अयोध्या में 22 जनवरी को रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा होगी। पीएम नरेन्द्र मोदी इस भव्य आयोजन में शामिल होंगे। लिहाजा इस कार्यक्रम की तैयारी भी भव्य तरीके चल रही है। इस अवसर पर देश और विदेश की जानी-मानी हस्तियां अयोध्या में रहेंगी। ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था भी चाक चौबंद होनी चाहिए। इसी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इजराइल तकनीक से बनी एंट्री ड्रोन सिस्टम मशीन लगाई गई है जो पांच किलोमीटर की सुरक्षा करेगी। कार्यक्रम से पहले ही एनएसजी के कमांडो ने अयोध्या में डोरा डालने वाले हैं। वहां की पूरी सुरक्षा एनएसजी के जवान संभालेंगे। इसके अलावा स्थानीय बल की भी मदद ली जाएगी।
- अयोध्या में रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा
- 22 जनवरी को होगी प्राण-प्रतिष्ठा
- मौजूद होंगी देश-विदेश के जानी –मानी हस्तियां
- सुरक्षा की चाक-चौबंद व्यवस्था की गई
- एंटी ड्रोन सिस्टम मशीन लगाई गई
- इजराइल तकनीक से बनी है यह मशीन
- 5 किलोमीटर तक है इसकी मारक क्षमता
- किसी भी ड्रोन का पता करेंगी लोकेशन
- उसे मार गिराने में है सक्षम
22 जनवरी को अयोध्या में भगवान श्रीराम की प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में देश और विदेश की जानी मानी हस्तियां अयोध्या में रहेंगी। ऐसे में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और सीएम योगी आदित्यनाथ के साथ कई देशों के राष्ट्राध्यक्ष, समते सात हजार मेहमान की सुरक्षा पुलिस के हवाले है। इंटेलीजेंस के द्वारा मिल रही रिपोर्ट के आधार पर अयोध्या के आसपास सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए इजराइल तकनीक से बनी एंट्री ड्रोन सिस्टम मशीन के द्वारा पांच किलो मीटर की रेंज में उड़ रहे किसी भी ड्रोन को अपने कब्जे में लेने की क्षमता है। यह मशीन ड्रोन की लोकेशन को भी पता लगा सकती है। इसके साथ ही इसे मार गिराने में आगे है। किस तकनीकि से इस उड़ाया गया है कौन इस किस सिस्टम से ऑपरेट कर रहा है इसका पता आसानी से लगाया जा सकता है। एंटी ड्रोन सिस्टम के बारे में एसपी सिक्यूरिटी गौरव वंशवाल ने खास जानकारी दी है।
अयोध्या में सिक्योरिटी प्लान को लेकर बताया जा रहा है कि ऐसे इंतजाम किए जा रहे हैं कि जमीन ही नहीं पानी और हवा में भी सुरक्षा में कहीं चूक न रहेगी। एंटी ड्रोन सिस्टम से लेकर यहां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से लैस कमांड कंट्रोल सिस्टम तैनात किये गए हैं। वहीं फिजिकल चेकिंग और वेरिफिकेशन के साथ-साथ उच्चस्तरीय सुरक्षा तकनीक का भी उपयोग होगा। अयोध्या की सुरक्षा योजना प्लान में स्थानीय लोग और पुलिस बल का खास रोल होगा। व्यावसायिक प्रतिष्ठान हो या आम लोगों के घर। जहां भी घर या प्रतिष्ठानों के सामने सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। उन सबको पुलिस कंट्रोल रूम से अटैच किया गया है। यह कैमरे पुलिस के उन 1 हजार से अधिक सीसीटीवी कैमरों के नेटवर्क के अलावा हैं जो अलग-अलग क्षेत्र में सड़क और गलियों की निगरानी में लगाए गए हैं।
पुलिस से जुड़े रिक्शा, टैक्सी और होटल संचालक
इसी के साथ ही अयोध्या पुलिस की टीम फिजिकल इंटेलिजेंस की भी सहायता ले रही है। बड़ी संख्या में ऐसे लोगों से संपर्क कर उनको पुलिस की टीम ने अपने साथ जोड़ा है। जिनमें ई रिक्शा, टैक्सी, होटल संचालक, धर्मशाला और गेस्ट हाउस के कर्मचारी भी हैं। ऐसे लोगों को यह निर्देश दिए हैं कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधियों या संदिग्ध व्यक्ति के दिखाई देने पर तुरंत पुलिस को उसकी सूचना दें। यही नहीं अगर बिना परिचय पत्र के कोई भी व्यक्ति किसी होटल, धर्मशाला और लॉज के साथ आसपास के मंदिर में रुकता है तो वहां के कर्मचारी इसकी पुलिस को सूचना दें।
सुरक्षा के घेरे में सरयू
रामलला की प्राण प्रतिष्ठा वाले दिन देशभर के लगभग 5 हजार से अधिक साधु-संत धर्माचार्य भी अयोध्या पहुंचेंगे। प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में साधु संत मौजूद रहने वाले हैं। ऐसे में सरयू नदी की तरफ से भी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किये गये हैं। सुरक्षा का ढांचा मजबूत किया गया है। सरयू में जो भी बोट चल रही हैं। उनकी पहचान नाविकों की पहचान की गई है। नाव चलाने वाले नाविकों का विशेष वेरिफिकेशन किया जा रहा है। जल पुलिस की संख्या बढ़ाने के साथ ही सरयू की निगरानी करने के लिए जल पुलिस को अतिरिक्त हाई स्पीड मोटर बोट उपलब्ध कराई गई हैं। वहीं अयोध्या में उड़ने वाले संदिग्ध ड्रोन को नष्ट करने के लिए एंटी-ड्रोन सिस्टम तैनात किये गए हैं।