महाशिवरात्रि से पहले नाग देवता ने बनाया इस घर में ठिकाना…दो कोबरा के साथ एक के बाद एक निकले इतने सांप…!

Rampur District Madiyal Kallu Village House 10 poisonous snakes Forest Department Rescue

महाशिवरात्रि का महापर्व नजदीक है। कहते हैं भगवान शिव को सर्प सबसे प्रिय हैं। मस्तक पर चंद्रमा, जटा से बहती गंगा, मृगशाला और गले में सांप। भगवान श‍िव का यह स्‍वरूप उनके भक्‍तों को खूब भाता है। भगवान शंकर के गले में एक सांप हमेशा ही नजर आता है, जो उनके शिव के गले में ल‍िपटा रहता है। लेकिन क्या हो यदि भगवान शिव को प्रिय यह सांप आपके घर में अपना डेरा जमा ले, वह भी पूरे परिवार के साथ। एक ऐसा ही मामला उत्तरप्रदेश के रामपुर में सामने आया है।

यहां एक ही घर से जब एक के बाद एक करके ज​हरिले सांप निकले तो लोगों में हड़कंप मच गया। अपने घर में 10 जहरीले सांप निकलने से वहां परिवार लोग दहशत में आ गए। दरअसल हम बात कर रहे हैं रामपुर जिले के मड़ियाल कल्लू गांव की। जहां एक दो नहीं पूरे 10 सांप निकले हैं। वन विभाग की टीम को इस घर से 10 जहरिले सांप मिले। जिनमें दो तो खतरनाक कोबरा भी शामिल है। जबकि 8 नॉन-वेनॉमस रैटस्नेक शामिल थे। वन विभाग की टीम ने सभी सांपों को घर से पकड़कर उनके प्राकृतिक क्षेत्र जंगल में सुरक्षित छोड़ दिया है। रामपुर के डीएफओ प्रणव जैन की माने तो भारत में मुख्य रूप से चार वेनॉमस प्रजातियाँ हैं। जिनमें कोबरा सबसे प्रमुख है।

डीएफओ जैन ने बताया कि रामपुर के मड़ियाल कल्लू नाम के इस गांव हैरान कर देने वाला मामला सामने आया। जहां एक ग्रामीण के घर में बड़ी संख्या में सांप होने की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम को मौके पर पहुंचाया गया और सभी सांपों को रेस्क्यू किया गया। जिनकी जांच की गई तो पता चला कि इनमें से दो तो बेहद खतरनाक कोबरा प्रजाति के हैं और बाकी आठ रैटस्नेक सांप थे।

वन विभाग की टीम ने किया सांपों का रेस्क्यू

डीएफओ जैन ने बताया कि वन विभाग की टीम ने मड़ियाल कल्लू गांव के इस घर से सभी सांपों का रेस्क्यू कर सुरक्षित रुप से जंगल में वापस छोड़ दिया है। इसके साथ ही स्थानीय ग्रामीणों को भी चेतावनी भी दी गई है कि इस तरह खतरनाक क्षेत्र में बगैर उचित जानकारी के प्रवेश न करें। प्रशासन की टीम ने यह आश्वासन भी दिया है कि भविष्य में भी ऐसी घटना होती है तो सूचना दे शीघ्रता से कार्रवाई की जाएगी। जिससे प्राकृतिक संतुलन बना रहे और ग्रामीण जनता की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

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