देश के बैंकिंग सेक्टर से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। Reserve Bank of India ने IDFC First Bank में सामने आए ₹590 करोड़ के फ्रॉड मामले पर अपनी निगरानी बनाए रखने की बात कही है। RBI के गवर्नर Sanjay Malhotra ने साफ कहा है कि यह मामला गंभीर जरूर है, लेकिन इससे देश की बैंकिंग व्यवस्था पर कोई व्यापक या सिस्टम लेवल का खतरा नहीं है।
RBI गवर्नर का बयान: हालात पर नजर है, घबराने की जरूरत नहीं
सोमवार, 23 फरवरी 2026 को नई दिल्ली में आयोजित एक अहम बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि RBI इस पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर रखे हुए है। उन्होंने दो टूक कहा कि यह मामला किसी एक बैंक की सीमित शाखा तक ही सीमित है और इससे पूरे बैंकिंग सिस्टम की सेहत पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
IDFC First Bank ने खुद किया खुलासा, चंडीगढ़ शाखा से जुड़ा मामला
IDFC First Bank ने रविवार, 22 फरवरी 2026 को इस धोखाधड़ी का खुलासा किया था। बैंक के मुताबिक, ₹590 करोड़ की यह वित्तीय अनियमितता Chandigarh स्थित एक शाखा में सामने आई है। इसमें कुछ बैंक कर्मचारियों और बाहरी लोगों की मिलीभगत से हरियाणा सरकार से जुड़े कुछ विशेष खातों में गड़बड़ी की गई।
हरियाणा सरकार से जुड़े खातों तक सीमित रहा फ्रॉड
बैंक ने स्पष्ट किया है कि यह धोखाधड़ी केवल Haryana सरकार से जुड़े कुछ चुनिंदा खातों तक ही सीमित है, जो चंडीगढ़ शाखा के माध्यम से संचालित हो रहे थे। बैंक ने यह भी जोर देकर कहा कि इस शाखा के अन्य ग्राहकों या बैंक की दूसरी शाखाओं पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ा है।
वित्त मंत्री के संबोधन के बाद आया RBI का बयान
यह बयान उस समय आया जब केंद्रीय वित्त मंत्री Nirmala Sitharaman ने बजट के बाद RBI के केंद्रीय बोर्ड को संबोधित किया। इस बैठक के बाद प्रेस ब्रीफिंग में जब गवर्नर से इस फ्रॉड को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने स्थिति को नियंत्रण में बताया और भरोसा दिलाया कि नियामक संस्था पूरी सतर्कता बरत रही है।
क्या आम खाताधारकों को चिंता करनी चाहिए? RBI का साफ संदेश
RBI और IDFC First Bank—दोनों ने साफ कर दिया है कि यह कोई सिस्टम फेल्योर नहीं बल्कि एक सीमित और पहचाना गया मामला है। नियामक एजेंसियां जांच में जुटी हैं और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। आम खाताधारकों के पैसे पूरी तरह सुरक्षित हैं और बैंकिंग सेवाएं सामान्य रूप से जारी रहेंगी।





