हैं। यहां अनुभवी और विशेषज्ञ प्रशिक्षकों द्वारा सामान्य ज्ञान (GK), गणित और रीजनिंग जैसे महत्वपूर्ण विषयों की प्रभावी एवं परिणामोन्मुख तैयारी कराई जा रही है। प्रशिक्षण प्राप्त कर रहीं कई युवतियां MPPSC, पुलिस भर्ती, कर्मचारी चयन आयोग (SSC) सहित अन्य सरकारी प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होकर सफलता की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।

महिला एवं बाल विकास विभाग के अनुसार, ‘सशक्त वाहिनी’ की निशुल्क कोचिंग कक्षाओं के माध्यम से प्रशिक्षण लेने की इच्छुक युवतियां आवेदन कर इस अभियान से जुड़ सकती हैं। विभाग ने जिले की अधिक से अधिक बेटियों से इस अवसर का लाभ उठाने की अपील की है, ताकि वे प्रतियोगी परीक्षाओं की बेहतर तैयारी के साथ आत्मविश्वास बढ़ा सकें और आत्मनिर्भर भविष्य की ओर कदम बढ़ा सकें।

‘सशक्त वाहिनी’ का उद्देश्य सिर्फ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी तक सीमित नहीं है। इस पहल के जरिए युवतियों में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, अनुशासन और आत्मनिर्भरता की भावना विकसित करने पर भी जोर दिया जा रहा है। उद्देश्य है कि जिले की बेटियां आगे बढ़कर राष्ट्र निर्माण और सामाजिक विकास में प्रभावी भूमिका निभा सकें।

विदिशा में महिला एवं बाल विकास विभाग की ‘सशक्त वाहिनी’ पहल बेटियों को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए निशुल्क प्रशिक्षण और अध्ययन सामग्री उपलब्ध करा रही है। अब तक 200 से अधिक युवतियां इसका लाभ ले चुकी हैं। जिला कलेक्टर के मार्गदर्शन में संचालित इस अभियान का लक्ष्य युवतियों को बेहतर परीक्षा तैयारी के साथ आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाना है।

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