बिहार विधानसभा चुनाव 2025: राज्य में ग्रामीण सड़कों की क्रांति: 33,540 किमी पक्की सड़कों से जुड़े 23,886 गांव

Roads are being built in rural areas of Bihar under the Chief Minister Gram Sampark Yojana

बिहार में ग्रामीण सड़कों की क्रांति: 33,540 किमी पक्की सड़कों से जुड़े 23,886 गांव

बिहार के ग्रामीण इलाकों में बुनियादी ढांचे को सशक्त बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल के रूप में मुख्यमंत्री ग्राम संपर्क योजना (MMGSY) के तहत अब तक 33,540 किलोमीटर से अधिक पक्की सड़कों का निर्माण पूरा हो चुका है। इस योजना ने अब तक 23,886 गांवों को पक्की सड़कों से जोड़कर, राज्य के सामाजिक और आर्थिक परिदृश्य को एक नई दिशा दी है।

मुख्यमंत्री ग्राम संपर्क योजना का उद्देश्य

इस योजना की शुरुआत वर्ष 2013 में हुई थी, जब यह महसूस किया गया कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत केवल उन्हीं गांवों या टोलों को सड़कों से जोड़ा जा सकता है जिनकी आबादी 500 या उससे अधिक है। इसके चलते बिहार के हजारों छोटे गांव, बस्तियां और टोले सड़क संपर्क से वंचित रह जाते थे। इसी कमी को दूर करने के लिए बिहार सरकार ने मुख्यमंत्री ग्राम संपर्क योजना को लागू किया। इसका उद्देश्य है – ऐसे सभी छोटे गांवों, टोलों को बारहमासी, पक्की सड़कों से जोड़ना जो अब तक किसी भी राष्ट्रीय योजना के दायरे से बाहर थे।

आंकड़ों में योजना की सफलता

बिहार में ग्रामीण कार्य विभाग का दावा है कि राज्य में मुख्यमंत्री ग्राम संपर्क योजना के तहत 42,022 किलोमीटर लंबाई की सड़क के निर्माण को लेकर प्रशासनिक स्वीकृति मिल चुकी है। इन सड़कों में से करीब 30 हजार 611 किलोमीटर की सड़कों के निर्माण का कार्य शुरू भी किया जा चुका है। जिनमें से 78 प्रतिशत सड़क परियोजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं। यह उपलब्धि राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में विकास की रफ्तार को दर्शाती है।

मुजफ्फरपुर जिला सबसे आगे
राज्य के जिन जिलों में इस परियोजना का क्रियान्वयन सबसे बेहतर तरीके से प्रदर्शन किया गया है उनमें मुजफ्फरपुर जिले का नाम सबसे आगे लिखा गया है। मुजफ्फरपुर जिले में करीब 2,329.09 किलोमीटर सड़कों का निर्माण किया गया है। इसके बाद क्रमशः मधुबनी (2,207.07 किमी), अररिया (2,127.06 किमी) और पूर्वी चंपारण (1,885.61 किमी) जैसे जिले आते हैं।

10 जिले जो सड़कों के निर्माण में आगे हैं

मुजफ्फरपुर – 2,329.09 किमी

मधुबनी – 2,207.07 किमी

अररिया – 2,127.06 किमी

पूर्वी चंपारण – 1,885.61 किमी

पूर्णिया – 1,695.84 किमी

कटिहार – 1,506.42 किमी

सारण – 1,440.83 किमी

दरभंगा – 1,404.63 किमी

पश्चिम चंपारण – 1,231.34 किमी

गोपालगंज – 1,205.58 किमी

बदलती तस्वीर: सड़क बनी तो जीवन बदला

ग्रामीण इलाकों में पक्की सड़कों के निर्माण से आवागमन में सुविधा, सुरक्षा में सुधार, स्थानिक व्यापार को बढ़ावा, रोजगार के अवसरों में वृद्धि और कृषि एवं औद्योगिक गतिविधियों को गति मिली है। बेहतर कनेक्टिविटी से अब छात्र स्कूल तक सुरक्षित और समय पर पहुंच पा रहे हैं, गर्भवती महिलाओं को अस्पताल ले जाना आसान हुआ है, और किसानों को अपने उत्पाद बाजार तक पहुंचाने में कम समय लग रहा है। ग्रामीणों के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, बैंकिंग और सरकारी सेवाओं तक सीधा और सुलभ संपर्क संभव हुआ है, जिससे उनका जीवन स्तर बेहतर हुआ है।

सरकार की प्रतिबद्धता: हर गांव, हर टोले तक सड़क

बिहार के ग्रामीण कार्य विभाग के मंत्री अशोक चौधरी ने कहा, “हमारी सरकार की प्राथमिकता रही है कि बिहार का कोई गांव, टोला सड़क संपर्क से वंचित न रहे। सड़कें केवल यात्रा का मार्ग नहीं होतीं, ये विकास का मार्ग प्रशस्त करती हैं।” उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ग्राम संपर्क योजना के माध्यम से राज्य सरकार ने यह साबित कर दिया है कि केवल योजनाएं बनाना काफी नहीं, उन्हें धरातल पर साकार करना ही असली प्रशासनिक सफलता है।

नीतीश सरकार की दूरदृष्टि

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार सरकार का यह प्रयास ग्रामीण विकास के लिए एक मॉडल बनकर उभरा है। गांवों को जोड़ने से ना केवल वहां की आबादी को सुविधाएं मिली हैं, बल्कि राज्य की समग्र अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिली है। सरकार का अगला लक्ष्य है कि शेष बची 20 प्रतिशत परियोजनाओं को जल्द से जल्द पूरा किया जाए और हर गांव व टोले तक 100% पक्की सड़क कनेक्टिविटी सुनिश्चित की जाए।

मुख्यमंत्री ग्राम संपर्क योजना ने बिहार के ग्रामीण इलाकों में विकास की नई रेखाएं खींची हैं। जिन गांवों को कभी नक्शे में भी खोज पाना मुश्किल था, अब वहां तक पक्की सड़कें पहुंच गई हैं। यह योजना केवल सड़कों का निर्माण नहीं, बल्कि गांवों से जुड़ी उम्मीदों, संभावनाओं और सपनों को वास्तविकता में बदलने की कहानी है। बिहार में विकास अब केवल शहरों तक सीमित नहीं, बल्कि गांवों की गलियों तक पहुंच चुका है। …(प्रकाश कुमार पांडेय)

Exit mobile version