भारतीय क्रिकेट टीम के दिग्गज बल्लेबाज रोहित शर्मा को आमतौर पर मैदान पर उनके आक्रामक शॉट्स और मजाकिया अंदाज के लिए जाना जाता है, लेकिन उनके व्यक्तित्व का एक भावुक पहलू भी है, जो बहुत कम मौकों पर सामने आता है। हाल ही में रोहित शर्मा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिसमें वह अपनी भावनाओं पर काबू नहीं रख पाए और उनकी आंखें भर आईं। यह नजारा क्रिकेट मैदान का नहीं, बल्कि उनकी बेटी समायरा के स्कूल का था, जिसने फैंस का दिल छू लिया।
देशभक्ति गीत ने कर दिया भावुक
दरअसल, रोहित शर्मा अपनी बेटी समायरा शर्मा के स्कूल के एनुअल डे सेलिब्रेशन में शामिल होने पहुंचे थे। कार्यक्रम के दौरान मंच पर जब देशभक्ति गीत ‘ऐ मेरे वतन के लोगों’ गाया जा रहा था, तो रोहित शर्मा खुद को संभाल नहीं सके। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि गाना सुनते ही उनकी आंखों से आंसू बहने लगे और वे बार-बार अपने आंसू पोंछते नजर आए। उनके चेहरे पर देश के प्रति प्रेम और सम्मान साफ झलक रहा था।
पहले भी दिखा है रोहित का भावुक रूप
यह पहली बार नहीं है जब रोहित शर्मा भावुक हुए हों। साल 2023 में जब उनकी कप्तानी में भारतीय टीम वनडे वर्ल्ड कप का फाइनल मुकाबला हार गई थी, तब भी रोहित अपनी मायूसी छिपा नहीं पाए थे। मैदान पर बैठे-बैठे उनकी आंखें भर आई थीं। उस पल ने भी यह साबित कर दिया था कि रोहित सिर्फ एक सफल कप्तान ही नहीं, बल्कि दिल से खेलने वाले खिलाड़ी हैं, जिन्हें हार-जीत का गहरा असर होता है।
विजय हजारे ट्रॉफी में दिखाया दम
भावुक वीडियो वायरल होने के कुछ ही दिनों बाद रोहित शर्मा ने मैदान पर अपने बल्ले से जवाब दिया। 24 दिसंबर को खेले गए विजय हजारे ट्रॉफी 2025 के पहले मैच में उन्होंने मुंबई की ओर से खेलते हुए जबरदस्त पारी खेली। रोहित ने महज 94 गेंदों पर 155 रन ठोक दिए। इस विस्फोटक पारी में उन्होंने 18 चौके और 9 छक्के जड़े। उनकी इस पारी की बदौलत मुंबई ने टूर्नामेंट में शानदार शुरुआत करते हुए मुकाबला आठ विकेट से जीत लिया। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि यह पारी 2027 वनडे वर्ल्ड कप खेलने के उनके इरादे को भी साफ तौर पर दिखाती है।
अगले मैच में आया उतार-चढ़ाव
हालांकि क्रिकेट अनिश्चितताओं का खेल है। पहले मैच में शतक से डेढ़ गुना से ज्यादा रन बनाने वाले रोहित शर्मा अगले मुकाबले में खाता भी नहीं खोल सके। वह पहली ही गेंद पर कैच आउट हो गए। इसके बावजूद फैंस का भरोसा हिटमैन पर कायम है, क्योंकि उन्होंने बार-बार साबित किया है कि वह किसी एक पारी से नहीं, बल्कि अपने पूरे करियर से पहचाने जाते हैं। मैदान पर उनकी बल्लेबाजी और मैदान के बाहर उनका भावुक, देशभक्त स्वभाव—दोनों ही उन्हें खास बनाते हैं।