यूक्रेन में फंसे छात्रों का रेस्कयू जारी, 11 हजार छात्रों को लाया गया वापस
भारत सरकार अपने बच्चों को वापस लाने का हर संभव प्रयास कर रही है. मिशन गंगा प्लान के तहत भारतीय विमान से बच्चों को वापस लाया भी जा रहा है. जिसके तहत यूक्रेन में फंसे भारतीय छात्रों को वापस लाने का प्रयास लगातार जारी है. ऑपरेशन गंगा के तहत यूक्रेन से 11 फ्लाइट्स आई. जिनमें स्पेशल विमान 82 भारतीय को लेकर मुंबई पहुंचा और एक फ्लाइट 183 छात्रों को लेकर दिल्ली पहुंचा, जबकि इंडियन एयरफोर्स के विमान C-17 से 210 छात्रों को वापस लाया गया. बता दें कि पिछले 24 घंटे में कुल 575 भारतीय को वापस लाया गया.
बिल्ली का हुआ रेस्कयू
वहीं छात्रों के रेस्कयू में एक छात्र ऐसा भी मिला जिसने अपनी जान के साथ अपनी पालतू बिल्ली की भी जान बचाई. जब उससे बातचीत की गई तो उसने बताया कि सबसे पहले मैं भारतीय एंबेसी का तहे दिल से शुक्रिया अदा करता हूं, जिन्होंने मेरी बिल्ली को अपने साथ वापस लाने की इजाजत दी. साथ ही उसने कहा कि मेरी बिल्ली मेरी जिंदगी है और मैं उसे यूक्रेन में मरने के लिए या उसे खतरे में नहीं डाल सकता था और केवल इतना ही नहीं मैं सभी से अपने पालतू जानवरों को वापस लाने की अपील करता हूं
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने दी जानकारी
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने बताया कि पिछले 24 घंटे में यूक्रेन से भारतीयों को लेकर 18 विमान भारत पहुंचे. जिसमें 4 हजार यात्रियों को लाया गया और सरकारी आंकड़ों के मुताबिक अभी तक 48 फ्लाइट्स में 10,348 से बढ़कर 10,923 छात्रों का एयरलिफ्ट किया जा चुका है. साथ ही उन्होंने कहा कि हमने यूक्रेन सरकार से स्टूडेंट्स को निकालने के लिए ट्रेनें चलाने की अपील की थी, लेकिन उनका कोई जवाब न मिलने पर हम बसों की व्यवस्था की है. 5 मार्च से पिसोचिन में फंसे छात्रों का रेस्क्यु किया जाएगा. जिसके लिए वहां बसें भेजी जाएंगी. बता दें कि ऐसे विषम और विकट की घड़ी में छात्रों को भोजन और पानी पहुंचाया जा रहा है. फिलहाल खार्किव में करीब 300, पिशोचिन में 900 से 1000 और सूमी में 700 छात्रों के फंसे होने की संभावनाएं जताई जा रही है.