Reliance Retail IPO: भारतीय कारोबारी जगत में एक बार फिर से बड़ा धमाका होने जा रहा है। देश के सबसे बड़े उद्योगपति मुकेश अंबानी अब अपने रिटेल बिजनेस को भी शेयर बाजार में उतारने की तैयारी कर रहे हैं। जानकारी के मुताबिक, रिलायंस इंडस्ट्रीज सबसे पहले 2026 में रिलायंस जियो का आईपीओ लाएगी और उसके ठीक अगले साल 2027 में रिलायंस रिटेल को भी लिस्ट कराने की योजना बना रही है। इस लिस्टिंग को भारत के इतिहास का सबसे बड़ा आईपीओ माना जा रहा है, जिसका वैल्यूएशन करीब 200 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है।
जियो के बाद रिटेल पर फोकस
रिलायंस इंडस्ट्रीज पहले ही साफ कर चुकी है कि जियो का आईपीओ अगले साल 2026 में आएगा। इसके बाद कंपनी की नजरें अपने रिटेल कारोबार पर हैं। कंपनी धीरे-धीरे अपने रिटेल सेगमेंट को मजबूत कर रही है और खराब प्रदर्शन करने वाले स्टोर्स को बंद करने का काम भी तेज कर दिया है।
री-स्ट्रक्चरिंग के जरिए मजबूती
रिलायंस ने हाल ही में अपने रिटेल कारोबार को नया आकार देना शुरू किया है। कंपनी ने एजीएम में एफएमसीजी और रिलायंस कंज्यूमर प्रोडक्ट्स को अलग कर दिया है, जो अब रिलायंस इंडस्ट्रीज की स्वतंत्र सब्सिडियरी के रूप में काम करेगी। इससे निवेशकों को स्पष्ट संकेत मिल रहा है कि रिटेल कारोबार को लिस्टिंग से पहले मजबूत आधार पर खड़ा किया जा रहा है।
निवेशकों को निकासी का मौका
अभी तक की जानकारी के अनुसार, 2027 में होने वाला रिलायंस रिटेल का आईपीओ कई बड़े विदेशी निवेशकों को एग्जिट का अवसर देगा। इनमें सिंगापुर की GIC, अबू धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी, कतर इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी, KKR, TPG और सिल्वर लेक जैसी दिग्गज कंपनियाँ शामिल हैं। आईपीओ के जरिए इन निवेशकों को बड़ी रकम निकालने का मौका मिलेगा।
शानदार परफॉर्मेंस और भविष्य की उम्मीद
वित्त वर्ष 2025 में रिलायंस रिटेल ने 38.7 बिलियन डॉलर का राजस्व हासिल किया और करीब 2.9 बिलियन डॉलर का ऑपरेशनल प्रॉफिट दर्ज किया। कंपनी का EBITDA मार्जिन 8.6% रहा जो जून तिमाही में बढ़कर 8.7% तक पहुँच गया। लिस्टिंग के बाद कंपनी का वैल्यूएशन 200 अरब डॉलर तक पहुँच सकता है, जिससे यह भारत ही नहीं बल्कि एशिया की सबसे बड़ी पब्लिक ऑफरिंग में गिनी जाएगी।
नोट: ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है और इसे किसी भी तरह से इंवेस्टमेंट सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। liveindia.news अपने पाठकों और दर्शकों को पैसों से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव देता है।