कर्तव्य पथ से उठा सवाल, नेता प्रतिपक्ष की सीट बनी चर्चा का विषय
77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर दिल्ली के कर्तव्य पथ पर आयोजित भव्य परेड के दौरान एक राजनीतिक विवाद सामने आया। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को बैठने के लिए दी गई सीट को लेकर कांग्रेस ने आपत्ति जताई। परेड का वीडियो सामने आने के बाद यह मुद्दा चर्चा में आ गया, जिसमें राहुल गांधी आगे की पंक्ति के बजाय पीछे की कतार में बैठे नजर आए। इस दृश्य के बाद कांग्रेस नेताओं ने इसे प्रोटोकॉल से जुड़ा गंभीर सवाल बताया।
कांग्रेस सांसद तारिक अनवर का आरोप, परंपराओं की अनदेखी
कांग्रेस सांसद तारिक अनवर ने इस पूरे मामले पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष का एक तय प्रोटोकॉल होता है और उन्हें गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय समारोह में आगे की पंक्ति में स्थान मिलना चाहिए। तारिक अनवर के अनुसार, लोकतांत्रिक परंपराओं में विपक्ष के नेता को ‘शैडो प्रधानमंत्री’ के रूप में देखा जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में ऐसी परंपराओं को लगातार कमजोर किया जा रहा है, जो लोकतंत्र के लिए सही संकेत नहीं है।
‘लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं’, विपक्ष को स्थान न देने का आरोप
तारिक अनवर ने आगे कहा कि संसद के भीतर और बाहर, विपक्ष के नेता को उनका उचित सम्मान और स्थान नहीं दिया जा रहा। उनका कहना था कि न केवल संसद में विपक्ष की आवाज को सीमित किया जाता है, बल्कि सरकारी कार्यक्रमों में भी उन्हें वहAttach महत्व नहीं दिया जाता, जिसके वे हकदार हैं। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताया और कहा कि ऐसी घटनाएं देश की स्वस्थ राजनीतिक परंपराओं को नुकसान पहुंचाती हैं।
वीडियो में दिखी बैठने की व्यवस्था, कई दिग्गज रहे मौजूद
गणतंत्र दिवस परेड के दौरान सामने आए वीडियो में देखा गया कि केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान आगे की पंक्ति में बैठे थे, जबकि राहुल गांधी तीसरी पंक्ति में नजर आए। इस कार्यक्रम में पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे भी मौजूद थे। धनखड़ और ओम बिरला अगली पंक्ति में बैठे दिखे, जबकि कुछ समय के लिए खरगे और राहुल गांधी को पीछे की कतार में देखा गया। कार्यक्रम में उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन और भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत भी शामिल हुए।
राहुल गांधी का गणतंत्र दिवस संदेश, संविधान पर जोर
इस पूरे विवाद के बीच राहुल गांधी ने 26 जनवरी को देशवासियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने सोशल मीडिया पर अपने संदेश में संविधान को हर नागरिक की ताकत बताया। राहुल गांधी ने कहा कि भारतीय संविधान ही वह ढाल है, जो नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करता है। उन्होंने यह भी कहा कि संविधान की मजबूती ही स्वतंत्रता सेनानियों को सच्ची श्रद्धांजलि होगी और समानता व सौहार्द से ही भारत का गणतंत्र और मजबूत बन सकता है।