RJD में बड़ा संगठनात्मक फेरबदल: राबड़ी देवी बनीं उपाध्यक्ष, जगदानंद को प्रमोशन, शिवानंद तिवारी बाहर; लालू यादव ने चुनाव से पहले नई टीम का किया ऐलान
बिहार विधानसभा चुनावों से पहले राष्ट्रीय जनता दल (RJD) में एक बड़े संगठनात्मक बदलाव की घोषणा हुई है। पार्टी प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने खुद पार्टी की नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी और पदाधिकारियों की सूची जारी करते हुए कई पुराने चेहरों को प्रमोट किया और कुछ वरिष्ठ नेताओं को बाहर कर दिया है। यह निर्णय 5 जुलाई को हुई RJD की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के 20 दिन बाद लिया गया है, जिसमें लालू प्रसाद यादव को एक बार फिर से पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया था।
राबड़ी देवी को बड़ी जिम्मेदारी
आरजेडी के इस नए संगठन में पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया है। यह उनकी भूमिका में बड़ा विस्तार माना जा रहा है, जिससे यह संकेत भी मिलता है कि लालू यादव अब पार्टी को पारिवारिक नेतृत्व की ओर अधिक संगठित करने की दिशा में हैं।
जगदानंद सिंह का प्रमोशन, शिवानंद तिवारी की छुट्टी
अब तक बिहार आरजेडी के अध्यक्ष रहे जगदानंद सिंह को प्रमोट कर राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया है। वहीं, लंबे समय तक पार्टी के रणनीतिकार माने जाने वाले शिवानंद तिवारी को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पद से हटा दिया गया है, जिससे पार्टी के अंदर नए समीकरणों की चर्चा तेज हो गई है।
अन्य प्रमुख नियुक्तियां
अब्दुल बारी सिद्दीकी – राष्ट्रीय सेक्रेटरी जनरल
सुनील कुमार सिंह – राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष
जयप्रकाश नारायण यादव, भोला यादव, नील लोहित दास, ललित यादव, कुमार सर्वजीत, अभय सिंह, रेणु कुशवाहा समेत कई नेता – राष्ट्रीय महासचिव
यदुवंश यादव, भारत भूषण मंडल, विजय वर्मा, सुरेंद्र राम आदि – राष्ट्रीय सचिव
विभिन्न प्रकोष्ठों में भी नियुक्तियाँ
लालू यादव ने संगठन में प्रकोष्ठों के अध्यक्षों की भी घोषणा की, जिसमें युवाओं, महिलाओं, अल्पसंख्यकों और किसानों पर विशेष ध्यान दिया गया है।
कांति सिंह – राष्ट्रीय महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष
अभय कुशवाहा (MP) – राष्ट्रीय युवा प्रकोष्ठ अध्यक्ष
मोहम्मद अली अशरफ फातमी – राष्ट्रीय अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ अध्यक्ष
शिवचंद्र राम – अनुसूचित जाति एवं जनजाति प्रकोष्ठ अध्यक्ष
सुधाकर सिंह (MP, बक्सर) – राष्ट्रीय किसान प्रकोष्ठ अध्यक्ष
प्रो. नवल किशोर यादव – राष्ट्रीय छात्र प्रकोष्ठ अध्यक्ष
छात्र प्रकोष्ठ में शिक्षक का चयन
प्रोफेसर नवल किशोर की नियुक्ति को खास माना जा रहा है क्योंकि पहली बार किसी शिक्षक को छात्र प्रकोष्ठ की कमान दी गई है। यह बदलाव पार्टी की छवि को शिक्षित और संगठित दिशा देने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
क्या है राजनीतिक संदेश?
RJD की इस नई टीम में लालू यादव ने पुराने भरोसेमंद चेहरों के साथ-साथ युवा और अनुभवी नेताओं को भी जगह दी है। यह स्पष्ट संकेत है कि RJD आने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर न केवल रणनीतिक बल्कि सांगठनिक रूप से भी पूरी तरह तैयार है।
राबड़ी देवी और जगदानंद जैसे नेताओं की पदोन्नति से जहां पार्टी का परंपरागत वोट बैंक संतुष्ट किया गया है, वहीं युवा और क्षेत्रीय नेताओं को ज़िम्मेदारी सौंपकर RJD ने संतुलन की राजनीति को अपनाया है।
लालू यादव की इस नई टीम के ऐलान से यह साफ हो गया है कि पार्टी अब चुनावी मोड में पूरी तरह प्रवेश कर चुकी है। पार्टी के आंतरिक ढांचे में यह बड़ा फेरबदल न सिर्फ चुनाव की दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि इससे पार्टी के भीतर आने वाले समय में नेतृत्व और जिम्मेदारियों को लेकर नया संतुलन भी देखने को मिलेगा। राजनीतिक विश्लेषकों की मानें तो लालू यादव ने इस बदलाव के ज़रिए एक तीर से कई निशाने साधे हैं – संगठन को मजबूती, युवा नेतृत्व को मौका, और विरोधी दलों को यह संदेश कि RJD अभी भी पूरी ताकत से मुकाबले में मौजूद है।