पहलगाम आतंकी हमले की साजिश का खुलासा…कौन है साजिद जट्ट…क्या था उसका रोल और पाकिस्तान में कौन हैं उसके आका?
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले को लेकर नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सात आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। सोमवार, 15 दिसंबर को जम्मू की एक विशेष अदालत में पेश की गई इस चार्जशीट में पाकिस्तान की साजिश, लश्कर-ए-तैयबा (LeT) और द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) की भूमिका और हमले के पीछे सक्रिय पाकिस्तानी आतंकियों के नेटवर्क का विस्तार से खुलासा किया गया है।
इस चार्जशीट का सबसे अहम नाम है— साजिद जट्ट, जिसे पहलगाम आतंकी हमले का मुख्य हैंडलर बताया गया है। एनआईए के मुताबिक, साजिद जट्ट पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का टॉप कमांडर है और कश्मीर घाटी में आतंकी गतिविधियों का मास्टरमाइंड माना जाता है।
सात आरोपियों पर चार्जशीट, पाकिस्तान की साजिश बेनकाब
एनआईए द्वारा दाखिल 1,597 पन्नों की चार्जशीट में कुल सात लोगों को आरोपी बनाया गया है। इनमें तीन पाकिस्तानी आतंकवादी भी शामिल हैं— सुलेमान शाह, हबीब ताहिर उर्फ जिब्रान और हमजा अफगानी। ये तीनों आतंकवादी जुलाई 2024 में श्रीनगर के पास सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में मारे गए थे। चार्जशीट में साफ तौर पर कहा गया है कि पहलगाम हमला कोई स्थानीय घटना नहीं थी, बल्कि इसे पाकिस्तान में बैठे आतंकवादी आकाओं ने योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दिलवाया। लश्कर-ए-तैयबा और उसके प्रॉक्सी संगठन TRF ने इस हमले की योजना बनाई, आतंकियों को लॉजिस्टिक सपोर्ट दिया और उन्हें टारगेट तक पहुंचाया।
कौन है साजिद जट्ट?
साजिद जट्ट लश्कर-ए-तैयबा का एक कुख्यात आतंकवादी और टॉप कमांडर है। एनआईए के अनुसार, वह न केवल पहलगाम हमले का मुख्य हैंडलर था, बल्कि TRF का ऑपरेशनल चीफ भी है। साजिद जट्ट को कई नामों से जाना जाता है— सैफुल्लाह, नुमी, नुमान, लंगड़ा, अली साजिद, उस्मान हबीब और शनि। अक्टूबर 2022 में भारत सरकार ने उसे गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम यानी UAPA के तहत ‘व्यक्तिगत आतंकवादी’ घोषित किया था। जांच एजेंसियों को शक है कि वह पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में मौजूद लश्कर-ए-तैयबा के हेडक्वार्टर से पूरे कश्मीर ऑपरेशन को नियंत्रित करता है।
कश्मीर में भर्ती, फंडिंग और घुसपैठ का जिम्मेदार
एनआईए की जांच में सामने आया है कि साजिद जट्ट कश्मीर घाटी में आतंकवादियों की भर्ती, उन्हें फंड मुहैया कराने और सीमा पार से घुसपैठ कराने का मुख्य जिम्मेदार है। वह हाइब्रिड आतंकवादियों को भी लॉजिस्टिकल और ऑपरेशनल सहायता देता रहा है। जिससे स्थानीय स्तर पर आतंकी हमलों को अंजाम दिया जा सके। साजिद जट्ट को कश्मीर में सक्रिय आतंकी नेटवर्क का सबसे खतरनाक चेहरा माना जाता है। उस पर घाटी में डर और अस्थिरता फैलाने के लिए लगातार हमलों की साजिश रचने का आरोप है।
साजिद जट्ट से जुड़े बड़े आतंकी हमले
एनआईए की चार्जशीट के अनुसार, साजिद जट्ट कई बड़े आतंकी हमलों में शामिल रहा है। इनमें 2023 का ढांगरी नरसंहार, जिसमें वह मुख्य साजिशकर्ता था। मई 2024 में पुंछ में भारतीय वायुसेना के काफिले पर हमला। जून 2024 में रियासी बस हमला इनमें शामिल हैं । इन हमलों के जरिए आतंकियों ने आम नागरिकों और सुरक्षाबलों को निशाना बनाकर बड़े पैमाने पर दहशत फैलाने की कोशिश की।
किन धाराओं में मामला दर्ज?
एनआईए ने अपनी चार्जशीट में आरोपियों पर भारत सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ने जैसी गंभीर धाराएं लगाई हैं। इसके अलावा आतंकवादी संगठन से जुड़े होने, साजिश रचने, आतंकियों को शरण देने और लॉजिस्टिक सपोर्ट देने के आरोप भी शामिल हैं। इस मामले में दो अन्य आरोपियों— परवेज अहमद और बशीर अहमद के खिलाफ भी चार्जशीट दाखिल की गई है। दोनों को एनआईए ने 22 जून को गिरफ्तार किया था। आरोप है कि इन्होंने पहलगाम हमले में शामिल तीन पाकिस्तानी आतंकवादियों को पनाह दी थी।
पूछताछ में अहम खुलासे
एनआईए की पूछताछ में परवेज अहमद और बशीर अहमद ने खुलासा किया कि जिन आतंकियों को उन्होंने शरण दी थी, वे तीनों पाकिस्तानी नागरिक थे और सीधे तौर पर लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े हुए थे। उन्होंने आतंकियों की पहचान की पुष्टि भी की, जिससे जांच को निर्णायक दिशा मिली।
पाकिस्तान की भूमिका फिर उजागर
एनआईए की इस चार्जशीट ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर पाकिस्तान की भूमिका को बेनकाब किया है। जांच एजेंसी का कहना है कि पाकिस्तान की धरती से संचालित आतंकी नेटवर्क लगातार भारत में हमलों की साजिश रच रहे हैं और पहलगाम हमला उसी रणनीति का हिस्सा था। एनआईए की यह कार्रवाई आतंक के खिलाफ भारत की जीरो टॉलरेंस नीति को दर्शाती है और आने वाले समय में इस मामले में और भी बड़े खुलासों की संभावना जताई जा रही है।