नई दिल्लीः 74वें गणतंत्र दिवस के मौके पर दिल्ली में कर्तव्यपथ पर भव्य परेड में मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सिसी मुख्य अतिथि रहे। गणतंत्र दिवस के अवसर पर कर्तव्यपथ पर देश की आन-बान-शान का शानदार नजारा देखा गया। भारत की अनूठी एकता अनेकता, नारी शक्ति और आधुनिक युग की उसकी उपलब्धियों का प्रदर्शन हुआ। हम आपको आगे बता रहे हैं, गणतंत्र दिवस समारोह की खास बातें
- राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू मुख्य अतिथि मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सिसी के साथ कार्यक्रम स्थल पर पहुंचीं और सुबह 10.30 बजे तिरंगा फहराया
- राष्ट्रगान की धुन के बीच 21 तोपों की सलामी के साथ परेड शुरू हुई जो कि देश की सैन्य ताकत और सांस्कृतिक विविधता को दिखानेवाली थी
- इससे पहले, पीएम मोदी ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और तीनों सेनाओं के प्रमुखों के साथ राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित की
- राजपथ का नाम कर्तव्यपथ किए जाने के बाद सेंट्रल विस्टा एवेन्यू में पहली गणतंत्र दिवस परेड संपन्न हुई
- देश के 74वें गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य रूप से नारी शक्ति के विभिन्न रूपों के दर्शन हुए
- इस वर्ष गणतंत्र दिवस परेड में मिस्र के सशस्त्र बलों के एक दस्ते और संगीत बैंड ने भी हिस्सा लिया
- केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल की महिला टुकड़ी इस वर्ष की मुख्य विशेषताओं में से एक थी और नौसेना सहित कई अन्य मार्चिंग टुकड़ियों में महिलाएं शामिल थीं
- एक महिला अधिकारी के नेतृत्व में नौसेना की टुकड़ी में 3 महिलाएं और 6 अग्निवीर सैनिक शामिल थे जो कि नई सशस्त्र बल भर्ती योजना के पहले बैच के जवान थे
- गणतंत्र दिवस परेड में भारतीय सैन्य उपकरणों में ‘‘मेड इन इंडिया’’ की प्रमुखता रही और यह आत्मनिर्भर भारत की भावना के अनुरूप थी
- परेड में मुख्य युद्धक टैंक अर्जुन, नाग मिसाइल प्रणाली, के-9 बज्र प्रणाली का प्रदर्शन किया गयाा
- इस वर्ष सेंट्रल विस्टा, कर्तव्य पथ, नवीन संसद भवन के निर्माण से जुड़े लोगों, दूध, सब्जी व रेहड़ी पटरी वालों को निमंत्रण भेजा गया, जिन्हें दीर्घाओं में प्रमुखता से बिठाया गया
- परेड में 17 राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों, और मंत्रालयों व विभागों की 23 झांकियों का प्रदर्शन किया गया
- इनमें उत्तर प्रदेश, केरल, आंध्र प्रदेश, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल, असम के अलावा जम्मू कश्मीर, लद्दाख आदि की झांकियां शामिल थीं
- गणतंत्र दिवस परेड में एक प्रमुख आकर्षण सीमा सुरक्षा बलों का ऊंट दस्ता रहा
- परेड में नौसेना की झांकी भी प्रस्तुत की गई जिसमें बल की बहुआयामी क्षमता और नारी शक्ति का प्रदर्शन किया गया
- परेड में रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) के उपकरणों एवं झांकी का प्रदर्शन किया गया, इसमें स्वदेशी प्रतिरक्षा प्रणाली डब्ल्यूएचएपी सहित अन्य निगरानी उपकरण शामिल हैं.